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तिब्बत / चीन के विरोध में प्रदर्शनकारी ने आत्मदाह किया, 9 साल में इस तरह 154 की जान गई- रिपोर्ट



तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर लंबे अरसे से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर लंबे अरसे से प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
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तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर लंबे अरसे से प्रदर्शन किए जा रहे हैं।तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर लंबे अरसे से प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
  • प्रदर्शनकारी ने की थी निर्वासित बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को वापस बुलाने की मांग
  • अधिकारों पर नजर रखने वाले अमेरिका की एक संस्था ने घटना की रिपोर्ट दी

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 05:48 PM IST

बीजिंग. तिब्बत में एक प्रदर्शनकारी ने चीन के विरोध में आत्मदाह कर लिया। प्रदर्शनकारी निर्वासित बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को वापस तिब्बत बुलाए जाने की मांग कर रहा था। इस घटना की रिपोर्ट अमेरिका स्थित अधिकारों पर नजर रखने वाले एक संगठन इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने की। हालांकि, चीन सरकार ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। चीन के विरोध में आत्मदाह कर जान देने वालों की संख्या 2009 से अब तक 154 हो चुकी है।

23 साल के व्यक्ति ने किया आत्मदाह

  1. संगठन के मुताबिक, 23 वर्षीय ड्रोब ने शिहुआन प्रांत में रविवार को आत्मदाह कर लिया। ये इलाका पारंपरिक तौर पर तिब्बतियों का माना जाता है। ड्रोब ने आत्मदाह करने से पहले दलाई लामा की लंबी आयु की कामना की।

  2. इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने कहा- इस तरह की घटनाएं हाल के वर्षों में बहुत कम देखने को मिलती हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए चीन के अधिकारियों ने इस इलाके में सुरक्षा और निगरानी बहुत बढ़ा दी है।

  3. 'महिला-पुरुष भिक्षुओं और लोगों द्वारा आत्मदाह करने का मकसद चीन सरकार की ओर से तिब्बतियों पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और बौद्ध संस्कृति पर किए जा रहे अत्याचारों को उजागर करना है। इसके साथ ही ये लोग दलाई लामा की वापसी की भी मांग कर रहे हैं।'

  4. दलाई लामा के तिब्बत छोड़ने के बाद बढ़ा विरोध

    चीन का दावा है कि तिब्बत सैकड़ों सालों से हमारी सीमाओं का हिस्सा रहा है, लेकिन तिब्बत के निवासियों के कहना है कि वे वास्तव में आजाद रहे हैं। 

  5. दलाई लामा को 1959 में तिब्बत छोड़कर भारत आना पड़ा था। तब चीन की सेना ने इस इलाके में विरोधियों के साथ संघर्ष किया था और चीन द्वारा लगाए प्रतिबंधों का विरोध तेज हो गया था। हालांकि, इस प्रदर्शन को चीन की सेना ने दबा दिया। लेकिन, तब से दलाई लामा तिब्बत से निर्वासित हैं।

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