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बूस्टर डोज की तैयारी:भारत बायोटेक के MD बोले- दूसरे डोज के 6 महीने बाद लेना सही रहेगा; नेजल वैक्सीन 3-4 महीने में आने की उम्मीद

हैदराबाद2 महीने पहले
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कोवैक्सिन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के MD डॉ. कृष्णा एल्ला का कहना है कि दूसरा डोज लेने के 6 महीने बाद बूस्टर डोज लेना सही रहेगा। हालांकि इस बारे में आखिरी फैसला सरकार को लेना है। बता दें अमेरिका समेत कई देशों ने कोरोना वैक्सीन का बूस्टर (तीसरा डोज) देना शुरू कर दिया है, लेकिन भारत में अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है।

भारत बायोटेक कोरोना की नेजल वैक्सीन के ट्रायल भी कर रही है। कंपनी का कहना है कि दूसरे फेज के डेटा का एनालिसिस चल रहा है और 3-4 महीने में इस वैक्सीन के लॉन्च होने की उम्मीद है। इसके क्लीनिकल ट्रायल के लिए कंपनी कोविन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहती है, इसके लिए सरकार से बात की जा रही है।

भारत बायोटेक के MD कृष्णा एल्ला ने संकेत दिए हैं कि नेजल वैक्सीन, कोवैक्सिन के दूसरे डोज का विकल्प हो सकती है। यह संक्रमित हो चुके लोगों को सुरक्षा देगी। एल्ला के मुताबिक सीरिंज से दी जाने वाली वैक्सीन के मुकाबले नेजल वैक्सीन ज्यादा असरदार है और इसे लेने वाले लोगों के लिए मास्क लगाने की जरूरत खत्म हो सकती है।

दुनिया में बूस्टर डोज की स्थिति

फाइजर वैक्सीन का बूस्टर डोज कोरोना पर 95.6% इफेक्टिव
अमेरिकी कंपनी फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन का बूस्टर शॉट संक्रमण से 95.6% सुरक्षा देता है। कंपनी ने 16 साल से ज्यादा उम्र के 10 हजार लोगों पर 11 महीने तक किए ट्रायल की जानकारी पिछले महीने दी थी। इसमें सामने आया है कि फाइजर वैक्सीन का दूसरा डोज लेने के बाद 84% तो तीसरा (बूस्टर) डोज लेने के बाद संक्रमण से 95.6% तक बचा जा सकता है।

अमेरिका में बूस्टर डोज के लिए क्या नियम?
अमेरिका का फेडरल फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) सितंबर में ही वैक्सीन का बूस्टर डोज लगाने की अनुमति दे चुका है। हालांकि वहां सिर्फ 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और हाई रिस्क वाले लोगों को ही बूस्टर डोज दिया जा रहा है।

यूरोप में 18+ को बूस्टर डोज
यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (EMA) ने अक्टूबर की शुरुआत में ही 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज देने की परमिशन दे दी है। यूरोप में EMA को छूट दी गई है कि वे जिस एज ग्रुप के लोगों को चाहें, उन्हें पहले बूस्टर डोज दें।

इजराइल में उम्र का दायरा सबसे कम
इजराइल ने अपनी मेडिकल अथॉरिटीज को 12 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को बूस्टर डोज लगाने को कहा है।

कोवैक्सिन को WHO के अप्रूवल में देरी पर भारत बायोटेक का जवाब
कोवैक्सिन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मंजूरी मिलने में देरी पर भारत बायोटेक ने निगेटिव रिपोर्टिंग को जिम्मेदार बताया है। कंपनी का कहना है कि मीडिया ने भोपाल में कुछ मौतों के लिए वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया, जबकि ये सुसाइड के मामले थे। बता दें WHO ने कोवैक्सिन को अप्रूवल लंबे समय के बाद बीते 3 नवंबर को दिया है।