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दौरा / ईयू के 27 सांसद श्रीनगर पहुंचे, राहुल बोले- हमें रोकने और विदेशी नेताओं को जाने देने में कुछ तो गड़बड़ है



ईयू के 27 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर दौरे पर। ईयू के 27 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर दौरे पर।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (फाइल फोटो) पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (फाइल फोटो)
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ईयू के 27 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर दौरे पर।ईयू के 27 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर दौरे पर।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (फाइल फोटो)पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (फाइल फोटो)

  • राहुल गांधी ने कहा- मोदी सरकार यूरोपीय यूनियन (ईयू) के सांसदों के लिए लाल कालीन बिछा रही
  • महबूबा मुफ्ती ने विदेशी सांसदों के दौरे का विरोध किया, शशि थरूर ने दौरे को लोकतंत्र की बेइज्जती कहा 
  • यूरोपीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी और एनएसए अजीत डोभाल से मिला था

Dainik Bhaskar

Oct 29, 2019, 01:17 PM IST

नई दिल्ली. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यूरोपीय यूनियन (ईयू) के 27 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कश्मीर पहुंचा। कांग्रेस और पीडीपी इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने विदेशी नेताओं के दौरे को भारतीय संसद और सांसदों के विशेष अधिकारों का हनन बताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय सांसदों को रोकने और विदेशी नेताओं को वहां जाने की अनुमति देने में कुछ तो गड़बड़ है।

 

ईयू के सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। वेल्स से ईयू के सांसद नाथन गिल ने कहा कि यह विदेशी प्रतिनिधिमंडल के लिए कश्मीर जाकर मौजूदा स्थिति का जायजा लेने का बेहतर मौका है। 

 

  • राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि भारतीय सांसदों की कश्मीर यात्रा पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और श्रीनगर से वापस भेज दिया गया। वहीं यूरोपीय सांसदों के लिए सरकार लाल कालीन बिछा रही है। इससे पहले कांग्रेस आनंद शर्मा ने एक बयान में कहा कि यूरोपीय सांसद कश्मीर जा रहे हैं। उन्हें पूरी जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। ये भारतीय संसद की संप्रभुता के खिलाफ है और भारतीय सांसदों के विशेष अधिकारों का हनन है।
  • शर्मा ने कहा कि भारत के विपक्षी दलों के नेताओं को कश्मीर में सामाजिक संगठनों और व्यक्तियों से नहीं मिलने दिया गया। यूरोपीय सांसदों को कश्मीर ले जाना, सरकार की नीतियों में विरोधाभास दिखाता है। कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला है, यह इस धारणा के भी खिलाफ है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह नया भारतीय राष्ट्रवाद है।
  • कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, “जम्मू-कश्मीर हमारा, फिर यूरोपियन यूनियन वाले कैसे पधारे? हमारा मामला, हम देखेंगे! पर मोदीजी ने यूरोपियन यूनियन को कश्मीर में पंच क्यों बनाया? दूसरे देशों के सांसदों को कश्मीर जाने की अनुमति है, हमारे सांसदों को क्यों नहीं? यह मोदी सरकार का फर्जी राष्ट्रवाद और संसद का अपमान है।”

 

अगर फासीवादी हैं तो कश्मीर का टिकट पक्का: महबूबा

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया, ''अगर जम्मू-कश्मीर को भारत में शामिल करने के लिए अनुच्छेद 370 हटाया गया है तो राहुल गांधी को कश्मीर आने से क्यों रोका गया? जबकि केंद्र सरकार ईयू के सांसदों को यहां आने की मंजूरी दे रही है। कश्मीर में आपका टिकट तभी संभव है, जब आप फासीवादी और मुसलामानों के प्रति नफरत रखते हों।'' वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर लोकसभा में बहस की मेरी अपील नहीं मानी गई। कश्मीर के हालात जानने के लिए सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई। अब ईयू सांसदों को बतौर मेहमान कश्मीर भेजा गया है। यह भारतीय लोकतंत्र की बेइज्जती है।

 

कश्मीर में विकास और शासन की प्राथमिकताएं दिखेंगी: मोदी

ईयू सांसदों के प्रतिनिधिमंडल, मोदी और डोभाल के बीच कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा हुई। मोदी ने अपने संबोधन के दौरान सांसदों को कश्मीर समेत भारत के अन्य हिस्सों के दौरे के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर में सरकार के विकास और शासन की प्राथमिकताएं दिखाई देंगी। डेलिगेशन वहां की संस्कृति और धार्मिक विविधता के बारे में भी ज्यादा अच्छी तरह समझ पाएगा। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।

 

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