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राफेल / देश के नहीं, अनिल अंबानी के चौकीदार हैं मोदी: राहुल गांधी



राहुल गांधी राफेल डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं। -फाइल राहुल गांधी राफेल डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं। -फाइल
Rahul Gandhi Attack on PM Modi over Rafale Deal Said Anil Ambani Chowkidar
Rahul Gandhi Attack on PM Modi over Rafale Deal Said Anil Ambani Chowkidar
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राहुल गांधी राफेल डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं। -फाइलराहुल गांधी राफेल डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं। -फाइल
Rahul Gandhi Attack on PM Modi over Rafale Deal Said Anil Ambani Chowkidar
Rahul Gandhi Attack on PM Modi over Rafale Deal Said Anil Ambani Chowkidar

  • कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- देश के प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं, राफेल पर जवाब दें, नहीं तो इस्तीफा दें
  • राहुल ने कहा- खुद प्रधानमंत्री ने अनिल अंबानी को कंपनसेशन दिलवाया
  • राहुल का सवाल- रक्षा मंत्री को अचानक फ्रांस क्यों भेजा गया?

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2018, 03:09 PM IST

नई दिल्ली. राफेल विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को फिर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भ्रष्ट बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अनिल अंबानी को राफेल का कॉन्ट्रैक्ट दिलाकर 30 हजार करोड़ रुपए उनकी जेब में डाले। वे देश के नहीं, अंबानी के चौकीदार हैं। अगर मोदी राफेल डील में भ्रष्टाचार को लेकर जवाब नहीं दे पा रहे हैं तो इस्तीफा दें। उधर, फ्रांस की एक मैगजीन ने राफेल बनाने वाली दैसो के आंतरिक दस्तावेजों के हवाले से दावा किया कि कंपनी के पास रिलायंस के अलावा दूसरा विकल्प नहीं था। हालांकि, दैसो ने इससे इनकार किया है।

 

 

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राहुल गांधी ने कहा, ''दैसो एविएशन के सीनियर एक्जीक्यूटिव और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कह दिया है कि अनिल अंबानी को 30% हर्जाना दिया गया। अभी रक्षा मंत्री फ्रांस क्यों गई हैं? अनिल अंबानी कर्ज में हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री ने 30 हजार करोड़ रुपए उनकी जेब में डाले। युवा बेरोजगार हैं और प्रधानमंत्री अंबानी की चौकीदारी कर रहे हैं। इस डील में साफ तौर पर भ्रष्टाचार हुआ है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने मुझे बताया था कि राफेल में कोई गोपनीयता की शर्त नहीं थी। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति भी कह चुके हैं कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं।''

 

अपने वादों पर चुप क्यों हैं मोदी?

उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री अपने वादों पर कुछ बोलते नहीं हैं। देश में मुख्य मुद्दा भ्रष्टाचार है, इस पर जवाब नहीं दे पा रहे हैं तो इस्तीफा देना चाहिए। दैसो के आंतरिक दस्तावेजों से एक के बाद एक सच्चाई सामने आ रही है। एक बात साफ है कि नरेंद्र मोदी भ्रष्ट हैं। यह इकलौता कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, दूसरे भी सामने आएंगे। हम राफेल पर भ्रष्टाचार की जांच कराना चाहते हैं, लेकिन अरुण जेटली ने जेपीसी की मांग ठुकरा दी।''

 

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रिलायंस के अलावा कोई विकल्प नहीं था: मैगजीन का दावा

उधर, फ्रांस की इन्वेस्टिगेटिव मैगजीन मीडियापार्ट ने बुधवार को दावा किया कि रिलायंस डिफेंस से समझौता करने के अलावा दैसो के पास कोई और विकल्प नहीं था। दैसो के आंतरिक दस्तावेज से इसकी पुष्टि होती है। हालांकि, दैसो ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी ने स्वतंत्र रूप से रिलायंस का चयन किया। इसके लिए कोई दबाव नहीं था।

 

भारत-फ्रांस सरकार ने नकारा था ओलांद का दावा

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने बयान दिया था कि भारत सरकार ने ही रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था। ऐसे में दैसो के पास भारत की दूसरी रक्षा कंपनी चुनने का विकल्प नहीं था। पिछले महीने फ्रांस सरकार और दैसो ने ओलांद के दावे को खारिज कर दिया था। वहीं, भारतीय रक्षा मंत्रालय ने भी ओलांद के दावे को विवादास्पद और गैरजरूरी बताया था। मंत्रालय ने कहा था कि भारत ने ऐसी किसी कंपनी का नाम नहीं सुझाया था। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, समझौते में शामिल फ्रेंच कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का 50% भारत को बतौर ऑफसेट या री-इंवेस्टमेंट देना था।

 

59 हजार करोड़ का है यह सौदा
भारत ने फ्रांस की दैसो एविएशन की साथ 36 राफेल फाइटर जेट की डील की है। इसका बजट 59 हजार करोड़ रुपए है। इस डील में मेंटेनेंस पार्टनर भारत की प्राइवेट कंपनी रिलायंस डिफेंस है।

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