मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश और नमाज की इजाजत की मांग, कपल ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

कोर्ट ने दी सुनवाई की इजाजत, मुस्लिम संगठनों और सरकार को भेजा नोटिस

DainikBhaskar.com

Apr 16, 2019, 12:39 PM IST
Supreme Court to hear plea on allowing women inside mosques

नेशनल डेस्क, नई दिल्लीपुणे में मुस्लिम कपल ने सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश को लेकर याचिका लगाई थी। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करने की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, राष्ट्रीय महिला आयोग और सेंट्रल वक्फ काउंसिल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही कोर्ट ने यह भी पूछा है कि सरकार का इसमें क्या रोल है। कपल की ओर से दायर इस याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम महिलाओं को नमाज पढ़ने की अनुमित होनी चाहिए। याचिकाकर्ता की दलील है कि पवित्र कुरान और मोहम्मद साहेब ने महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश का कभी विरोध नहीं किया।



कोर्ट में दी गईं ये दलीलें
- इसी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के दौरान अलग-अलग दलीलें दी गईं। एक पक्ष ने बताया कि कनाडा में मस्जिद के अंदर महिलाओं को प्रवेश की इजाजत है। जबकि दूसरी दलील ये दी गई कि सऊदी अरब के मक्का-मदीना में भी मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश दिया जाता है।
- इन तमाम दलीलों के बीच पीठ ने पूछा कि क्या इस मसले पर अनुच्छेद 14 का इस्तेमाल किया जा सकता है। क्या मस्जिद और मंदिर सरकार के हैं। जैसे आपके घर में कोई आना चाहे तो आपकी इजाजत जरूरी है। कोर्ट ने पूछा कि इस मामले में सरकार की क्या भूमिका है।

याचिकाकर्ता ने क्या कहा?
- याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कोर्ट को बताया कि भारत में मस्जिदों के अंदर महिलाओं को नमाज पढ़ने की इजाजत न होना न सिर्फ अवैध है, बल्कि संविधान की मूल आत्मा का भी उल्लंघन है। ऐसा कहते हुए मुस्लिम कपल ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि महिलाओं को भी मस्जिद में नमाज अदा करने की परमिशन दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी है, इसी फैसले का हवाला देते हुए याचिकार्ताओं ने मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश की मांग की।

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