लखीमपुर मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:अदालत ने UP सरकार से कल तक जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी, पूछा- अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुईं?

नई दिल्ली10 दिन पहले
यूपी के लखीमपुर खीरी मामले में दो वकीलों की चिट्ठी को सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका के तौर पर रजिस्टर किया है।- फाइल फोटो।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में राजनीतिक घमासान के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। गुरुवार को चीफ जस्टिस एनवी रमना की बेंच में इसकी सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने यूपी सरकार से कल तक (शुक्रवार) जांच की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी। अदालत ने कहा- बताएं कि कौन आरोपी है, FIR किसके खिलाफ दर्ज की गई है और गिरफ्तारी किस-किस की हुई है? इस मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी।

गुरुवार की सुनवाई के दौरान यूपी सरकार की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। साथ ही एक सदस्यीय जांच आयोग भी बना दिया गया है जो अपनी रिपोर्ट सरकार को देगा।

पहले यह जानकारी सामने आई थी कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में खुद ही नोटिस लिया है, लेकिन गुरुवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने बताया कि दो वकीलों की चिट्ठी के आधार पर हमने कोर्ट की रजिस्ट्री से इस मामले को जनहित याचिका (PIL) के तौर पर रजिस्टर करने को कहा था, लेकिन गलतफहमी की वजह से इसे स्वत: संज्ञान के तौर पर दर्ज कर लिया गया।

सरकार के वकील ने कहा- घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी
कोर्ट ने अधिवक्ता शिव कुमार त्रिपाठी को सुना। शिव कुमार, उन दो वकीलों में से एक हैं जिन्होंने जनहित याचिका के लिए पत्र लिखा था। त्रिपाठी ने कहा, यूपी सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया है। वहीं, यूपी सरकार की तरफ से पेश महाधिवक्ता वरिष्ठ वकील गरिमा ने स्वीकार किया कि पूरी घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। मामले की जांच के लिए SIT गठन की गई है। न्यायिक आयोग भी बन गया है।

लखीमपुर हिंसा में 8 लोग मारे गए थे
लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में 4 किसानों और एक पत्रकार समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र मुख्य आरोपी हैं। किसानों का आरोप है कि आशीष मिश्र की फायरिंग में किसान की मौत हुई और उसकी गाड़ी ने ही किसानों को रौंदा था।

मृतकों के परिजन को पंजाब और छत्तीसगढ़ सरकार देगी 50-50 लाख
लखीमपुर हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को पंजाब और छत्तीसगढ़ सरकार ने 50-50 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही 45-45 लाख दे चुकी है। इस तरह हर पीड़ित परिवार को 1.45 करोड़ रुपए की सहायता मिलेगी।

किसान नेता आशीष की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े
लखीमपुर मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी न होने पर किसान संगठनों में नाराजगी है। इस बीच, भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, 'हमारी चार मांगें थीं- मुआवजा, नौकरी, मंत्री पुत्र की गिरफ्तारी और मंत्री की बर्खास्तगी। मुआवजा मिल गया, FIR भी हुई, पर गिरफ्तारी नहीं हुई। हम 6 दिन का समय दे रहे हैं। अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा प्रदर्शन होगा। सरकार को अगर लगता है कि 45 लाख में समझौता हुआ है तो किसान परिवार राशि लौटा देंगे।'

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