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अब गुप्त नहीं रहेंगी सेना की शौर्य गाथाएं:25 साल से ज्यादा पुराने रिकॉर्ड होंगे सार्वजनिक; रिसर्च हो सकेगी, गैरजरूरी अफवाहों पर भी लगेगी लगाम

नई दिल्ली6 महीने पहले
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केंद्र सरकार ने शनिवार को एक बड़ा फैसला करते हुए सैन्य ऑपरेशन और सेना से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक करने की घोषणा की है। डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के इतिहास से जुड़ी जानकारियों को प्राइवेसी लिस्ट से हटाकर सार्वजनिक करने की पॉलिसी को मंजूरी दे दी है।

इसके तहत 25 साल से ज्यादा पुराने रिकॉर्ड सार्वजनिक होंगे। इनमें युद्ध और लड़ाई के दौरान हुए संवाद, सैन्य ऑपरेशन की जानकारी होगी। सरकार के इस कदम से गैरजरूरी अफवाहों पर रोक तो लगेगी ही, साथ ही रिसर्च के लिए भी उपयोग में लाया जा सकेगा।

रक्षा मंत्रालय के ट्वीट के मुताबिक, युद्ध और सैन्य अभियानों के इतिहास को जुटाने के बाद एक्सपर्ट्स कमेटी रिकॉर्ड्स की जांच करेंगे। इसके बाद उन्हें नेशनल आर्काइव को सौंप दिया जाएगा। एक्सपर्ट्स कमेटी में तीनों सेना के प्रतिनिधि, विदेश और गृह मंत्रालय के समेत अन्य संस्थाओं व इतिहासकारों को शामिल किया जाएगा।

हिस्ट्री डिवीजन करेगी रिकॉर्ड को सार्वजनिक
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पब्लिक रिकॉर्ड एक्ट 1993 और पब्लिक रिकॉर्ड रूल्स 1997 के अनुसार रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने की जिम्मेदारी मिनिस्ट्री की हिस्ट्री डिवीजन की होगी। मंत्रालय ने आगे बताया कि, युद्ध के इतिहास का समय से प्रकाशन करने पर लोगों को घटनाओं की सही जानकारी मिलेगी।

इसके साथ ही एजुकेशनल रिसर्च के लिए भी स्टूडेंट्स या रिसर्चर्स को सही और ठोस सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। युद्ध पर उठने वाले सवालों और गैरजरूरी अफवाहों को दूर करने में भी यह कदम मददगार साबित होगा।

इन सभी का रखा जाएगा रिकॉर्ड

  • रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले सभी प्रतिष्ठान मसलन सेना की तीनों शाखाएं (आर्मी-नेवी-एयर फोर्स), इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ, असम राइफल्स और इंडियन कोस्ट गार्ड्स आएंगे।
  • वार डायरीज (युद्ध के दौरान घटित घटनाओं का विस्तृत ब्योरा), लेटर्स ऑफ प्रोसिडिंग्स (विभिन्न प्रतिष्ठानों के बीच अभियान/युद्ध संबंधी आपसी संवाद) और ऑपरेशनल रिकॉर्ड बुक (अभियान की पूरी जानकारी) सहित सभी सूचनाएं रक्षा मंत्रालय के इतिहास विभाग को मुहैया कराई जाएंगी।
  • रक्षा मंत्रालय का हिस्ट्री डिवीजन इन्हें सुरक्षित रखेगा, उनका संग्रह करेगा और इतिहास लिखेगा।
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