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चुनाव सुधार / राजनीतिक दल दागियों को टिकट देने की वजह और उनके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी वेबसाइट पर डालें: सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court On BJP Congress Including Other Political Parties To Upload Candidates Criminal Cases
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Supreme Court On BJP Congress Including Other Political Parties To Upload Candidates Criminal Cases

  • पार्टियों को दागी उम्मीदवार के चयन के बाद 72 घंटे में उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी
  • उम्मीदवारों का चयन योग्यता और मेरिट हो, सिर्फ जीतने का पैमाना दागियों को टिकट देने का कारण नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट
  • शीर्ष कोर्ट ने 25 नवंबर को चुनाव आयोग से कहा था- आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए आदेश पारित करें

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2020, 11:38 AM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने राजनीति के अपराधीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले 4 आम चुनावों में दागी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है। कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव सुधारों को लेकर अहम फैसले में कहा- सभी दल अपनी वेबसाइट पर आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के चयन की वजह बताएं। जस्टिस एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन योग्यता और मेरिट हो, सिर्फ जीतने का पैमाना ऐसे लोगों को टिकट देने का कारण नहीं हो सकता है। जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हों।

भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि उम्मीदवार अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी देने के सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2018 के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने याचिकाकर्ता के द्वारा राजनीतिक दलों को दिशा-निर्देश जारी करने की मांग पर सहमति दर्ज कराई थी।

राजनीति में अपराधीकरण रोकने के लिए राजनीतिक दलों को 4 अहम निर्देश

  1. वेबसाइट पर आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के चयन की वजह बताएं, उनके खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी अपलोड करें।
  2. प्रत्याशियों के चयन के बाद 72 घंटे में उनके खिलाफ दायर मामलों की जानकारी चुनाव आयोग को दी जाए।
  3. आदेश का पालन न होने पर चुनाव आयोग अपने अधिकार के मुताबिक राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई करे।
  4. प्रत्याशियों के आपराधिक मामलों की जानकारी क्षेत्रीय/राष्ट्रीय अखबारों में प्रकाशित कराएं, फेसबुक/ट्विटर पर भी साझा करें।

4 लोकसभा में लगातार बढ़ी दागी सांसदों की संख्या

लोकसभा दागी सांसद गंभीर मामले
2019 43% 29%
2014 34% 21%
2009 30% 14%
2004 24% 12%

सुप्रीम कोर्ट ने 2 महीने पहले भी आदेश दिया था
सुप्रीम कोर्ट ने 25 नवंबर को चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए आदेश पारित करे, ताकि तीन महीने के अंदर राजनीतिक दलों को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को टिकट देने से रोका जा सके। तब सीजेआई एसए बोबडे और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने उपाध्याय की जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए यह आदेश दिया था। उपाध्याय की मांग थी कि पार्टियों को अपराधिक छवि वाले लोगों को चुनाव के टिकट देने से रोका जाए। साथ ही उम्मीदवार का आपराधिक रिकॉर्ड अखबारों में प्रकाशित कराने का आदेश दिया जाए।

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