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लोकसभा / शाह ने कहा- एसपीजी केवल पीएम और परिजन के लिए, कांग्रेस बोली- प्रधानमंत्री न रहने पर खतरे कम हो जाएं, ऐसा नहीं है

Electronic Cigarettes BAN: Parliament [Updates]: E-Cigarette bill banning In Rajya Sabha, Lok Sabha
गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में बुधवार को एसपीजी संशोधन बिल पर बोलते हुए। गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में बुधवार को एसपीजी संशोधन बिल पर बोलते हुए।
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Electronic Cigarettes BAN: Parliament [Updates]: E-Cigarette bill banning In Rajya Sabha, Lok Sabha
गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में बुधवार को एसपीजी संशोधन बिल पर बोलते हुए।गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में बुधवार को एसपीजी संशोधन बिल पर बोलते हुए।

  • शाह ने कहा- एसपीजी संशोधन बिल पेश करने का मकसद इसे और बेहतर बनाना है
  • केंद्र ने इसी महीने सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी से एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी
  • लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मौजूदा अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाए
  • लोकसभा में 'दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव मर्जर ऑफ यूनियन टेरीटरीज बिल 2019' को मंजूरी

Dainik Bhaskar

Nov 27, 2019, 09:23 PM IST

नई दिल्ली. गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) संशोधन बिल पेश किया। उन्होंने कहा- इस बिल को पेश करने का मकसद इसे बेहतर करना है। एसपीजी सुरक्षा कवर केवल प्रधानमंत्री और उनके साथ प्रधानमंत्री आवास में आधिकारिक तौर पर रह रहे परिजन को ही मिलेगा। इसके अलावा एसपीजी सुरक्षा पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिजन को दी जाएगी, जो आधिकारिक तौर पर सरकार द्वारा अलॉट किए गए आवास में रह रहे हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा- कोई अब प्रधानमंत्री नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं हुआ कि उसके खतरे भी कम हो गए हैं।

केंद्र सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में गांधी परिवार (सोनिया, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा) से एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी। अब उन्हें सीआरपीएफ के कमांडो जेड प्लस सुरक्षा देंगे।

एसपीजी को दलीय पक्षपात से दूर रखें- कांग्रेस
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा- यह बहुदलीय लोकतंत्र है और ऐसे मुद्दों को पार्टीगत पक्षपात से दूर रखना चाहिए। केवल इसलिए कि कोई अब प्रधानमंत्री नहीं है, इसका मतलब यह नहीं है कि उसको होने वाले खतरे भी कम हो गए हैं। एसपीजी सुरक्षावालों को जून में बताया गया था कि उनको खतरा बढ़ रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि जून से नवंबर के बीच एसपीजी सुरक्षा में क्या बदलाव किया गया, वह भी कानून में संशोधन के बगैर।

दो केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर एक करने को मंजूरी

बुधवार को लोकसभा ने 'दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव मर्जर ऑफ यूनियन टेरीटरीज बिल 2019' को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत दो केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) 'दमन-दीव' और 'दादरा-नगर हवेली' को मिलाकर एक कर दिया जाएगा। अभी दोनों ही केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग बजट और सचिवालय है, जबकि दोनों के बीच महज 35 किमी का फासला है। दादरा-नगर हवेली केवल एक जिला है और दमन-दीव में केवल दो जिले हैं।

आर्थिक सफलता विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित हो- थरूर

लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में इस वक्त हम दुनिया के सामने आंकड़ों की विश्वसनीयता के संकट से गुजर रहे हैं। सरकार खुद लगातार अपने आंकड़े बदल रही है। सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों को 6.7% से बढ़ाकर 8.2% करने पर सवाल उठा चुके हैं। थरूर ने पूछा कि क्या सरकार स्वतंत्र विशेषज्ञों के जरिए डाटा जुटाने की प्रक्रिया की समीक्षा करवाएगी। हमारी आर्थिक सफलता विश्वसनीय आंकड़ों पर ही आधारित होनी चाहिए।

ई-सिगरेट प्रतिबंध बिल लोकसभा में पेश

संसद के शीतकालीन सत्र में आज लोकसभा में कई अहम बिलों के पास होने की संभावना है। ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का बिल लोकसभा में पेश किया गया। इसके अलावा सदन में दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली का विलय कर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने का बिल भी पेश किया जा सकता है। हालांकि, कांग्रेस ने सरकार पर सरकारी क्षेत्र की कंपनियों के अंधाधुंध विनिवेश का आरोप लगाते हुए पहले ही स्पीकर को स्थगन प्रस्ताव का नोटिस भेजा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो सदन की सामान्य कार्यवाही स्थगित कर जनता के लिहाज से अहम मुद्दे पर पहले चर्चा की जाएगी। 

सरकारी उद्यमों के विनिवेश पर कांग्रेस नाराज
पिछले हफ्ते आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने 5 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। इनमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर) और टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियां शामिल थीं।

सरकार का एक ही एजेंडा- निजीकरण को बढ़ावा देना: चौधरी

पिछले हफ्ते ही कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस सरकार का एक ही एजेंडा है- निजीकरण को बढ़ावा देना। सरकारी उपक्रमाें के शेयर ऐसे बेचे जा रहे हैं, जैसे कोई परिवार की संपत्ति को बेचता है। 2003 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उपक्रमों के विनिवेश के निर्णय संसद की मंजूरी से होने चाहिए।
 

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