एक ऐसा सरकारी स्कूल, जहां बच्चों को दी जाती है आर्मी जैसी ट्रेनिंग, वर्दी भी फौजियों जैसी

3 वर्ष पहले
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  • सिरसा जिले के महज 1500 की आबादी वाले गांव पाना के स्कूल में दी जाती है अनोखी ट्रेनिंग
  • प्रिंसिपल के तौर पर सेवा दे रहे स्काउट मास्टर पलविंद्र शास्त्री ने दो साल पहले की थी शुरुआत
  • हफ्ते में तीन दिन विद्यार्थी सेना की ड्रेस पहने देखे जा सकते हैं और बाकी के तीन दिन स्काउट की ड्रेस में

सिरसा. हरियाणा में सिरसा जिले के पाना गांव में सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आर्मी जैसी ट्रेनिंग दी जाती है। यहां छात्र हफ्ते के में तीन दिन सेना की ड्रेस में और बाकी तीन दिन स्काउट की ड्रेस में आते हैं। स्कूल में प्रिंसिपल के तौर पर सेवा दे रहे स्काउट मास्टर पलविंदर शास्त्री ने यह शुरुआत दो साल पहले की थी। इसका मकसद बच्चों में देशभक्ति का जज्बा जगाना है। 

 

पलविंदर शास्त्री ने सैन्य प्रशिक्षण देने के लिए स्कूल में तमाम सुविधाएं जुटाईं। इसके लिए बच्चों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया। स्कूल कैंपस में ही बने जिम में विद्यार्थी व्यायाम करते हैं। रस्सी पर चलते हैं, रिवर क्रॉसिंग और टायराें के बीच से गुजरते हैं। इस स्कूल के परिसर में आर्मी कैम्प जैसा अहसास होता है। 

 

स्कूल से पढ़े 16 युवक फौज में, हर महीने देते हैं फंड

सैन्य प्रशिक्षण शुरू होने से पहले इस स्कूल से पढ़े 16 युवक फौज में भर्ती हो चुके हैं। स्कूल में बच्चों की ट्रेनिंग के लिए ये लोग हर महीने अपने वेतन में से 1000-1000 रुपए फंड देते हैं। इस पैसे का उपयोग छात्रों को स्काउट टूर कराने, बॉर्डर दिखाने, दूर-दराज के क्षेत्रों में ट्रेनिंग करवाने या एडवेंचर कैंप करवाने में होता है। गरीब विद्यार्थी वर्दी ना खरीद सकें ग्राम पंचायत अपने स्तर इसका इंतजाम कराती है। 

 

स्कूल में 80 विद्यार्थी

प्रिंसिपल ने बताया कि बेहतर सुविधाओं के आधार पर स्कूल को आठ अवाॅर्ड मिल चुके हैं। 8वीं तक के स्कूल में करीब 80 विद्यार्थी हैं। 35 से अधिक लड़कियां हैं। पहली कक्षा काे छोड़ सभी विद्यार्थी ट्रेनिंग में हिस्सा लेते हैं।