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क्लीन कैंपस / कॉलेजों में लगेगा स्मार्ट मीटर, 40% बिजली-पानी बचाएगा



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • यूजीसी बना रहा है इसके लिए गाइडलाइन

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2019, 12:30 AM IST

नई दिल्ली (अमित कुमार निरंजन) . देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों (यूजीसी और एआईसीटीई से संबद्ध कॉलेज) में स्मार्ट एंड क्लीन कैंपस प्रोजेक्ट के तहत अगले सत्र से स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य बिजली और पानी बचाना है। ये स्मार्ट मीटर हर सेकंड का डेटा उपलब्ध करवाएगा, जिसकी जानकारी लैपटॉप या मोबाइल पर लगातार मिलती रहेगी। स्मार्ट मीटर की मदद से 10 फीसदी से लेकर अधिकतम 40 फीसदी तक बिजली-पानी की बचत हो सकती है। इस मसले पर मानव संसाधन मंत्रालय, एआईसीटीई, यूजीसी और टेरे पॉलिसी सेंटर मिलकर काम कर रहे हैं। अगले सत्र से यूजीसी इसे लेकर गाइडलाइन बना सकती है।


स्मार्ट एंड क्लीन कैंपस प्रोजेक्ट के तहत बिजली और पानी  बचत, वेस्ट मैनेजमेंट, सस्टेनबल ट्रांसपोर्ट, एयर पॉल्यूशन और कैम्पस में पौधरोपण करना इसका हिस्सा होगा। ऊर्जा बचत के लिए स्मार्ट मीटर लगाना इसी प्रोजेक्ट का एक हिस्सा होगा। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकािरयों और विशेषज्ञों ने बताया कि अभी तक पानी और बिजली की खपत की जानकारी महीने के अंत में आने वाले बिल से पता चलती है। लेकिन स्मार्ट मीटर से यह जानकारी कॉलेज प्रबंधन को हर सेकंड मिल सकेगी। वो भी लैपटॉप और माेबाइल पर ही। किसी दूसरे शहर में रहते हुए भी बिजली-पानी की खपत की जानकारी कॉलेज के संबंधित अधिकारी को होगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस कमरे में कितनी ट्यूबलाइट और पंखे चल रहे हैं। ठीक इसी तरह पानी के लीकेज की जानकारी स्मार्ट मीटर तुरंत बता देगा। पानी और बिजली के लिए अलग-अलग स्मार्ट मीटर लगाने होंगे। 


 एक मीटर की कीमत करीब पांच हजार रुपए होगी। जेएनयू जैसे विवि में पानी की बचत के लिए पांच और बिजली के लिए 10 स्मार्ट मीटर लगाने की जरूरत पड़ सकती है। दरअसल अगस्त 2016 में टेरे के साथ यूजीसी इस प्रोजेक्ट पर काम करना चाहती थी। लेकिन इस प्रोजेक्ट को कॉलेजों ने गंभीरता से नहीं लिया था। इसके बाद स्मार्ट एंड क्लीन कैंपस प्रोजेक्ट के लिए यूजीसी ने एक कमेटी बनाई है। जिसके सदस्य राजेन्द्र शेन्डे ने बताया कि इसे लेकर एक गाइडलाइन बनाने का काम चल रहा है, जो उम्मीद है कि अगले सत्र शुरू होने के पहले बन जाएगी। 

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