अयोध्या / हिंदू-मुस्लिम धर्मगुरुओं ने एनएसए डोभाल से मुलाकात की, कहा- हम मिलकर फैसले को सफल करेंगे



राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर कई धर्मगुरुओं ने मुलाकात की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर कई धर्मगुरुओं ने मुलाकात की।
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर कई धर्मगुरुओं ने मुलाकात की।राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर कई धर्मगुरुओं ने मुलाकात की।

  • स्वामी रामदेव ने कहा- हिंदूओं को मस्जिद निर्माण में और मुस्लिम को मंदिर बनाने में सहयोग करना चाहिए
  • स्वामी चिन्मयानंद ने कहा- इबादत भले साथ मिलकर न कर सकें, वतन की हिफाजत मिलकर कर सकते हैं

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2019, 10:43 PM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या पर आए फैसले के बाद रविवार को हिंदू और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से उनके आवास पर मुलाकात की। सभी धर्मगुरुओं ने एकसाथ देश में शांति और सद्भाव कायम रखने की बात दोहराई। इस बैठक में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद, स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती और स्वामी रामदेव मौजूद थे।

 

योगगुरु स्वामी रामदेव बैठक के बाद ने कहा, “किसी भी स्थिति में देश में शांति और सौहार्द कायम रहेगा। हम सभी धर्मगुरुओं से अपील करते हैं कि हम देश के संविधान और न्यायपालिका के साथ हैं। देश की एकता और अखंडता को प्रभावित करने की किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। हम सभी से यह अनुरोध करते हैं कि वे एक-दूसरे को सहयोग करें। हिंदुओं को मस्जिद के निर्माण करने में सहयोग करना चाहिए और मुस्लिम को मंदिर बनाने में। यह एक नया उदाहरण बनेगा।”

 

वतन की हिफाजत तो मिलकर कर सकते हैं: स्वामी चिन्मयानंद

स्वामी चिन्मयानंद ने कहा, “मुझे लगता है कि इबादत भले साथ मिलकर न कर सकें, लेकिन अपने वतन की हिफाजत तो मिलकर कर सकते हैं। एक ऐसा फैसला आया है कि जिसने सारे फासले ही दूर कर दिए। इस समय यह फैसला करना है कि हमें बांटना नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ना है।” शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा- यह बैठक बहुत ही मैत्रीपूर्ण माहौल में हुई। सभी ने स्थिति से बेहतरीन तरीके से निपटने के लिए सरकार की प्रशंसा की।

 

सभी लोगों ने भारत के संविधान और कानून पर भरोसा जताया

सभी धर्मगुरुओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने का संकल्प लिया और सभी देशवासियों से इसका पालन करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया गया कि राष्ट्रीय हित अन्य सभी विचारों से ऊपर है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या के विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण का निर्देश दिया था और इसके लिए एक ट्रस्ट बनाने की बात कही थी। इसके अतिरिक्त सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि देने का आदेश दिया था।

 

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