चेन्नई / तीन तटों पर समुद्र के पानी में नीली रोशनी वाली लहरें दो घंटे तक दिखीं, लोग भागे



The phenomenon of blue waves or blue tides is known as Bioluminescence
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The phenomenon of blue waves or blue tides is known as Bioluminescence

  • चेन्नई के नजदीक तिरुवनमियूर बीच, पलवक्कम बीच और इंजमबक्कम बीच पर इन लहरों को देखा गया
  • वैज्ञानिक शब्दों में इसे बायोल्यूमिनसेंट (शैवाल से उत्पन्न विशेष प्रकाश) कहा जाता है
  • समुद्री शैवाल की रसायन ऊर्जा जब विद्युत ऊर्जा में बदलती है तब रोशनी सतह पर दिखती है

Dainik Bhaskar

Aug 21, 2019, 10:54 AM IST

चेन्नई (तमिलनाडु). चेन्नई के समुद्री तटों पर रविवार शाम को दो घंटे तक समुद्र में नीली लहरें देखी गईं। इसे चेन्नई के नजदीक तिरुवनमियूर बीच, पलवक्कम बीच और इंजमबक्कम बीच पर देखा गया। तट के पास खड़े लोग इसे देखकर भाग गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

 

वैज्ञानिकों का मानना है, इस नीली रोशनी का संबंध समुद्री पारिस्थितकी तंत्र में बदलाव से जुड़ा होता है। नीली रोशनी को बायोल्यूमिनसेंट (शैवाल के रसायन ऊर्जा से उत्पन्न प्रकाश) कहा जाता है। इनका कहना है कि ये नीले रंग की रोशनी बायोल्यूमिनसेंट फाइटोप्लांकटन नाम के शैवाल के कारण होती है। लहरों के तट से टकराने पर ये केमिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिक एनर्जी में बदलती है। इस प्रक्रिया के दौरान यह नीले रंग में सतह पर दिखने लगती है। इसे साधारण शब्दों में समुद्र चमक या सी स्पार्कल भी कहा जाता है। बायोल्यूमिनेसेंट को उत्पन्न करने वाले शैवाल का वैज्ञानिक नाम नोक्टिलुका सिंटिलंस है। यह फाइटोप्लांकटन प्रजाति का है। 

 

पिछले साल हिंद महासागर में दिखी थी
बायोल्यूमिनसेंट (नीली रोशनी वाली लहर) पिछले साल हिंद महासागर में मालदीव के पास देखी गई थी। यह प्रशांत महासागर में अमेरिका के कैलिफोर्निया तटों के पास समुद्र में अक्सर देखी जाती है।

 

 

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