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आज का इतिहास:बोफोर्स घोटाले से गिरी थी राजीव गांधी की सरकार, 404 से 193 सीटों पर सिमट गई थी कांग्रेस

2 महीने पहले
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32 साल पहले आज ही के दिन भारतीय राजनीति में एक बड़ी घटना हुई थी। 29 नवंबर 1989 को राजीव गांधी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 404 सांसदों वाली कांग्रेस पार्टी को 1989 में हुए आम चुनावों में महज 193 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। इसकी वजह थी कुछ ही महीने पहले हुए बोफोर्स घोटाले का खुलासा; जिसे लेकर विपक्ष ने कांग्रेसी PM राजीव गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। 24 जून 1989 को लोकसभा में बोफोर्स तोप घोटाले पर विपक्ष की तोप खड़ी हो गई थी। उस समय 514 सीटों वाली लोकसभा में विपक्ष के सिर्फ 110 सांसद ही थे। ये मामला 1,437 करोड़ रुपए के बोफोर्स घोटाले का था, जिसमें स्वीडिश कंपनी AB बोफोर्स से 155 मिमी की 400 हॉविट्जर तोपों का सौदा हुआ था। 1986 में हुई बोफोर्स डील में भ्रष्टाचार और दलाली का खुलासा 1987 में स्वीडिश रेडियो ने किया था।

वीपी सिंह 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक प्रधानमंत्री रहे थे।
वीपी सिंह 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक प्रधानमंत्री रहे थे।

आरोप था कि कंपनी ने सौदे के लिए भारतीय नेताओं और रक्षा मंत्रालय को 60 करोड़ रुपए की घूस दी। नवंबर में ही चुनाव हुए। उस समय 5 पार्टियों ने मिलकर नेशनल फ्रंट बनाया, जिसके नेता थे वीपी सिंह। नतीजे आए और कांग्रेस सिर्फ 193 सीट ही जीत सकी। नेशनल फ्रंट को भी बहुमत नहीं मिला। बाद में भाजपा और लेफ्ट पार्टियों ने भी वीपी सिंह को समर्थन दिया और प्रधानमंत्री बनाया।

1993: टाटा समूह को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले जे.आर.डी. टाटा का हुआ था निधन

जहांगीर रतनजी दादाभॉय टाटा (जे.आर.डी टाटा) का जन्म 29 जुलाई 1904 को हुआ था। वह उद्योगपति रतनजी दादाभॉय टाटा के पुत्र थे, उनकी मां सुजैन ब्रिएरे देश में कार चलाने वाली पहली भारतीय महिला थीं। उन्हें देश की पहली एयरलाइन की स्थापना का श्रेय जाता है, वह न केवल शीर्ष उद्योगपति थे, बल्कि भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी टाटा के चेयरमैन भी थे। 1932 में उन्होंने ही टाटा एयरलाइंस की स्थापना की थी, जो आगे चलकर सरकारी एविएशन कंपनी एयर इंडिया बनी।

जे.आर.डी. 1929 में भारत में पायलेट का लाइसेंस हासिल करने वाले पहले भारतीय थे।
जे.आर.डी. 1929 में भारत में पायलेट का लाइसेंस हासिल करने वाले पहले भारतीय थे।

टाटा समूह में कई उद्योगों का शुरू करने का श्रेय जे.आर.डी को जाता है, जिनमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टाटा मोटर्स, टाइटन इंडस्ट्रीज, टाटा साल्ट, वोल्टास और एयर इंडिया प्रमुख हैं। 1955 में उन्हें पद्म विभूषण और 1992 में भारतीय उद्योग जगत में उनके योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। 1983 में उन्हें फ्रांस के सबसे बड़े सम्मान लीजन ऑफ ऑनर से भी नवाजा गया था।
टाटा समूह को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले और आधुनिक भारत को अपने औद्योगिक कौशल से समृद्ध बनाने वाले जे.आर.डी. टाटा का आज ही के दिन 1993 में निधन हुआ था।

29 नवंबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2015: अमेरिकी समाजशास्त्री और शिक्षाविद ओटो न्यूमैन का निधन।
2012: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फिलिस्तीन को गैर-सदस्य पर्यवेक्षक राज्य का दर्जा दिया।
1987: कोरियाई विमान में थाईलैंड-म्यांमार की सीमा के पास विस्फोट में 115 लोगों की मौत।
1970: हरियाणा 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य पाने वाला पहला भारतीय राज्य बना।
1961: दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन भारत आए।
1949: पूर्वी जर्मनी में यूरेनियम खदान में विस्फोट से 3,700 लोगों की मौत।
1947: UN ने फिलिस्तीन को अरब और यहूदियों के बीच बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
1944: अल्बानिया को नाजी कब्जे से छुड़ाया गया।
1916: अमेरिका ने डोमिनिकन रिपब्लिक में मार्शल लॉ लगाने की घोषणा की।
1870: ब्रिटेन में आवश्यक शिक्षा कानून लागू हुआ।
1830: पोलैंड में रूस के शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ।
1775: सर जेम्स जे ने अदृश्य स्याही की खोज की।
1516: फ्रांस और स्विट्जरलैंड ने फ्रेईबर्ग के शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।