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मोदी के मित्र अब्बासभाई के साथ सिडनी से सीधी बात:बोले- हज से हीराबा के लिए जन्नतुल इत्र, पवित्र जमजम का पानी लाया था

अहमदाबाद3 महीने पहलेलेखक: पराग शाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मां हीराबेन के 100वें जन्मदिन पर लिखे एक भावनात्मक ब्लॉग में पिताजी के मित्र के बेटे अब्बास का जिक्र किया था। इसी के साथ अब्बास नाम सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने लगा। ये अब्बासभाई अभी आस्ट्रेलिया के सिडनी में बेटे के साथ रहते हैं।

20 साल से सिडनी में रह रहे भास्कर के रीडर पराग शाह ने अब्बासभाई से खास बातचीत की। यह पहली बार है जब भास्कर आपको अब्बासभाई से रुबरू करा रहा है। अब्बासभाई ने इस खास बातचीत में कहा, 'मैं वडनगर के पास केसिम्पा गांव का रहने वाला हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेरे नाम का जिक्र किया, यह बात बिल्कुल सही है।

मैं वडनगर में हीराबा के घर पर रह कर पढ़ा हूं। मेरा नाम है अब्बास। आज कल लोग किसी को याद नहीं रखते। ऐसे में नरेन्द्र भाई और हीराबा ने मुझे याद किया, यह मेरे लिए गौरव की बात है।'

हज से लौटा तो हीराबा के लिए जमजम का पवित्र पानी लाया था
अब्बासभाई ने बताया- 'साल 2014 में मैं हज करने गया था। वहां से लौट कर हीराबा से मिलने गया। हीराबा को उस दिन मैंने जन्नतुल फिरदौस इत्र और वहां से लाया जमजम का पावन पानी दिया था। हीराबा बहुत खुश हुई थीं।'

पिताजी के देहांत के बाद हीराबा के पास रहे थे अब्बासभाई
अब्बासभाई ने कहा- 'मेरे पिताजी और नरेन्द्र मोदी के पिता दामोदर काका पक्के मित्र थे। मेरा स्कूल वडनगर में था। पिताजी के देहांत के बाद मेरे बड़े भाई ने दामोदर काका से मेरी परेशानी के बारे में बात की। दामोदर काका ने कहा कि अब्बास को मेरे घर भेज दो। मैं उसे अपने घर रख कर पढ़ाऊंगा और ख्याल रखूंगा। मेरे लिए जैसा पंकज वैसा ही अब्बास।'

नरेन्द्र मोदी के छोटेभाई पंकज मोदी अब्बासभाई के साथ एक ही स्कूल में पढ़ते थे, एक ही क्लास में। इस कारण भी दोनों अच्छे मित्र बन गए। ये मित्रता अब भी जारी है।

हीराबा के पास रहकर मैट्रिक की परीक्षा पास की
अब्बासभाई ने साल 1973-74 में हीराबा के घर पर रह कर मैट्रिक की परीक्षा वडनगर से पास की। उन्होंने बताया- 'मैट्रिक पास करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए मैं विसनगर चला गया। बाद में वहां से माणसा और अहमदाबाद में पढ़ाई की। सरकारी नौकरी लगने पर परिवार के साथ स्थायी हो गया। मैं जब हीराबा के घर रहा, उससे पहले से ही नरेन्द्र मोदी घर पर नहीं रहते थे। इसलिए उनके साथ बहुत मिलना नहीं हुआ। पंकजभाई हाल में मुझसे मिलने भी आए थे।'

मोदी ने कहा था- मां अब्बासभाई की देख-रेख करती थीं
मां के जन्मदिन पर PM मोदी ने एक ब्लॉग में लिखा था- 'मां हमेशा दूसरों को खुश देखकर बहुत खुश होती हैं। हमारे घर से कुछ ही दूर एक गांव है, जहां मेरे पिताजी के बहुत ही अजीज मित्र रहते थे। उनका बेटा अब्बास। अब्बास के पिताजी के एकाएक निधन के बाद पिताजी उसे घर ले आए। अब्बास ने हमारे घर पर रह कर पढ़ाई की। हमारी तरह मां भी अब्बास की बहुत देख-रेख करती थी। ईद के दिन अब्बास की पसंद के पकवान भी बनाया करती थीं।'

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बीते शनिवार (18 जून) को अपनी मां हीराबेन के जन्मदिन पर अहमदाबाद पहुंचे थे। वहां PM ने अपनी मां के पैर धोए, उसके बाद उस पानी को आंखों से लगाया। मोदी ने अपनी मां के साथ बैठकर पूजा की, उन्हें शॉल ओढ़ाया और उनका आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री मोदी की मां ने भी जन्मदिन पर मिलने पहुंचे बेटे का मुंह मीठा कराया। पीएम मोदी और उनकी मां की बॉन्डिंग दिखाती कुछ खास तस्वीरें यहां देखिए...