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राहुल के उत्तर vs दक्षिण वाले बयान पर बवाल:स्मृति ने एहसान फरामोश बताया, सिब्बल की नसीहत- वोटर कहीं का भी हो, उसे इज्जत देनी चाहिए

नई दिल्ली4 महीने पहले

कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी के बयान पर बवाल मचा हुआ है। उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीति पर दिए गए राहुल के बयान पर भाजपा ने उन्हें एहसान फरामोश बताया। कई केंद्रीय मंत्रियों ने राहुल पर निशाना साधते हुए उन्हें अवसरवादी बताया और कहा कि उन्होंने उत्तर भारतीयों का अनादर किया है। इस बीच कांग्रेस ने राहुल का बचाव करते हुए कहा कि यह उनकी निजी राय है। वह लोगों से अपना व्यक्तिगत अनुभव शेयर कर रहे थे।

वहीं, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने राहुल को नसीहत दी। उन्होंने भाजपा पर बंटवारे की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि मतदाता चाहे उत्तर भारत का हो या फिर दक्षिण भारत का सभी मतदाताओं को वोट देने की समझ है। मैं कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। मतदाता कहीं का भी हो उसे इज्जत देनी चाहिए।

राहुल के इस बयान पर बवाल
राहुल ने मंगलवार को तिरुवनंतपुरम में कहा था कि पहले 15 साल मैं उत्तर भारत से एक सांसद था। मुझे एक अलग प्रकार की राजनीति की आदत थी। मेरे लिए केरल आना बहुत रिफ्रेशिंग था, क्योंकि मुझे अचानक पता चला कि यहां के लोग मुद्दों में रुचि रखते हैं और न केवल सतही रूप से बल्कि मुद्दों के बारे में विस्तार से जानकारी भी रखते हैं। राहुल के इस बयान ने उत्तर भारत बनाम दक्षिण भारत की बहस छेड़ दी।

भाजपा नेताओं ने कसा तंज

  • केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इस तरह के व्यक्ति के बारे में लोकप्रिय कहावत है- थोथा चना बाजे घना। स्मृति ने 2019 में पिछले आम चुनाव में राहुल को उनके पारिवारिक गढ़ माने जाने वाले अमेठी में हराया था। हालांकि वे केरल के वायनाड से जीत गए थे।
  • भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कुछ दिन पहले राहुल पूर्वोत्तर में थे, भारत के पश्चिमी हिस्से के खिलाफ जहर उगल रहे थे। अब वे दक्षिण में उत्तर के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। विभाजन और शासन की राजनीति काम नहीं करेगी राहुल गांधीजी! लोगों ने इस राजनीति को खारिज कर दिया है। देखें गुजरात में क्या हुआ!
  • केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अमेठी के लोगों ने आपके पूरे परिवार को इतने मौके दिए हैं। अगर आप अच्छे हैं तो भारत के हर हिस्से के लोग अच्छे हैं।
  • केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जिन्हें अपनी लोकसभा सीट बचाने के लिए केरल जाना पड़ा, उन्होंने उत्तर भारतीयों की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा दिया। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने ईमानदारी से उनके परिवार को पीढ़ियों से वोट दिया है।
  • विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि मैं दक्षिण से आता हूं। मैं पश्चिमी राज्य से एक सांसद हूं। मैं उत्तर में पैदा हुआ, शिक्षित हुआ और काम किया। मैंने दुनिया के सामने पूरे भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारत एक है। किसी भी क्षेत्र को कमतर नहीं समझे। हमें कभी विभाजित न करें।
  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि हमारे और जनता के लिए पूरा देश एक है। कांग्रेस भारत को उत्तर और दक्षिण में बांटना चाहती है, जनता ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी। राहुल जी ने पहले उत्तर भारत को कांग्रेस मुक्त किया, अब वे दक्षिण की ओर चले हैं।

राहुल माफी मांगे- अदिति सिंह
रायबरेली से कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह ने भी राहुल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस अमेठी से आपने राजनीति की ABCD सिखाई। जिसने आपको दिल्ली पहुंचाया और आपके पूवर्जों को सम्मान दिया। उस अमेठी और खासकर उत्तर भारत को लेकर दिया गया आपका बयान निंदनीय है। आप दूसरे दलों पर विभाजन का आरोप लगाते हैं, लेकिन ये काम आप खुद कर रहे हैं। गलती इंसान से ही होती है। राहुल को अमेठी और उत्तर भारत के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस ने बचाव किया
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने भारत की जनता से एक स्पष्ट आह्वान किया है कि वह राज्य या केंद्र में लोगों के लिए सर्वोपरि मुद्दों के बारे में सरकार से सवाल करे और भाजपा द्वारा बेची जा रहे सतही 'टूलकिट' स्टोरी को नजरअंदाज करे।

उन्होंने कहा कि देश के सामने मुद्दा यह है कि जीडीपी शून्य है, सभी छोटे और मध्यम व्यवसाय समाप्त हो रहे हैं, संविधान पर हमला हो रहा है, लोग विरोध का अधिकार खो चुके हैं। सरकार को मुद्दों पर जवाब देना होगा।

वहीं, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि राहुल शायद अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा कर रहे थे। वे भारत के किसी पार्ट का अपमान नहीं कर रहे थे। उन्होंने किस संदर्भ में यह बात कही, यह वह ही स्पष्ट कर सकते हैं। इसके बाद ही सारी गलतफहमी दूर होगी।

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