• Hindi News
  • National
  • Surat Girl Is Promoting More Than 400 Startups, Annual Turnover Of 1 Crore

सूरत की लेखा ने बनाया कमाल का एप:केवल 10 लोगों की टीम ने संवारे 400 स्टार्टअप, सालाना 1करोड़ का टर्नओवर

सूरत10 दिन पहलेलेखक: सुनीता सिंह

सूरत की रहने वाली लेखा ने एक ऐसा एप बनाया है जो 400 से ज्यादा स्टार्टअप को बढ़ावा दे रहा है। पीजी क्लिक नाम का यह एप व्यापारियों को एडवर्टाइजिंग और नेटवर्किंग प्रोवाइड कराता है। लेखा के इस एप के माध्यम से 400 से ज्यादा कारोबारी अपना कारोबार बढ़ाकर मुनाफा कमा रहे हैं। इनमें 100 से ज्यादा महिलाएं हैं। लेखा ने 2019 में इस एप को बनाया था। आज इस एप का सालाना टर्नओवर 1 करोड़ से ज्यादा का है।

दूसरी महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं लेखा।
दूसरी महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं लेखा।

ऐसे काम करता है पीजी क्लिक

पीजी क्लिक व्यापारियों को एक प्लेटफार्म मुहैया कराता है। जिसके सहारे वे अपना करोबार बढाते हैं। उदाहरण के लिए सूरत की एक महिला का मसाले का छोटा कारोबार है। इस एप पर उसका संपर्क कुछ रेस्टोरेंट मालिकों से हुई जिन्हें शुद्ध मसालों की जरूरत थी। अब महिला सीधे रेस्टोरेंट को मसालों की सप्लाई करती है। इससे दोनों का बिजनेज बढ़ रहा है। इसी तरह इस एप पर गुजरात के कई शहरों के डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, फैशन डिजाइनर, छोटे-बड़े कारोबारी जुड़े हैं। अगस्त 2019 से अब तक पीजी क्लिक के जरिए कई व्यापारी एक दूसरे के साथ जुड़े हैं और करीब 5000 लोगों ने इस ऐप का फायदा उठाया है। इस प्लेटफार्म का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।

ऐसे मिला आइडिया

लेखा ने अब तक हजारों लोगों को ट्रेनिंग दी है।
लेखा ने अब तक हजारों लोगों को ट्रेनिंग दी है।

34 साल की लेखा गुजरात यूनिवर्सिटी से एमबीए कर चुकी हैं और एक बच्चे की मां हैं। वे बताती हैं “मैं 12 साल से एक प्रोफेशनल ट्रेनर के रूप में काम कर रही हूं। मैंने इस दौरान कॉर्पोरेट, स्ट्रेस मैनेजमेंट सहित कई सब्जेक्ट पर लोगों को ट्रेनिंग दी है। ट्रेनिंग के दौरान मैं ऐसे लोगों से मिली जिनमें स्किल्स तो थे पर उनके पास बढ़िया प्लेटफार्म नहीं था। इससे मुझे उनके लिए कुछ करने का ख्याल आया। इसी बीच हमारे प्रधानमंत्री ने ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम शुरू की, इससे भी मुझे प्रेरणा मिली और हमने पीजी क्लिक को शुरू किया।''

परिवार का मिला साथ तो बन गई बात

लेखा के पति ने एप बनाने में उनकी मदद की।
लेखा के पति ने एप बनाने में उनकी मदद की।

लेखा के पास बिजनेस आइडिया तैयार था। कई लोग भी उनके कॉन्टेक्ट में थे जो उनके साथ जुड़ कर काम करना चाहते थे। जब उन्होंने अपने आइडिया को अपने पति प्रशांत घिवाला (38) के साथ साझा किया तो वे ऐप बनाने के लिए तैयार हो गए। चूंकि प्रशांत ने इंजीनियरिंग और MBA किया है ऐसे में उन्हें ऐप और टेक्नोलॉजी के बारे में काफी जानकारी थी।

लेखा कहती हैं, “मेरे पति का खुद का बिजनेस है और उन्हें टेक्नोलॉजी में काफी इंटरेस्ट है। मेरा प्लान काफी अच्छा था, बस एक ऐप की जरूरत थी। प्रशांत को ऐप बनाने में 6 से 8 महीने लग गए। अगस्त 2019 में हमने PG Click को लॉन्च किया। इन ढाई सालों में इस ऐप के जरिए 400 से ज्यादा व्यापारी एक दूसरे के साथ जुड़ चुके हैं। इनमें 100 महिलाएं हैं जो अपनी पारिवारिक जरूरतों के हिसाब से हमारे साथ जुड़ी हैं और वे अपने बिजनेस में काफी तरक्की भी कर रही हैं।”

एप से जुड़ना है काफी आसान

लेखा बताती हैं, “हमारे ऐप की खास बात ये है कि इससे जुड़ने के लिए किसी व्यापारी को एक ही बार 2000 रूपये फीस देनी होती है। हम किसी के व्यापार से कोई मुनाफा नहीं कमाते हैं। हमसे जुड़े व्यापारी कितना भी कमाते हों, इससे हमारा फायदा नहीं जुड़ा होता। हमारी कोशिश उनके फायदे के लिए काम करना जरूर है पर हम उनके मुनाफे में अपना शेयर नहीं मांगते।

सबसे बड़ी खुशी हमें तब मिलती है जब कारोबारियों के साथ लोगों को भी हमारे काम से फायदा होता है। पिछले लॉकडाउन में हमारे टिफिन सर्विस प्रोवाइडर से लोगों को काफी मदद मिली और इन कारोबारियों का भी काफी फायदा हुआ।”