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JEE 2021 पेपर लीक मामले में रूसी नागरिक हिरासत में:दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया आरोपी; परीक्षा के दौरान सॉफ्टवेयर किया था हैक

नई दिल्ली4 महीने पहले

JEE मेंस 2021 परीक्षा पेपर लीक मामले में CBI ने एक रूसी नागरिक को हिरासत में लिया है। आरोप है कि उसने परीक्षा के दौरान सॉफ्टवेयर की कथित हैकिंग की थी। रूसी नागरिक को दिल्ली एयरपोर्ट पर तब पकड़ा गया, जब वो कजाकिस्तान से भारत आ रहा था। बाद में उसे CBI के हवाले कर दिया गया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पकड़े गए रूसी नागरिक की पहचान मिखाइल शेरगिन के रूप में हुई है। वह JEE मेंस परीक्षा 2021 घोटाले का मास्टरमाइंड है। एजेंसी ने बताया कि मिखाइल ने परीक्षा के दौरान iLeon सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ की थी। सॉफ्टवेयर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने डिजाइन किया गया था। इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल परीक्षा के लिए किया गया था। आरोप है कि मिखाइल ने परीक्षा के दौरान संदिग्ध उम्मीदवारों के कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने में अन्य आरोपियों की मदद भी की थी।

क्या है मामला
CBI ने पिछले साल JEE मेंस पेपर लीक मामले में एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और इसके तीन निदेशकों-सिद्धार्थ कृष्णा, विश्वंभर मणि त्रिपाठी और गोविंद वार्ष्णेय सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि ये निदेशक दलालों और सहयोगियों के साथ मिलकर हरियाणा के सोनीपत में स्थित एक परीक्षा केंद्र में पैसे के बदले छात्रों को NIT जैसे बड़े इंस्टीट्यूट में एडमिशन दिलाने के लिए ऑनलाइन परीक्षा में हेरफेर कर रहे थे। यह लोग एक रिमोट एक्सेस के जरिए स्टूडेंट्स के पेपर को हल करवा रहे थे।

इसके बाद CBI की ओर से 19 शहरों में छापे मारे गए और घोटाले में इस्तेमाल किए गए लैपटॉप और अन्य उपकरण जब्त किए गए। जांच के दौरान पता चला कि कुछ विदेशी नागरिक JEE मेंस समेत कई ऑनलाइन परीक्षाओं में गड़बड़ी के लिए अन्य आरोपियों से मिले हुए थे। इसमें रूसी नागरिक की भूमिका का भी खुलासा हुआ था। इसके बाद से ही मिखाइल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।

छात्रों से लिए 12 से 15 लाख रुपए
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक छात्र से 12 से 15 लाख रुपए लिए गए थे। करीब 20 छात्रों ने इस तरह से अपना पेपर किया था। मामला सामने आने के बाद इन छात्रों पर तीन साल का बैन लगा दिया गया था। इस घोटाले में CBI ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया था।