सुप्रीम कोर्ट / जस्टिस पटनायक 'बेंच फिक्सिंग' की साजिश के आरोपों की जांच करेंगे, आईबी और सीबीआई चीफ भी सहयोग करेंगे

Dainik Bhaskar

Apr 25, 2019, 09:17 PM IST



Supreme Court CJI Ranjan Gogoi allegation hearing updates
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Supreme Court CJI Ranjan Gogoi allegation hearing updates

  • सीजेआई के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों की जांच जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली आंतरिक जांच समिति कर रही
  • इस केस से जुड़े सीजेआई के खिलाफ साजिश वाले मामले की जांच रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक की अगुआई में होगी
  • सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा- ‘बेंच फिक्सिंग’ की साजिश रचने वालों को जेल भेजेंगे

नई दिल्ली. चीफ जस्टिस (सीजेआई) रंजन गोगोई पर यौन शोषण के मामले की जांच करने वाले पैनल से जस्टिस एनवी रमना ने खुद को अलग कर लिया है। उनकी जगह जस्टिस इंदू मल्होत्रा को इस पैनल में शामिल किया गया है। गुरुवार को इस केस से जुड़े ‘बेंच फिक्सिंग’ मामले में स्पेशल बेंच ने एक अहम निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसकी जांच रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक की अगुआई में की जाएगी। कोर्ट ने सीबीआई डायरेक्टर और आईबी चीफ को जस्टिस पटनायक का सहयोग करने का भी निर्देश दिया है। स्पेशल बेंच वकील उत्सव बैंस के दावे की सुनवाई कर रही है। बैंस का कहना है कि सीजेआई के खिलाफ साजिश के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसमें एक बड़ा कॉरपोरेट हाउस शामिल है।

 

जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में केस की सुनवाई कर रही तीन जजों की स्पेशल बेंच के सामने बैंस ने गुरुवार को दूसरा हलफनामा पेश किया। इसे देखने के बाद अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि हम हमेशा सुनते हैं कि कोर्ट में ‘बेंच फिक्सिंग’ हो रही है। यह हर हाल में बंद होनी चाहिए। पिछले 3-4 साल से जिस तरह से आरोप लगाए जा रहे हैं उससे तो यह संस्था खत्म हो जाएगी। अमीर और शक्तिशाली लोग सोचते हैं कि वे रिमोट कंट्रोल से कोर्ट चलाएंगे। वे आग से खेल रहे हैं। हम फिक्सिंग की साजिश रचने वालों को जेल भेजेंगे। सुप्रीम कोर्ट के 4-5% वकील महान संस्था का नाम खराब कर रहे हैं। ‘बेंच फिक्सिंग’ का मामला गंभीर है और इसकी जांच होगी।

 

पहली सुनवाई में वकील ने सबूत सौंपे थे

बुधवार को सुनवाई के दौरान उत्सव बैंस ने सील बंद लिफाफे में सबूत कोर्ट को सौंपे थे। इनमें कुछ सीसीटीवी फुटेज भी थे। वकील ने कहा था कि साजिश में एक बड़े कॉरपोरेट हाउस का हाथ है। वकील ने एक और सील बंद लिफाफा कोर्ट को देकर कहा था कि दो साजिशकर्ता मुझसे मिले थे।

 

कोर्ट ने कहा- जानना चाहते हैं फिक्सर कौन?

जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा था कि न्यायालय हम सब से ऊपर है। अगर सुप्रीम कोर्ट में कोई फिक्सिंग रैकेट चल रहा है तो हम इसकी जड़ तक जाएंगे। हम जानना चाहते हैं कि फिक्सर कौन है? बेंच ने आईबी चीफ, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और सीबीआई डायरेक्टर को चैम्बर में आकर मिलने के निर्देश दिए थे। इससे पहले जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली आंतरिक जांच समिति ने सीजेआई पर आरोप लगाने वाली महिला को नोटिस जारी कर 26 अप्रैल को तलब किया।

 

वकील की सुरक्षा जारी रखने का निर्देश
वकील उत्सव ने अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा होने की बात अदालत से कही थी। इसके बाद मंगलवार को जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को उत्सव को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा कि उत्सव की सुरक्षा जारी रखें।

 

वकील का दावा- आरोप लगाने वाली महिला की पैरवी के लिए मिला 1.5 करोड़ का ऑफर

 

  • उत्सव बैंस ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि सीजेआई के खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला की ओर से पैरवी करने के लिए अजय नाम के व्यक्ति ने उसे 1.5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था। 
  • उत्सव ने बताया- इस व्यक्ति ने प्रेस क्लब में सीजेआई के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस अरेंज करने के लिए भी कहा था। 
  • उत्सव ने यह भी दावा किया कि एक बेहद विश्वसनीय व्यक्ति ने उन्हें बताया कि एक कॉरपोरेट शख्सियत ने अपने पक्ष में फैसला करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक जज से संपर्क किया था। जब वह असफल रहा तो उस शख्स ने उस जज की अदालत से केस ट्रांसफर करवाने की कोशिश की। 
  • हलफनामे में उत्सव ने कहा- जब यह कॉरपोरेट शख्सियत असफल रही तो "कथित फिक्सर' के साथ मिलकर सीजेआई के खिलाफ झूठे आरोप की साजिश रची ताकि उन पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा सके।
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