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सीवान / कभी शहाबुद्दीन के करीबी थे अजय सिंह, अब दोनों की पत्नियां एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में



Shahabuddin's Begum Hina Shahad and Ajay Singh's wife Kavita Singh in collision
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Shahabuddin's Begum Hina Shahad and Ajay Singh's wife Kavita Singh in collision

  • भारतमाता के जयकारों के बीच 2 बाहुबलियों की पत्नियां चुनावी समर में आजमा रहीं भाग्य
  • हिना को राजद ने और कविता को जदयू ने दिया है टिकट

शशिभूषण

शशिभूषण

May 05, 2019, 02:55 AM IST

42 डिग्री तापमान। बिहार की चिलचिलाती उमस भरी गर्मी। इसमें  बेइंतहा पसीना बहातीं दो महिलाएं। एक हैं- राजद की हिना शहाब। हिना बाहुबली शाहबुद्दीन की बेगम हैं। दूसरी हैं- जदयू की कविता सिंह। कविता की पहचान भी पति अजयसिंह से ही है। वे भी इलाके के बाहुबली हैं। यहां दोनों के पतियों की छवि साये की तरह साथ चल रही है।

 

फजिर (सुबह) की ही नमाज अदा करने के साथ ही हिना चुनावी मैनेजमेंट में जुट जाती हैं। सुबह छह बजे से ही प्रतापपुर स्थित पुश्तैनी घर में लोगों से मुलाकात का सिलसिला शुरू होता है। इसी बीच एक नौजवान शादी का कार्ड लेकर आया। हिना बोलीं- बेटा चुनाव है, नहीं तो आती जरूर। दुआ है, आबाद रहो। इसी बीच वे पटवा टोली के नौजवानों से भी मुलाकात करती हैं।

 

कहती हैं- लोगों को बताइए ईवीएम में 3 नंबर बटन आपका है। हम नहीं, आप चुनाव लड़ रहे हैं। इसी बीच, वे घर से मिठाइयां लाती हैं और कहती हैं-बच्चों का मुंह मीठा कराइए। यहां लोगों से मुलाकात के बाद एक कप चाय पीकर दौरे पर निकल पड़ती हैं। मैंने पूछा-बस एक कप चाय? इतनी गर्मी में दिनभर काम चल जाएगा? हिना हंसते हुए बोलीं- प्रचार में तो लोग ही इतना खिला देते हैं कि जरूरत ही महसूस नहीं होती। राजद के बैनर पर नारा लिखा है- करे के बा, लड़े के बा, जीते के बा...यानी करना है, लड़ना है, जीतना है। हिना हर सभा के अंत में तीन बार भारत माता की जय के नारे लगाती हैं।  प्रचार का सिलसिला शाम 7 बजे तक चलता  है। रात तक वे प्रतापपुर लौट जाती हैं।

 

उधर, जदयू प्रत्याशी कविता सिंह भी नंदामुड़ा गांव में रहती है। सुबह छह बजे वे सीवान के लिए निकलती हैं। देहरी लांघने से पहले पूजा और दिवंगत सास-ससुर को प्रणाम करती हैं। रास्ते में बुजुर्ग महिलाओं के पैर छूती हैं। मंदिरों में पूजा करती हैं।  कहती हैं- सबका आशीर्वाद मिल रहा है। हम सिवान में कानून का राज कायम करने के लिए मैदान में हैं। नीतीश जी और नरेंद्र मोदी जी ने हम पर भरोसा जताया है, उसे टूटने नहीं दूंगी। कविता का पूरा चुनावी मैनेजमेंट उनके पति संभाल रहे हैं।
   
सीवान में देखा जाए तो धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण की कोशिशें हो रही हैं, हिना इसे नाकाम करने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं। उनके साथ प्रचार में उनकी बिरादरी का एक भी शख्स नहीं होता। चुनाव प्रबंधन भी यादवों के बीच खासी पहचान रखने वाले पूर्व मंत्री अवध बिहारी चौधरी ने संभाल रखा है।  हिना के पक्ष में एक और बात जाती दिख रही है। वह है-राजद के समीकरण में इस बार टूट नहीं है। महागठबंधन के घटक दलों का आधार वोट उसके लिए बोनस है।

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