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प्रदूषण / सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव से पूछा- आप धूल और कचरे का मसला ही नहीं सुलझा पा रहे, पद पर क्यों बने हुए हैं?



Delhi Air Pollution | Supreme Court Delhi Air Pollution Hearing Updates On Delhi-NCR Air Pollution; Air quality index De
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ कदम उठाने के लिए मंगलवार शाम को लोगों ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ कदम उठाने के लिए मंगलवार शाम को लोगों ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया।
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Delhi Air Pollution | Supreme Court Delhi Air Pollution Hearing Updates On Delhi-NCR Air Pollution; Air quality index De
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ कदम उठाने के लिए मंगलवार शाम को लोगों ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया।दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ कदम उठाने के लिए मंगलवार शाम को लोगों ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया।

  • सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के मुख्य सचिव मौजूद थे
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा- क्या सरकारें लोगों को मरने के लिए छोड़ सकती हैं, देश को 100 साल पीछे करना चाहते हैं?
  • कोर्ट ने कहा- किसानों को 100 रु. प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि प्रदान करें
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को मशीनें देने को कहा

Dainik Bhaskar

Nov 06, 2019, 09:56 PM IST

नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने सख्ती से कहा कि क्या सरकारें इस तरह प्रदूषण से लोगों को मरने के लिए छोड़ सकती हैं? क्या आप देश को 100 साल पीछे जाने देना चाहते हैं? सुनवाई के दौरान कोर्ट में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के मुख्य सचिव मौजूद थे। जस्टिस अरुण मिश्रा ने दिल्ली के मुख्य सचिव से सवाल किया- आप धूल, कचरे और निर्माण कार्यों की समस्या ही नहीं सुलझा पा रहे, आप इस पद पर क्यों बने हुए हैं? जस्टिस अरूण मिश्रा ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को आदेश दिया कि वे किसानों को पराली जाने से रोके और उन्हें 100 रु. प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि प्रदान करें। प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बीच कोर्ट ने मंगलवार को इस मुद्दे पर एक नया केस दर्ज किया था। 

 

जस्टिस मिश्रा ने कहा, ‘‘सब जानते हैं कि हर साल पराली जलाई जाएगी। सरकारें इसके लिए पहले से तैयारी क्यों नहीं रखतीं? लोगों को मशीनें मुहैया क्यों नहीं कराई जाती? इससे पता चलता है कि पूरे साल प्रदूषण को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए।’’ पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए शीर्ष कोर्ट ने कहा कि आप अपने कर्तव्यों के निर्वहन में बुरी तरह नाकाम रहे। पिछले काफी समय से दिल्ली में हवा की गुणवत्ता लगातार गंभीर और बेहद खराब स्तर पर बनी हुई है। हालांकि 7 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना है। हवा की गति भी बढ़ेगी, इससे प्रदूषण कम होगा।

 

‘नियम तोड़ने वालों को नहीं बख्शेंगे’
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, ‘‘आखिर क्यों सरकारें किसानों से पराली खरीद या इकट्ठा नहीं कर लेतीं। कोर्ट ने कहा कि हम प्रदूषण रोकने और पराली जलाने की समस्या के निपटारे के लिए लोकतांत्रिक सरकार से ज्यादा उम्मीद रखते हैं। अगर किसी ने भी नियम-कानून तोड़े तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार कल्याण की अवधारणा भूल चुकी है। उसे गरीबों की कोई चिंता नहीं है।’’

 

सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा, ‘‘यह करोड़ों लोगों की जिंदगी और मौत से जुड़ा का मामला है। हमें इसके लिए सरकार को जिम्मेदार बनाना होगा। क्या आपको शर्म नहीं आती कि फ्लाइटों को डायवर्ट करना पड़ रहा है और लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं। हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि लोगों को इस प्रदूषण की वजह से कौन-कौन सी बीमारियां झेलनी पड़ती हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार अब कल्याण का कॉन्सेप्ट भूल चुकी है। उसे अब गरीबों की कोई चिंता नहीं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

 

प्रधानमंत्री ने कहा- किसानों के लिए राहतकारी उपाय करें

दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण के हालात की मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समीक्षा की। मोदी ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के किसानों को मशीनें बांटने को कहा, ताकि उन्हें पराली जलाने से रोका जा सके। इससे पहले प्रधानमंत्री ने पश्चिमी भारत के हिस्सों में तूफान की वजह से पैदा होने वाले हालात की भी समीक्षा की।

 

सोमवार को पराली जलाने पर रोक लगाई थी

प्रदूषण से जुड़े एक अन्य मामले पर साेमवार काे भी सुप्रीम काेर्ट ने हालात काे बेहद गंभीर बताते हुए खेताें में पराली जलाने पर तुरंत राेक लगा दी थी। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में सभी प्रकार के निर्माण कार्याें पर भी पाबंदी लगाई थी। काेर्ट ने कहा था कि लाेगाें काे मरने के लिए नहीं छाेड़ा जा सकता है। शीर्ष अदालत ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवाें काे भी बुधवार काे तलब किया है। दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव काे भी काेर्ट में पेश हाेना हाेगा। काेर्ट ने कहा था कि वैज्ञानिक डेटा दिखाता है कि प्रदूषण की वजह से दिल्ली में लाेगाें का जीवनकाल कम हाे रहा है।

 

दिल्ली की हवा सुधरी : 24 घंटे में 83 पॉइंट गिरा एयर क्वालिटी इंडेक्स

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को प्रदूषण में बड़ी कमी देखने को मिली। गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुड़गांव केंद्रों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से 351 के बीच दर्ज किया गया। दिल्ली में एक्यूआई की बात करें तो 24 घंटे में 83 प्वाइंट गिरा। मंगलवार को यह 324 दर्ज किया गया। ये पिछले दस दिन की सबसे साफ हवा है। दिल्ली के सभी 36 केंद्रों में कहीं भी हवा में प्रदूषण सीवियर कैटेगिरी में नहीं पहुंचा।

 

पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण घटा 
प्रदूषण मॉनिटरिंग एजेंसी सफर के मुताबिक, मंगलवार को हवा में पराली से होने वाले प्रदूषण की भागीदारी 12% रहा। सोमवार को ये 14% और रविवार को 25% थी, जबकि 4 नवंबर को पराली जलाने की घटनाएं सीजन में सबसे ज्यादा 4962 तक पहुंची। लेकिन हवा की स्पीड इस क्षेत्र में 40 किमी प्रति तक रही जिससे उसका असर नहीं हुआ।

 

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