पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Dainik Bhaskar Big News; Rahul Gandhi Admitted That Imposing Emergency Was A Big Mistake To Rahul Gandhi In Conversation With Prof Kaushikc Basu Of Cornell University Latest News And Updates Today

राहुल ने दादी के फैसले को गलत बताया:कांग्रेस सांसद बोले- आपातकाल का फैसला गलत था, लेकिन तब जो हुआ और आज जो हो रहा, उसमें फर्क है

4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल को गलत बताया है। काॅर्नेल यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में बुधवार को प्रोफेसर कौशिक बसु के साथ वर्चुअल डिस्कशन में राहुल ने ये बात कही। हालांकि, उन्होंने यह बात मौजूदा मोदी सरकार के संदर्भ में कही। राहुल ने कहा कि इमरजेंसी एक गलती थी, पर उस वक्त जो हुआ और आज जो देश में हो रहा है, दोनों में फर्क है।

LIVE डिस्कशन में राहुल ने की दिल की बात..

कांग्रेस संवैधानिक ढांचे को नहीं हथियाती
राहुल ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी कभी भी मौके पर भारत के संवैधानिक ढांचे को हथियाने की कोशिश नहीं करती है। हमारी पार्टी का ढांचा हमें इसकी इजाजत ही नहीं देता। अगर हम चाहे भी कि ऐसा कर दें तो हम नहीं कर सकते।'

आज हर संस्थान पर एक विचारधारा के लोगों का कब्जा
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने कभी भी संस्थानों का फायदा उठाने की कोशिश नहीं की। वर्तमान सरकार भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। हर संस्था की स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है। RSS हर जगह घुसपैठ कर रहा है। कोर्ट, इलेक्शन कमीशन जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर एक ही आइडियोलॉजी के लोगों का कब्जा है। मीडिया से लेकर कोर्ट तक को निशाना बनाया जा रहा है।'

राहुल ने कहा, 'संसद में डिबेट के दौरान माइक बंद कर दिया जाता है। हमें संसद में बोलने नहीं दिया जाता है। लोकतंत्र पर पूरी तरह से हमला किया जा रहा है। मणिपुर में राज्यपाल BJP की मदद कर रहे हैं, पडुचेरी में उपराज्यपाल ने कई बिल को पास नहीं होने देना, क्योंकि वो RSS से जुड़ी थीं। मिस्र में एक कॉन्फ्रेंस में मैं गया, वहां एक राजनीतिक कॉन्फ्रेंस में जज बैठे हुए थे। इसका मतलब था कि वहां एक ही संस्थान काम कर रहा था, भारत में अभी कुछ ऐसी ही स्थिति है।'

भाजपा से आंतरिक लोकतंत्र पर कोई सवाल नहीं करता
राहुल बोले, 'मैं पहला आदमी था, जिसने कहा कि पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक चुनावों को बेहद जरूरी बताया था, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि ये सवाल किसी भी दूसरी पार्टी से नहीं पूछा जाता है। कोई नहीं पूछता है कि भाजपा, बसपा और समाजवादी पार्टी में आतंरिक लोकतंत्र क्यों नहीं है, लेकिन कांग्रेस से ये सवाल होता है और इसके पीछे वजह है। हम विचारधारा वाली पार्टी हैं और हमारी विचारधारा देश के संविधान की विचारधारा है। ऐसे में हमारे लिए लोकतांत्रिक रहना बेहद जरूरी है।'

मुझ पर मेरी ही पार्टी के लोगों ने हमला किया
उन्होंने कहा, 'मैं ही वो व्यक्ति था, जिसने युवा संगठन और स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन में चुनावों को बढ़ावा दिया और इसके लिए मीडिया में मेरी आलोचना हुई। मुझे वाकई ये चुनाव करवाने के लिए सूली पर चढ़ा दिया गया है। मुझ पर मेरी ही पार्टी के लोगों ने हमला किया।'

खबरें और भी हैं...