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रिपोर्ट / सात प्रमुख शहरों में 8 साल पहले लॉन्च 2.2 लाख फ्लैट्स का निर्माण अब तक पूरा नहीं



Real Estate Builder Defaulters; JLL India: Rs 1.56 lakh crore worth flats launched in 2011 and before still incomplete
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Real Estate Builder Defaulters; JLL India: Rs 1.56 lakh crore worth flats launched in 2011 and before still incomplete

  • दिल्ली-एनसीआर के बिल्डर सबसे ज्यादा डिफॉल्टर, वहां 1.54 लाख फ्लैट्स का काम अधूरा
  • मुंबई का दूसरा नंबर, वहां 43449 फ्लैट के निर्माण में देरी, कोलकाता में सिर्फ 384 फ्लैट्स में देरी

Dainik Bhaskar

Aug 17, 2019, 03:07 PM IST

नई दिल्ली. सात प्रमुख शहरों में 2011 या उससे पहले लॉन्च 2.2 लाख फ्लैट्स का निर्माण अभी तक अधूरा है। इनकी वैल्यू 1.56 लाख करोड़ रुपए है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट जेएलएल ने गुरुवार को ये रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक दिल्ली-एनसीआर की कंपनियां सबसे ज्यादा डिफॉल्टर हैं।

अधूरे फ्लैट्स में एनसीआर और मुंबई की 91% हिस्सेदारी

  1. शहर फ्लैट निर्माण में देरी (यूनिट) फ्लैट्स की वैल्यू (रुपए करोड़)
    दिल्ली-एनसीआर 1,54,075 86,824
    मुंबई 43,449 56,435
    चेन्नई 8,131 4,474
    बेंगलुरु 5,468 2,768
    पुणे 4,765 3,718
    हैदराबाद 2,095 1,297
    कोलकाता 384 288

  2. प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एनारॉक ने अप्रैल में बताया था कि 7 शहरों में 2013 में लॉन्च प्रोजेक्ट्स के 5.6 लाख फ्लैट के निर्माण कार्य में देरी हो रही है। उनकी वैल्यू 4.5 लाख करोड़ रुपए बताई थी।

  3. बिल्डरों द्वारा पजेशन देने में देरी करना हाउसिंग सेगमेंट में स्लोडाउन की बड़ी वजह है। जेपी ग्रुप, आम्रपाली और यूनिटेक जैसे डेवलपर के प्रोजेक्ट में लाखों ग्राहकों का पैसा फंसा हुआ है। घर खरीदारों की संस्था फोरम फॉर पीपुल्स कलेक्टिव एफर्ट के प्रेसिडेंट अभय उपाध्याय के मुताबिक अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में देशभर के 5 लाख ग्राहक फंसे हुए हैं।

     

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