• Hindi News
  • National
  • Rajinikanth Amit Shah, Hindi Row [Update]: Rajinikanth Opposes Home Minister Amit Shah Hindi Imposition

भाषा विवाद / शाह ने कहा- मातृभाषा पर हिंदी थोपने को नहीं कहा था, कोई राजनीति करना चाहे तो ये उसकी इच्छा



केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।
अभिनेता रजनीकांत (फाइल फोटो)। अभिनेता रजनीकांत (फाइल फोटो)।
X
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।
अभिनेता रजनीकांत (फाइल फोटो)।अभिनेता रजनीकांत (फाइल फोटो)।

  • शाह ने हिंदी विवाद पर सफाई दी- हिंदी को दूसरी भाषा के रूप में सीखने की अपील की थी
  • कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल ने शाह के एक राष्ट्र-एक भाषा के फॉर्मूला का विरोध किया था
  • कमल हासन और रजनीकांत ने भी अमित शाह के बयान पर विरोध दर्ज कराया

Dainik Bhaskar

Sep 18, 2019, 08:43 PM IST

चेन्नई. गृह मंत्री अमित शाह के एक राष्ट्र-एक भाषा के फॉर्मूला का दक्षिण भारतीय राज्यों में विरोध जारी है। इस बीच शाह ने अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरे बयान का मतलब किसी की मातृभाषा पर हिंदी को थोपना नहीं था। अगर कोई इस मसले पर राजनीति करना चाहता है, तो ये उसकी इच्छा है।

 

गृह मंत्री ने कहा कि मैंने हिंदी को दूसरी भाषा के रूप में सीखने की अपील की थी। इससे पहले सुपर स्टार रजनीकांत ने कहा कि तमिलनाडु ही नहीं किसी भी दक्षिण राज्य में जबरन हिंदी या कोई अन्य भाषा नहीं थोपी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि केवल भारत ही नहीं बल्कि किसी भी देश के लिए एक भाषा होना इसकी एकता और प्रगति के लिए अच्छा है। लेकिन, हमारे देश में जबरन कोई भी भाषा लागू नहीं की जा सकती है।

 

हिन्दी के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल हों: चिदंबरम

 

जेल में बंद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने ट्विटर पर तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस से हिन्दी के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अनुरोध किया। उन्होंने लिखा- मैं तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केएस अलागिरि से अनुरोध करता हूं कि वह सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से द्रमुक द्वारा 20 सितंबर को किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए कहें।
 

कमल हासन ने कहा था- जल्लीकट्टू से भी बड़ा आंदोलन होगा

इससे पहले कमल हासन ने भी कहा था कि 1950 में देशवासियों से वादा किया गया था कि उनकी भाषा और संस्कृति की रक्षा की जाएगी। कोई शाह, सम्राट या सुल्तान इस वादे को अचानक से खत्म नहीं कर सकता। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा था कि भाषा को लेकर एक और आंदोलन होगा, जो तमिलनाडु में जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन की तुलना में बहुत बड़ा होगा। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन तमिल हमेशा हमारी मातृभाषा रहेगी।

 

कर्नाटक और बंगाल समेत कई राज्यों ने विरोध जताया

अमित शाह ने 14 सितंबर को कहा था कि हिंदी हमारी राजभाषा है। हमारे देश में कई भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन एक ऐसी भाषा होनी चाहिए जो दुनियाभर में देश की पहचान को आगे बढ़ाए और हिंदी में ये सभी खूबियां हैं। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और बंगाल के नेता पहले ही इस पर विरोध जता चुके हैं।
 

DBApp

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना