राज्यसभा / नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पारित; आयोग के 25 सदस्यों में से 21 डॉक्टर होंगे: मंत्री



Rajya Sabha passes National Medical Commission Bill
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Rajya Sabha passes National Medical Commission Bill

  • 1956 में बने एमसीआई एक्ट के स्थान पर एनएमसी बिल को लाया गया
  • आयोग में कुल 25 सदस्य होंगे, इसमें राज्यों के सदस्यों की संख्या 11 होगी
  • एआईडीएमके ने राज्यसभा में बिल का विरोध करते हुए वॉकआउट किया

Dainik Bhaskar

Aug 01, 2019, 10:00 PM IST

नई दिल्ली. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के स्थान पर नई संस्था के गठन के लिए सरकार ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल को लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी गुरुवार को पारित कर दिया।एआईडीएमके ने इस बिल का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया। 

 

दरअसल, एनएमसी बिल 2019 में 1956 में बनाए गए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को समाप्त करने का प्रावधान है। लोकसभा से 29 जुलाई को ही इस बिल को पारित करा लिया गया था।

आयोग में राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व मिला: हर्षवर्धन

  1. केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा- 25 सदस्यों में से 11 राज्य से होंगे। इनमें से 21 सदस्य डॉक्टर होंगे, जो डॉक्टरों की न्यूनतम योग्यता का निर्धारण करेंगे।

  2. उन्होंने बताया कि नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट (नीट) पहले से ही एक संस्था है, जो 13 भाषाओं में परीक्षाएं आयोजित करती है। एनएमसी बिल के कानून बनने के बाद अगले तीन साल में इसे लागू करा लिया जाएगा।

  3. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- नीट की काउंसलिंग पूरी तरह पारदर्शी है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को बहुमूल्य सुझाव के लिए धन्यवाद देता हूं। इस बिल को देश में चिकित्सा शिक्षा के लिए एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

  4. इस बिल में किए गए प्रावधान के अनुसार एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्र इस परीक्षा को पास करके पोस्ट ग्रेजुएशन में प्रवेश पा सकेंगे। इसके अतिरिक्त यदि कोई ग्रेजुएट किसी विदेशी विश्वविद्यालय से भारत आते हैं तो उन्हें यहां प्रैक्टिस करने के लिए यह स्क्रीनिंग टेस्ट का काम करेगा।

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