कांग्रेस का आरोप- जब देश शहीदों के शवों के टुकड़े चुन रहा था, मोदी चाय-नाश्ता कर रहे थे

4 वर्ष पहले
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  • कांग्रेस ने कहा- हमले के वक्त उत्तराखंड के नेशनल पार्क में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे प्रधानमंत्री
  • पार्टी ने कहा- दिल्ली में जब शहीदों की पार्थिव देह लाई गई, तब मोदी श्रद्धांजलि देने एक घंटा देरी से पहुंचे

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस के आरोप लगाने के बाद भाजपा ने गुरुवार को पलटवार किया। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस प्रवक्ताओं और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वर एक जैसे हैं। उनके बयानों से पाकिस्तान में इस समय खुशियां मनाई जा रहीं होंगी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘कांग्रेस के नेता पूछ रहे हैं कि आरडीएक्स कहां से आया। इंटेलिजेंस की रिपोर्ट शेयर कीजिए। भाव अलग हैं लेकिन उनके और इमरान के स्वर एक हैं। घटना हुई हमने पाकिस्तान को अलग-थलग किया। एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से उनके ट्रक सीमा पर अटके हैं। आतंकियों को भी परेशानी हो रही है। मुठभेड़ में जैश का हैंडलर मारा गया।’

 

कांग्रेस सर्जिकल स्ट्राइक पर तो सबूत मांगती है, लेकिन सिब्बल से नहीं : रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी से क्या उम्मीद करें, उन्होंने तो सर्जिकल स्ट्राइक के भी सबूत मांगे थे। आर्मी चीफ को निशाना बनाया था। लेकिन कपिल सिब्बल से सबूत नहीं मांगा जो लंदन में देश की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे व्यक्ति की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। प्रधानमंत्री पर शर्मिंदगी भरे आरोप लगाए गए हैं। मोदीजी रामगढ़ में ऑफिशियल प्रोग्राम में गए थे। मौसम खराब था तो उन्होंने वहीं से मीटिंग की। देश में शोक है। हमारे सारे मंत्री शहीदों की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।’

 

देश को नरेंद्र मोदी पर भरोसा : केंद्रीय मंत्री

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस आतंकियों को क्या दिखाना चाहती है। मोदी झांसी गए, क्योंकि देश रुके नहीं। हम चाहते हैं कि देश न कभी झुके या न रुके। हमारे प्रधानमंत्री के बारे में काफी घटिया बातें कही गईं। राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल है, क्या हमने उसे मुद्दा बनाया। आपको याद रखना चाहिए कि केदारनाथ त्रासदी के बाद राहुल गांधी के लिए आईटीबीपी का कैंप खाली कराया गया था। कांग्रेस कृपया सेना का मनोबल न तोड़े। हमारे सैनिकों को देखकर गर्व होता है, लोग सैल्यूट करते हैं। कांग्रेस सुन ले देश नरेंद्र मोदी पर भरोसा करता है।’

 

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस चाहती क्या है कि सारा ऑपरेशन बता दिया जाए? जवान कहीं भी जाएं तो क्या सड़क के रास्ते न जाए? 2015 से 18 के बीच कश्मीर में 728 आतंकी मारे गए। 2011 से 14 के बीच 339 मारे गए थे। आतंकियों को मारने के लिए सेना के हाथ खोल दिए गए।’

 

देश शहीदों के टुकड़े चुन रहा था, मोदी जिंदाबाद के नारे लग रहे थे : रणदीप सुरजेवाला

इससे पहले सुबह कांग्रेस ने पुलवामा हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि हमले के वक्त मोदी जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में डिस्कवरी चैनल के मुखिया के साथ घड़ियालों के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शहीदों के अपमान का जो उदाहरण मोदी ने पेश किया ऐसा पूरी दुनिया में नहीं दिखता। जब देश शहीदों के शवों के टुकड़े चुन रहा था, तब मोदी चाय-नाश्ता कर रहे थे।

 

सुरजेवाला के मुताबिक, \"दिनभर कॉर्बेट पार्क का भ्रमण करने के बाद गुरुवार शाम पौने सात बजे उनका काफिला धनगढ़ी गेट से निकला। इसी दिन दोपहर 3.10 बजे पर हमला हुआ। मोदी ने वहां अधिकारियों से चर्चा की। जैसे ही धनगढ़ी गेट से उनका काफिला निकला, लोगों ने मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए। देश हमारे शहीदों के टुकड़े चुन रहा था और प्रधानमंत्री अपने नाम के नारे लगवा रहे थे। पूरे देश के चूल्हे बंद थे और प्रधानमंत्री 7 बजे चाय नाश्ते का आनंद ले रहे थे। इससे ज्यादा अमानवीय व्यवहार किसी प्रधानमंत्री का नहीं हो सकता।\"
 

\'प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की\'

सुरजेवाला ने एक फोटो दिखाते हुए कहा, \"उनकी (मोदी की) शाम की नौका विहार की फोटो स्थानीय अखबारों में छपी हैं। एक और पीड़ादायक बात यह भी है कि पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की। क्योंकि सरकारी खर्चे पर की जाने वाली सभाएं और योजनाएं बंद न हो जाएं। 16 फरवरी 2019 को शहीदों के ताबूत उनके कफन दिल्ली एयरपोर्ट पर थे। मोदी वहां झांसी से 1 घंटा लेट पहुंचे। वे पहले अपने घर गए, फिर वहां से एयरपोर्ट पहुंचे।\"

 
\"भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य साक्षी महाराज एक शहीद के कार्यक्रम में हंस रहे थे। सरकार के पर्यटन मंत्री ने तो शहीद की डेडबॉडी के साथ सेल्फी भी ली। मोदीजी अब दो दिन की साउथ कोरिया यात्रा पर चले गए हैं। ऐसे समय जब पूरा देश पुलवामा हमले की पीड़ा से गुजर रहा है, वे विदेश दौरे पर हैं।\"

 

कांग्रेस ने पूछे 5 सवाल
1. आप अपनी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और गृहमंत्री की विफलता के लिए जिम्मेदारी क्यों नहीं स्वीकार करते?
2. आतंकियों को सैकड़ों किलोग्राम, कार्बाइन और लॉन्चर कहां से मिले? विस्फोटक ले जा रही कार को सैनिटाइज्ड जोन में अंदर जाने की अनुमति कैसे मिली?
3. सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद की चेतावनी को नजरअंदाज कैसे कर दिया?

4. सरकार द्वारा सीआरपीएफ के जवानों को एयरलिफ्ट करने की अपील को क्यों ठुकराया गया? क्या इस काफिले के आगे बढ़ने से पहले खराब मौसम के चलते जवान यहां फंसे नहीं रहे? क्या उनकी जिंदगी बच नहीं सकती थी? 

5. सरकार के 56 महीनों में 488 जवान शहीद क्यों हुए? नोटबंदी से आतंकी हमले बंद क्यों नहीं हुए?

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