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निजी कंप्यूटरों की जांच / जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से 6 हफ्ते में जवाब मांगा



supreme court issue notice to narendra modi governement over 10 agencies to monitor computer data on a PIL
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supreme court issue notice to narendra modi governement over 10 agencies to monitor computer data on a PIL

  • 10 प्रमुख सुरक्षा, खुफिया एजेंसियों को मिला था निजी कम्प्यूटरों की जांच का अधिकार
  • गृह मंत्रालय ने 20 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी किया, कांग्रेस ने इसे निजता पर वार बताया था

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 12:33 PM IST

नई दिल्ली. दस प्रमुख सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को निजी कम्प्यूटरों की जांच का अधिकार देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। वकील मनोहर लाल शर्मा ने जनहित याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से 6 हफ्ते में जवाब मांगा है। 

 

सरकार का नोटिफिकेशन गैर संविधानिक: याचिकाकर्ता

गृह मंत्रालय ने 20 दिसंबर 2018 को नोटिफिकेशन जारी कर सीबीआई, आईबी और ईडी जैसी 10 एजेंसियों को कंप्यूटरों की जांच का अधिकार दिया था। इसमें कहा गया कि प्रमुख एजेंसियां किसी भी व्यक्ति के कम्प्यूटर से जेनरेट, ट्रांसमिट या रिसीव हुए और उसमें स्टोर किए गए किसी भी डेटा को देख सकेंगी। यह अधिकार आईटी एक्ट की धारा-69 के तहत दिया गया है। इस नोटिफिकेशन को याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा ने गैर-संविधानिक बताते हुए जनहित याचिका दायर की।

 

कांग्रेस ने बताया था निजता पर प्रहार

इस मामले में कांग्रेस ने कहा था कि अबकी बार मोदी सरकार ने निजता पर वार किया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था कि देश को एक पुलिस राज्य में बदला जा रहा है। यह समस्या का हल नहीं है। एक अरब से ज्यादा भारतीयों के बीच साबित हो गया कि आप (नरेंद्र मोदी) एक असुरक्षा महसूस करने वाले तानाशाह हैं। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि कंप्यूटर डेटा की जांच के नियम यूपीए सरकार के समय साल 2009 में बने थे। अब सिर्फ संबंधित एजेंसियों को नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

 
क्या है आईटी एक्ट की धारा-69 ?
इसके मुताबिक अगर केंद्र सरकार को लगता है कि देश की सुरक्षा, अखंडता, दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण रिश्त बनाए रखने या अपराध रोकने के लिए किसी डेटा की जांच की जरूरत है तो वह संबंधित एजेंसी को इसके निर्देश दे सकती है।

 

इन 10 एजेंसियों को मिला था जांच का अधिकार

  1. इंटेलीजेंस ब्यूरो 
  2. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो 
  3. प्रवर्तन निदेशालय 
  4. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज 
  5. डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस 
  6. सीबीआई 
  7. एनआईए 
  8. कैबिनेट सचिवालय (रॉ) 
  9. डायरेक्टोरेट ऑफ सिग्नल इंटेलीजेंस 
  10. दिल्ली पुलिस कमिश्नर
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