पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • National
  • Shivraj Singh Chouhan New Cabinet Minister List With Names And Detailed Portfolios Regional And Caste Balance In MP Cabinet

शिवराज कैबिनेट में सबको तवज्जो:नई टीम में 24 सीटों के उपचुनाव पर फोकस; ग्वालियर-चंबल की जिन 16 सीटों पर चुनाव होने हैं, वहां से 8 मंत्री

भोपालएक महीने पहलेलेखक: अनिल गुप्ता
  • कॉपी लिंक
शिवराज के मंत्रिमंडल विस्तार में ज्योतिरादित्य सिंधिया को पूरी तवज्जो दी गई है। उनके खेमे के 9 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। -फाइल फोटो
  • हर जाति और वर्ग को साधने की कोशिश, उमा भारती ने कैबिनेट को असंतुलित बताया
  • मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थक 19 पूर्व कांग्रेस विधायकों में से 11 को मंत्री बनाया गया

शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार में सोशल इंजीनियरिंग की झलक साफ देखी जा रही है। फोकस सितंबर में 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर है। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को साधने के लिए मंत्रिमंडल में अगड़े-पिछड़े और दलित वर्ग को बराबर तवज्जो दी गई है। ग्वालियर चंबल की 16 सीटों पर उपचुनाव को देखते हुए यहां 8 सिंधिया समर्थकों को मंत्री बनाया गया है। 

जबलपुर से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। जबकि दो दिन पहले तक अजय विश्नोई और अशोक रोहाणी के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे थे। इस बीच, उमा भारती ने कहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार संतुलित नहीं है। इसमें क्षेत्रीय असंतुलन साफ दिख रहा है। जो लोग मुझसे जुड़े हैं, उनकी पूरी तरह से अनदेखी की गई है।

मंत्रिमंडल में 60% सिंधिया समर्थक
मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया का पलड़ा भारी है। इसमें कोई शक नहीं है कि प्रदेश में दोबारा भाजपा सरकार बनाने का पूरा श्रेय सिंधिया को ही जाता है, इसलिए विस्तार में भी इसका असर साफ देखने को मिला। इसका सीधा-सा समझने लायक गणित भी है। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थक 19 पूर्व कांग्रेस विधायकों में से 11 को मंत्री बनाया गया है। यानी सिंधिया समर्थक 60% को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है।

भाजपा के 101 विधायकों में 19 ही मंत्री बने
भाजपा के 107 विधायक होने के बावजूद सिर्फ 19 को मंत्री बनाया गया है। यह नए मंत्रिमंडल में 20% होता है। मंत्रिमंडल विस्तार में एक और बात खासतौर पर झलकती है कि कमलनाथ सरकार गिरने से पहले शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच जो सहमति बनी थी, उसे शिवराज ने पूरी तरह से निभाया है। भले ही उन्हें पार्टी के अंदर ही आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार ने यह संकेत दे दिया कि जिस तरह 1967 में डीपी मिश्र की कांग्रेसी सरकार गिराने के बाद राजमाता विजयाराजे सिंधिया का जनसंघ और बाद में भाजपा में दखल बढ़ा, उसी तरह अब ज्योतिरादित्य का भी प्रभाव बढ़ेगा और उनकी मर्जी चलेगी।

ग्वालियर चंबल से 8 मंत्री, यहां 16 सीटों पर उपचुनाव
ग्वालियर-चंबल की 16 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इस क्षेत्र में सिंधिया की मजबूत पकड़ है। यहां से 8 नेता गिर्राज दंडोतिया, ऐंदल सिंह कंसाना, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया, महेंद्र सिंह सिसोदिया, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, भारत सिंह कुशवाह मंत्री बनाए गए हैं। हालांकि, ऐसा पहली बार हुआ है कि एक ही जिले सागर से तीन कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। जबलपुर को एक भी मंत्री नहीं मिल पाया है। जबकि कमलनाथ मंत्रिमंडल में यहां से दो-दो कैबिनेट मंत्री थे।

