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ED ने राहुल को आज फिर बुलाया:4 दिन में 42 घंटे पूछताछ कर चुकी है एजेंसी, कई सवालों से संतुष्ट नहीं हुए जांच अधिकारी

नई दिल्ली2 महीने पहले
राहुल को ED ऑफिस में छोड़ने के बाद प्रियंका जंतर-मंतर की ओर जा रही थीं। रास्ते में उन्हें एक युवक मिला, जिसके कपड़ों में राहुल की फोटो छपी थी। प्रियंका ने अपने सुरक्षा अधिकारियों से उसे बुलवाकर कार में बैठा लिया और साथ में ले गईं। - Dainik Bhaskar
राहुल को ED ऑफिस में छोड़ने के बाद प्रियंका जंतर-मंतर की ओर जा रही थीं। रास्ते में उन्हें एक युवक मिला, जिसके कपड़ों में राहुल की फोटो छपी थी। प्रियंका ने अपने सुरक्षा अधिकारियों से उसे बुलवाकर कार में बैठा लिया और साथ में ले गईं।

नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को फिर बुलाया है। सोमवार को राहुल से करीब 12 घंटे पूछताछ की गई। वह देर रात करीब 12 बजे ED ऑफिस से बाहर निकले। बीते 4 दिनों में ED राहुल से करीब 42 घंटे की पूछताछ कर चुकी है। इसी मामले में ED कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से 23 जून को सवाल करेगी।

राहुल करीब 11:15 बजे ED के दफ्तर पहुंचे थे। राहुल तुगलक रोड स्थित घर से निकले तो उनके साथ कार में प्रियंका वाड्रा भी थीं। राहुल से ED की टीम पिछले हफ्ते सोमवार​​​​​ से बुधवार तक लगातार 3 दिन में 30 घंटे पूछताछ कर चुकी है। शुक्रवार को भी उन्हें ED के सामने पेश होना था, लेकिन सोनिया गांधी की सेहत का हवाला देकर उन्होंने सोमवार तक की मोहलत मांगी थी।

पहले हुई पूछताछ में ED अधिकारी राहुल के जवाबों से असंतुष्ट नजर आए। वहीं राहुल गांधी ने कहा- लगता है अब यहां रोज आना पड़ेगा, क्योंकि पूछताछ लंबी चलेगी।

नेशनल हेराल्ड केस में राहुल के अलावा सोनिया गांधी, सुमन दुबे और सैम पित्रौदा भी आरोपी हैं। दो आरोपी ऑस्कर फर्नांडिस और मोतीलाल वोरा का निधन हो चुका है। (राहुल से ED के सवालों पर विस्तार से खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...)

कांग्रेस नेताओं का सत्याग्रह

कांग्रेस नेताओं ने जंतर-मंतर पर राहुल से पूछताछ के साथ अग्निपथ योजना का भी विरोध किया।
कांग्रेस नेताओं ने जंतर-मंतर पर राहुल से पूछताछ के साथ अग्निपथ योजना का भी विरोध किया।

राहुल गांधी से ED की पूछताछ के खिलाफ कांग्रेसियों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया। जंतर मंतर पर सत्याग्रह में मल्लिकार्जुन खड़गे, सलमान खुर्शीद, के सुरेश, वी नारायणसामी आदि नेता शामिल रहे।

अब तक 50% ही सवाल हो पाए
राहुल गांधी से 3 दिन की पूछताछ में सिर्फ 50% सवाल ही पूछे जा सके हैं। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में ED अफसर उनके जवाबों से असंतुष्ट नजर आए। पूछताछ में राहुल ने यंग इंडिया लिमिटेड को नो प्रॉफिट नो लॉस वाली कंपनी बताया। ED अधिकारियों ने सामाजिक कार्यों को गिनाने को कहा, जो इस कंपनी के जरिए किए गए।

2015 में हुई थी ED की एंट्री
2015 में इस केस में ED की एंट्री हुई थी। ED ने मई के अंतिम हफ्ते में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। हालांकि, इससे पहले अप्रैल में कांग्रेस के 2 दिग्गज नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन बंसल से भी ED पूछताछ कर चुकी है।

मोतीलाल वोरा का नाम आने पर उनके बेटे ने कहा- राहुल ऐसे आरोप नहीं लगा सकते

एक इंटरव्यू में मोतीलाल वोरा के बेटे अरुण वोरा ने कहा - राहुल गांधी इस तरह मेरे पिता पर आरोप नहीं लगा सकते।
एक इंटरव्यू में मोतीलाल वोरा के बेटे अरुण वोरा ने कहा - राहुल गांधी इस तरह मेरे पिता पर आरोप नहीं लगा सकते।

ED की पूछताछ के दौरान राहुल गांधी के बयानों पर मोतीलाल वोरा के बेटे अरुण वोरा ने प्रतिक्रिया दी। दरअसल, कहा जा रहा है कि नेशनल हेराल्‍ड केस में पूछताछ के दौरान राहुल गांधी ने ट्रांजैक्शन में पार्टी के दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा का नाम लिया था। राहुल गांधी के मुताबिक, AJL और यंग इंडिया के बीच हुई लेनदेन के तमाम ट्रांजैक्शन मोतीलाल वोरा ही देखते थे।

एक इंटरव्यू में अरुण वोरा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका मानना ​​​​है कि राहुल गांधी उनके पिता के खिलाफ इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते। ये निराधार आरोप हैं। कांग्रेस नेतृत्व गलत नहीं हो सकता और न ही वोराजी। पढ़े पूरी खबर...

नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था।

आरोप के मुताबिक, इन कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड, यानी YIL नाम का आर्गनाइजेशन बनाया और उसके जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली असोसिएटेड जर्नल लिमिटेड, यानी AJL का अवैध तरीके से अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ऐसा दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की 2000 करोड़ रुपए की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था।