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अनुच्छेद 370 / राम माधव ने कहा- कश्मीर पर सोनिया का विरोध उसी तरह, जैसा नेहरू ने हैदराबाद के विलय पर किया था

भाजपा महासचिव राम माधव।- फाइल भाजपा महासचिव राम माधव।- फाइल
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भाजपा महासचिव राम माधव।- फाइलभाजपा महासचिव राम माधव।- फाइल

  • भाजपा महासचिव ने कहा- हैदराबाद का विलय के दौरान नेहरू ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था
  • कांग्रेस नेता रेड्‌डी ने कहा था- हैदराबाद के भारत में विलय के इतिहास को भाजपा तोड़-मरोड़ रही है

दैनिक भास्कर

Sep 18, 2019, 05:16 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव राम माधव ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने फेसबुक पर कहा कि कश्मीर में पुलिस की कार्रवाई पर जिस प्रकार सोनिया गांधी विरोध जता रही हैं। यह ठीक वैसा ही है जैसा हैदराबाद के विलय के समय पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था।

 

भाजपा नेता ने कहा, “1948 में तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने हैदराबाद को भारत में विलय के लिए पुलिस कार्रवाई की थी लेकिन उस दौरान नेहरू ने इसका विरोध किया था। आज सोनिया गांधी कश्मीर के मामले में वैसा ही कर रहीं है।” 

 

कांग्रेस के कई नेताओं ने अनुच्छेद 370 पर सरकार का समर्थन किया था

कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 को खत्म करने के सरकार के कदम की कड़ी निंदा की है। हालांकि कांग्रेस के कई नेता पार्टी के इस कदम के खिलाफ भी खड़े हुए हैं। राम माधव का यह बयान तब आया है जब तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष एन. उत्तम कुमार रेड्‌डी ने कहा था कि हैदराबाद के विलय में जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  

 

भाजपा हैदराबाद के इतिहास को तोड़-मरोड़ रही है: रेड्‌डी

रेड्‌डी ने आरोप लगाया था कि हैदराबाद के भारत में विलय के इतिहास को भाजपा तोड़-मरोड़ रही है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस और वाम दल ही थे, जो हैदराबाद राज्य के पाकिस्तान में विलय की योजना के खिलाफ मिलकर लड़े थे।

 

17 सितंबर 1948 को हैदराबाद का विलय हुआ था

माधव ने कहा, “रेड्‌डी के इस प्रकार की बेवकूफी भरे बयान के कारण ही कांग्रेस पार्टी का आंध्र प्रदेश से पूरी तरह सफाया हो गया है और तेलंगाना में भी वह सफाए की तरफ हैं। मुझे नहीं पता कि यह व्यक्ति तेलंगाना की आजादी और प्रधानमंत्री नेहरू जैसे कांग्रेस के नेता की भूमिका के बारे में कितना जानता है। मुझे उम्मीद है कि तेलंगाना के कांग्रेस अध्यक्ष यह नहीं कहेंगे कि पटेल और के एम मुन्शी गुजराती थे इसलिए वे हैदराबाद के बारे में नहीं जानते।” 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद को भारत में विलय कर लिया गया था।

 

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