राफेल / सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकार बंद लिफाफे में जवाब दे कि कैसे हुई यह डील

Rafale aircraft Deal Supreme Court sought report from government
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राफेल का फ्रेंच में मतलब तूफान होता है। -फाइल राफेल का फ्रेंच में मतलब तूफान होता है। -फाइल
राफेल विमान एक मिनट में 60 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। -फाइल राफेल विमान एक मिनट में 60 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। -फाइल
इसकी रेंज 3700 किमी है। यानी एक बार ईंधन भरने पर यह इतनी दूरी तक जा सकता है। -फाइल इसकी रेंज 3700 किमी है। यानी एक बार ईंधन भरने पर यह इतनी दूरी तक जा सकता है। -फाइल
राफेल जंगी जहाज से भी उड़ान भर सकता है। -फाइल राफेल जंगी जहाज से भी उड़ान भर सकता है। -फाइल
राफेल में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। -फाइल राफेल में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। -फाइल
यह विमान 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। -फाइल यह विमान 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। -फाइल
राफेल आने के बाद भारतीय राफेल से नई स्क्वॉड्रन खड़ी हो सकेगी। -फाइल राफेल आने के बाद भारतीय राफेल से नई स्क्वॉड्रन खड़ी हो सकेगी। -फाइल
राफेल की मदद से कई तरह की मिसाइलों से हमला किया जा सकता है। -फाइल राफेल की मदद से कई तरह की मिसाइलों से हमला किया जा सकता है। -फाइल
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Rafale aircraft Deal Supreme Court sought report from government
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राफेल का फ्रेंच में मतलब तूफान होता है। -फाइलराफेल का फ्रेंच में मतलब तूफान होता है। -फाइल
राफेल विमान एक मिनट में 60 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। -फाइलराफेल विमान एक मिनट में 60 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। -फाइल
इसकी रेंज 3700 किमी है। यानी एक बार ईंधन भरने पर यह इतनी दूरी तक जा सकता है। -फाइलइसकी रेंज 3700 किमी है। यानी एक बार ईंधन भरने पर यह इतनी दूरी तक जा सकता है। -फाइल
राफेल जंगी जहाज से भी उड़ान भर सकता है। -फाइलराफेल जंगी जहाज से भी उड़ान भर सकता है। -फाइल
राफेल में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। -फाइलराफेल में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। -फाइल
यह विमान 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। -फाइलयह विमान 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। -फाइल
राफेल आने के बाद भारतीय राफेल से नई स्क्वॉड्रन खड़ी हो सकेगी। -फाइलराफेल आने के बाद भारतीय राफेल से नई स्क्वॉड्रन खड़ी हो सकेगी। -फाइल
राफेल की मदद से कई तरह की मिसाइलों से हमला किया जा सकता है। -फाइलराफेल की मदद से कई तरह की मिसाइलों से हमला किया जा सकता है। -फाइल

  • कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने इस सौदे में भ्रष्टाचार किया
  • राहुल गांधी का आरोप- मोदी के कहने पर ही रिलायंस को राफेल डील में दैसो कंपनी का साझेदार बनाया गया

Oct 10, 2018, 02:38 PM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से फ्रांस के साथ हुई राफेल एयरक्राफ्ट डील पर जवाब मांगा। केंद्र से पूछा कि सरकार ने कैसे राफेल डील की, इसके बारे में पूरी जानकारी 29 अक्टूबर तक सीलबंद लिफाफे में दी जाए। इस संबंध में एक जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इस पर अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।

 

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कोर्ट ने कहा- कीमत या तकनीकी विवरण नहीं चाहिए

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने साफ कहा है कि वह सैन्य बल के लिए राफेल विमानों की उपयुक्तता पर कोई राय नहीं देना चाह रहे। 

बेंच ने कहा, ‘‘हम सरकार को कोई नोटिस जारी नहीं कर रहे हैं, हम केवल फैसला लेने की प्रक्रिया की वैधता से संतुष्ट होना चाहते हैं। अदालत को विमान की कीमत और सौदे के तकनीकी विवरणों से जुड़ी सूचनाएं नहीं चाहिए।’’

Rafale

 

राफेल सौदे पर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को घेर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह डील महंगी है और इसमें घोटाला हुआ है। राहुल गांधी का आरोप है कि मोदी के कहने पर ही रिलायंस को राफेल डील में दैसो कंपनी का साझेदार बनाया गया।

सितंबर 2016 में भारत-फ्रांस के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए डील हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सौदा 7.8 करोड़ यूरो (करीब 58,000 करोड़ रुपए) में फाइनल हुआ।

इस समझौते में राफेल विमानों के रख-रखाव का जिम्मा भारत की कंपनियों को सौंपा जाना है। इसी के तहत दैसो एविएशन ने अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस के साथ समझौता किया। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि दैसो ने खुद तकनीक के ट्रांसफर की आशंका के चलते एचएएल के साथ समझौते से इनकार कर दिया था।

इस मामले में दो वकीलों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। केंद्र ने इन याचिकाओं का यह कहते हुए विरोध किया कि इसके पीछे इरादा राजनीतिक लाभ लेना है। 

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट में कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और न्यायिक रूप से इसकी समीक्षा नहीं की जा सकती।

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