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डस्टबिन से वैक्सीन मिलने पर हड़कंप:राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने खबर को झूठा बताया; भास्कर के पास कचरे में पड़ी 500 वायल का फोटो इसका सबूत

जयपुर4 महीने पहले
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दैनिक भास्कर ने राजस्थान में टीके की बर्बादी का सच दिखाया, तो जिम्मेदार उस सच पर ही सवाल उठाने लगे। 31 मई को भास्कर ने खबर ब्रेक की थी कि प्रदेश के 8 जिलों के 35 वैक्सीनेशन सेंटरों के कचरे में वैक्सीन की 500 वायल मिली हैं, जिनमें 2500 से भी ज्यादा डोज हैं।

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इस पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने सोशल मीडिया पर कहा कि दैनिक भास्कर अखबार में डस्टबिन में वैक्सीन मिलने की खबर पूरी तरह तथ्यों से परे और भ्रामक है। वायल्स का उपयोग करने के बाद इन्हें नियमानुसार संबंधित चिकित्सा संस्थान में ही जमा करवाया जाता है।

अगर ऐसा है तो तस्वीर को गौर से देखिए। भास्कर ने ऐसे ही कचरा पात्रों से 500 वायल उठाईं। इनमें बाकायदा बैच नंबर और लगाने की तारीख तक दर्ज है। इनकी जांच करके सिस्टम के सुराख बंद करने की बजाय स्वास्थ्य मंत्री संबंधित पत्रकार पर ही कार्रवाई करने की बात कर रहे है।

टोंक के स्वास्थ्य केंद्र में खाली वायल जलाई भी गईं
भास्कर टीम की पड़ताल के दौरान 28 मई को टोंक जिले के लांबा हरिसिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास नाले में जली हुई वैक्सीन भी मिलीं। वहां मौजूद डॉक्टर से जब खाली वायल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जली हुई वायल दिखाते हुए कहा, 'खाली वायल तो हमने जला दीं।'

डॉक्टर बोले- हमारे पास वायल संभालकर रखने के आदेश नहीं
भास्कर रिपोर्टर ने जब उनसे कहा कि अगर किसी व्यक्ति को दिक्कत हो गई, तो कैसे पता चलेगा कि किस बैच की वैक्सीन लगी थी। चिकित्सक ने कहा कि हमें सरकार की ओर से ऐसे कोई आदेश नहीं मिले कि टीका लगाने के बाद वायल को संभाल कर रखना है।

फिर देर शाम फैसला- वैक्सीनेशन का भी ऑडिट होगा
प्रमुख शासन सचिव एवं स्वास्थ्य अखिल अरोड़ा ने बताया कि कुछ जगह वैक्सीन के वेस्टेज के संबंध में समाचार प्रकाशित हुए हैं। प्रारंभिक जांच में ऐसी वेस्टेज कहीं नहीं पाई गई। इसके बावजूद कलेक्टर को हाईलाइट किए गए स्थानों की विशेष वैक्सीन ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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