• Hindi News
  • National
  • Speed In Realty – Information Revealed From The Report Of Anarock Research; Sensex Up 116% In 21 Months, While Realty Index Jumped 204%

रियल्टी में रफ्तार:21 महीने में सेंसेक्स 116% बढ़ा, जबकि रियल्टी इंडेक्स में 204% का दिखा उछाल

मुंबई6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मेटल को छोड़कर बीएसई के अन्य सेक्टोरल सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन हुआ है। - Dainik Bhaskar
मेटल को छोड़कर बीएसई के अन्य सेक्टोरल सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन हुआ है।

सेंसेक्स अभी 60,000 से ऊपर चल रहा है। 1 अप्रैल 2020 से 12 जनवरी 2022 तक इसने 116% बढ़त हासिल की है। जबकि BSE के ही रियल्टी इंडेक्स ने इसी अवधि में 204% का उछाल दिखा। ये मेटल के अलावा अन्य किसी भी इंडेक्स से ज्यादा है। एनारॉक रिसर्च की एक रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है।

एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी कहते हैं, कोरोनाकाल में रियल एस्टेट की डिमांड इस सीमा तक बढ़ गई है कि रियल्टी इंडेक्स ने न केवल ज्यादातर सेक्टर्स को बल्कि बेंचमार्क इंडेक्स को भी पीछे छोड़ दिया है। देश के टॉप शहरों में ओवरऑल रेसीडेंशियल एरिया की बिक्री में लिस्टेड डेवलपर्स की भागीदारी वित्त वर्ष 2017 की तुलना में तीन गुना बढ़कर 18% हो गई है।

इन वजहों से बढ़ी देश में रेसिडेंशियल डिमांड

  • बड़े और लिस्टेड डेवलपर्स से खरीदारी का रुझान बढ़ा, ग्राहक प्रीमियम भी चुकाने को तैयार हैं।
  • कोविड काल में लोगों ने अधिकांश समय घर पर गुजारा, ऐसे में अपने मकान की अहमियत बढ़ी है।
  • रियल एस्टेट के दाम वर्षों से स्थिर थे, इससे एसेट क्लास के रूप में रियल्टी की लोकप्रियता बढ़ी है।
  • होम लोन पर ब्याज दर ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर रहे, इससे मकान खरीदने की लागत काफी घट गई।
  • रियल एस्टेट पहले से अधिक व्यवस्थित और रेगुलेटेड है। प्रॉपर्टी खरीदने पर जोखिम कम हुआ।
  • भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में एनआरआई यानी प्रवासी भारतीयों की सक्रियता एक बार फिर बढ़ी।

इस साल 20-30% तक महंगे हो सकते हैं मकान
रियल एस्टेट डेवलपर्स की शीर्ष संस्था क्रेडाई के एक सर्वे में कहा गया है कि बिल्डिंग मटेरियल्स महंगे होने से प्रॉपर्टी के दाम 20-30% तक बढ़ सकते हैं। सर्वे 2022 में शामिल 60% से ज्यादा डेवलपर्स ने दाम 20% तक बढ़ने की उम्मीद जताई।

प्रॉपर्टी के कम दाम और सस्ते लोन का रहा असर
मार्केट एनालिस्ट विनोद नायर ने कहा, बीते दो साल रियल एस्टेट के दाम और लोन रेट कम थे। लोगों के पास दूसरे खर्चों से बचा पैसा भी था। ऐसे में प्रतिष्ठित डेवलपर्स की बिक्री बढ़ी और रियल एस्टेट की ग्रोथ काफी अच्छी रही। अब रियल्टी शेयर महंगे हो गए हैं।

खबरें और भी हैं...