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कश्मीर / अनुच्छेद 370 खत्म करने पर राहुल बोले- देश लोगों से बनता है, जमीन के टुकड़े से नहीं



Rahul Gandhi's Tweet Reaction After Narendra Modi Government Article 370 Article 35A  Jammu Kashmir Article 370 Scrapped
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  • राहुल गांधी ने कहा- कार्यकारी शक्तियों के दुरुपयोग से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा
  • शाह ने कहा था- अनुच्छेद 370 के कारण घाटी में आतंकवाद पनप रहा था
     

Dainik Bhaskar

Aug 06, 2019, 05:32 PM IST

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा- राष्ट्रीय एकीकरण का मतलब जम्मू-कश्मीर को तोड़ना, चुने गए प्रतिनिधियों को जेल में बंद कर देना और संविधान का उल्लंघन करना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह देश यहां के लोगों से बना है, न कि जमीन के टुकड़े से। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए ताकत का यह गलत इस्तेमाल है।

 

 

इससे पहले सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने का संकल्प पेश किया। इसके बाद सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया। अनुच्छेद 370 को हटाया गया। अब से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश होंगे। शाह ने सदन में यह स्पष्ट किया था कि उचित समय आने पर इन केंद्रशासित प्रदेशों को राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा। 

 

शाह ने लोकसभा में अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव रखा
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पेश करते वक्त शाह की कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से तीखी बहस भी हुई। दरअसल, चौधरी ने कहा था कि कश्मीर मामला संयुक्त राष्ट्र में लंबित है और ऐसे में यह अंदरूनी मामला कैसे हो सकता है? शाह ने जवाब दिया कि अगर हमने कोई िनयम तोड़ा हो तो आप उसे बताएं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पीओके और अक्साई चिन भी हैं। इसके लिए हम जान दे देंगे।

 

राज्य के पुनर्गठन में दिक्कतें थीं
केंद्र ने 70 साल पुराने अनुच्छेद 370 को इसलिए निष्प्रभावी किया, क्योंकि इससे राज्य का पुनर्गठन नहीं किया जा सकता था। अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला हुआ था। संसद से पारित कई कानून इस राज्य में लागू नहीं हो पाते थे। 

 

पक्ष में 125 और विरोध में 61 वोट पड़े
केंद्र सरकार रक्षा, विदेश और संचार जैसे अहम विषयों को छोड़कर राज्य के बाकी मामलों में दखल नहीं दे सकती थी। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक राज्यसभा से सोमवार को पास हुआ। इस विधेयक के पक्ष में 125 और विरोध में 61 वोट पड़े। जम्मू-कश्मीर दिल्ली की तरह विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनेगा, लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।

 

 

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