ठंड और स्मॉग से फिर खराब हुई राजधानी की हवा:पराली की घटनाओं में आई कमी, फिर भी बढ़ा रहा पॉल्यूशन

नई दिल्ली3 महीने पहले
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दिल्ली में ठंड और स्मॉग की वजह से हवा खराब होती जा रही है। पराली जलने की घटनाओं में कमी आई है, फिर भी पॉल्यूशन कम नहीं हो रहा है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के मुताबिक, रविवार को यहां खराब एयर क्वालिटी देखने को मिली। सुबह करीब 7 बजे AQI 297 दर्ज किया गया है।

यहां शनिवार को सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के मुताबिक शहर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा, जो सामान्य से बहुत कम था। इसके पहले राजधानी में 23 नवंबर 2020 को 6.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। उसके बाद से ये पहला मौका है कि यहां सबसे कम तापमान रहा है।

14 इलाकों में सबसे खराब हालात
राजधानी के 14 इलाकों में सबसे खराब हवा दर्ज की गई है। आनंद बिहार में सबसे ज्यादा हालात खराब है। यहां AQI 378 दर्ज किया गया। इसके अलावा अलीपुर में 312, शादीपुर में 304, द्वारका में 320. आईटीओ में 318, नेहरू नगर में 306, पटपड़गंज में 314, सोनिया विहार में 321, जहांगीरपुरी में 326, रोहिणी में 311, विवेक विहार में 316, बवाना में 313, मुंडका में 308, बुराड़ी में 314 है। AQI 301 से 400 तक बहुत खराब माना जाता है। लिहाजा इन इलाकों में लोगों को सांस लेने में भी मुश्किल हो रही है।

पराली और प्रदूषण के कारण हो रही एयर क्वालिटी खराब
गाड़ियों से हो रहे प्रदूषण की वजह से भी हवा पर भारी प्रभाव पड़ रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के मुताबिक, पंजाब में शुक्रवार को 701 के मुकाबले शनिवार को 426 पराली जलाने की जानकारी सामने आई है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के PM2.5 प्रदूषण में पराली का हिस्सा शुक्रवार को 11% से बढ़कर शनिवार को 14% दर्ज हुआ।

दिल्ली में जीवन का हिस्सा बन गया प्रदूषण
राजधानी के लोगों का कहना है कि प्रदूषण जीवन का हिस्सा बन गया है। अक्टूबर और नवंबर में दिल्ली और NCR में इसकी वजह से बहुत बुरे हालात होते हैं। इन दो महीनों में हम बाहर निकलने से बचते हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि निर्माण, धूल, पराली जलाने और कई अन्य कारण से प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ गया है।