छात्रा ने खुद चिन्मयानंद से 5 करोड़ रु. रंगदारी मांगने की बात स्वीकार की: एसआईटी

3 वर्ष पहले
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  • चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
  • छात्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका दाखिल की थी, जो खारिज हो गई
  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 20 सितंबर को चिन्मयानंद को अरेस्ट किया था

शाहजहांपुर. पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली एसएस लॉ कॉलेज की छात्रा को बुधवार को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं, कोर्ट ने पीड़िता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। छात्रा पर चिन्मयानंद से पांच करोड़ रु. की रंगदारी मांगने का आरोप है। इस बीच एसआईटी ने कहा कि छात्रा ने खुद चिन्मयानंद से 5 करोड़ रु. रंगदारी मांगने की बात स्वीकार की है।
 
इससे पहले मंगलवार को पीड़ित छात्रा ने शाहजहांपुर में अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत और बयान दोबारा दर्ज किए जाने के लिए याचिका दाखिल की थी। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कोर्ट ने 26 तारीख को सुनवाई की तारीख तय की थी।
 

पीड़िता ने वीडियो की पुष्टि की: एसआईटी
छात्रा की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। एसआईटी टीम में शामिल आईपीएस भारती सिंह ने कहा कि चिन्मयानंद से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के प्रकरण में छात्रा के खिलाफ पुख्ता सबूत है। इन सबूतों की फोरेंसिक लैब से जांच कराई जा चुकी है। जिस वीडियो में पीड़िता और उसके दोस्त रंगदारी मांगने की बातचीत कर रहे हैं, उसकी पुष्टि खुद पीड़िता ने कर दी थी। 5 करोड़ की रंगदारी मांगने की बात भी स्वीकार कर ली थी। जांच अभी जारी है और इस दौरान अगर कोई नया नाम सामने आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 

जिन डॉक्टरों ने चिन्मयानंद का इलाज किया उन पर भी होगी कार्रवाई: एसआईटी
एसआईटी ने यह भी कहा कि चिन्मयानंद की गिरफ्तारी से पहले मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज करने आश्रम गई थी, लेकिन उन्होंने एसआईटी से अनुमति नहीं ली। मेडिकल कॉलेज के पीआरओ ने झूठा बयान दिया था कि डॉक्टरों की टीम एसआईटी के आदेश पर उनके आश्रम पहुंची थी। अब डॉक्टरों के साथ पीआरओ पर भी कार्रवाई होगी। एसआईटी का यह भी कहना है कि चिन्मयानंद की पीजीआई से छुट्टी होने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो उनको भी रिमांड पर लिया जाएगा।
 

छात्रा को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
छात्रा सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट भी पहुंची थी। यहां उसने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने और बयान दोबारा दर्ज कराए जाने की याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि यदि पीड़ित छात्रा इस संबंध में कोई राहत चाहती है, तो वह उचित पीठ (स्थानीय अदालत) के समक्ष नई याचिका दायर कर सकती है।
 

छात्रा के तीन दोस्त भी पुलिस रिमांड पर
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 20 सितंबर को चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था। उसी दिन रंगदारी मांगने के आरोप में पीड़िता के तीन दोस्तों विक्रम सिंह, संजय सिंह और सचिन सेंगर को भी एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद विक्रम और सचिन को रिमांड पर लिया गया। एसआईटी को 95 घंटे की रिमांड मिली है।
 

मामले में कब क्या हुआ?
23 अगस्त को पीड़ित छात्रा हॉस्टल से लापता हो गई थी। 24 अगस्त को छात्रा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने अपहरण, यौन शोषण का आरोप लगाया। 25 अगस्त को छात्रा के पिता ने चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण और धमकी देने का मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी। 26 अगस्त को चिन्मयानंद के वकील ने अज्ञात के खिलाफ पांच करोड़ रुपए की फिरौती मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
 
30 अगस्त को छात्रा को उसके एक दोस्त के साथ पुलिस ने राजस्थान से बरामद किया। उसी दिन छात्रा को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। यौन शोषण के आरोपों को लेकर 12 सितंबर को एसआईटी ने चिन्मयानंद से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। 20 सितंबर को एसआईटी ने चिन्मयानंद को उनके आश्रम से गिरफ्तार कर लिया था।
 


 

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