क्षेत्रीय संतुलन में सिंधिया की चली
भाजपा सूत्र बताते हैं कि ग्वालियर-चंबल की सबसे ज्यादा सीटों पर उपचुनाव होना है, इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार में सिंधिया की पूरी तरह से चली है। उन्होंने जिसे कहा, मंत्रिमंडल में उसको शामिल कर लिया गया, ताकि चुनाव में जाते समय किसी तरह की कोई हिचकिचाहट न रह जाए। सिंधिया समर्थक गिर्राज दंडोतिया, ऐंदल सिंह कंसाना, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया, महेंद्र सिंह सिसोदिया, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, भारत सिंह कुशवाह मंत्री बनाए गए हैं। इसमें ऐंदल सिंह कंसाना सिंधिया समर्थक नहीं माने जाते हैं।

जातीय समीकरण को ऐसे साधा
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से गिर्राज दंडोतिया (ब्राह्मण), ऐंदल सिंह कंसाना (गुर्जर), सुरेश धाकड़ (किरार समाज), ओपीएस भदौरिया (ठाकुर), महेंद्र सिंह सिसोदिया (ठाकुर), इमरती देवी (अनूसूचित जाति), प्रद्युम्न सिंह तोमर (ठाकुर), भारत सिंह कुशवाह (कुशवाह समाज) को साधने की कोशिश की गई है।

जाटव समाज को नहीं मिली जगह
सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ने वाले अनुसूचित जाति के कई विधायक थे। इनमें कमलेश जाटव, जसवंत जाटव और रणवीर जाटव के नाम प्रमुख हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में जाटव समाज का वर्चस्व भी है। उम्मीद लगाई जा रही थी कि इन तीन जाटवों में किसी को मौका मिलेगा। गोहद से रणवीर जाटव तो दूसरी बार चुनाव जीते थे। रणवीर को मंत्री बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रहीं थी। सिंधिया समर्थकों की दलील है कि अनुसूचित जाति से इमरती देवी और प्रभुराम चौधरी को मंत्री बनाया गया है। हालांकि ये दोनों अहिरवार उपजाति के हैं।

गोपीलाल ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करके मंत्री पद गंवाया
भाजपा सूत्रों का ये भी कहना है कि शिवराज गुना से भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव को मंत्री बनाना चाहते थे। राज्यसभा चुनाव से पहले तक उनका नाम पक्का माना जा रहा था। लेकिन गोपीलाल ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर दी। बात आलाकमान तक पहुंची और गोपीलाल मंत्री बनते-बनते रह गए।  

भाजपा के 16 मंत्री, 9 नए चेहरे
मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा के 16 मंत्रियों में 7 पुराने और 9 नए चेहरे शामिल किए गए हैं। कांग्रेस के बागी खेमे से कुल 14 मंत्री हो गए हैं। इसी साल मार्च में कुल 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया था।

शिवराज के चौथे कार्यकाल में सीएम समेत 34 मंत्री 
मंत्रिमंडल विस्तार में 28 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 9 सिंधिया खेमे से हैं। 3 कांग्रेस छोड़कर आने वाले नेता हैं। जबकि भाजपा के 16 विधायक मंत्री बने हैं। आज शपथ लेने वाले में से 20 को कैबिनेट और 8 को राज्य मंत्री बनाया गया है। शिवराज की टीम में अब सीएम समेत 34 मंत्री हो गए। पिछली बार मिनी कैबिनेट में 5 मंत्रियों ने शपथ ली थी।

सिंधिया के 11 मंत्री, 3 कमलनाथ से नाराज होकर आने भी शामिल
सिंधिया खेमे से तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत पहले ही मंत्री बनाए जा चुके हैं। अब सिंधिया समर्थक 11 मंत्री हो गए हैं। इसके अलावा, कांग्रेस छोड़कर आए हरदीप सिंह डंग, बिसाहूलाल सिंह और एंदल सिंह कंसाना को भी मंत्री बनाया गया।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- धार्मिक संस्थाओं में सेवा संबंधी कार्यों में आपका महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। कहीं से मन मुताबिक पेमेंट आने से राहत महसूस होगी। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और कई प्रकार की गतिविधियों में आज व्यस्तता बनी...

और पढ़ें