स्विग्गी ने 7000 करोड़ रुपए की रकम जुटाई, वैल्युएशन 23000 करोड़ रु हुआ

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • देश के किसी भी फूड स्टार्टअप में यह अब तक की सबसे बड़ी फंडिंग
  • स्विग्गी फूड डिलीवरी बिजनेस में सबसे बड़ी कंपनी
  • स्विग्गी का मार्केट शेयर 38%, जेमैटो 30% शेयर के साथ दूसरे नंबर पर

बेंगलुरु. फूड डिलीवरी स्टार्टअप स्विग्गी ने एक अरब डॉलर (7,000 करोड़ रुपए) की फंडिंग जुटाई है। किसी फूड स्टार्टअप में यह अब तक की सबसे बड़ी फंडिंग है। इसके बाद स्विग्गी की वैलुएशन 3.3 अरब डॉलर (23,000 करोड़ रुपए) हो गई है। हालांकि कंपनी ने इसके बारे में कुछ नहीं कहा है। इसने यह भी नहीं बताया कि इस फंडिंग में निवेशकों को कितनी हिस्सेदारी दी गई।

1) अब तक 8,825 करोड़ रुपए की फंडिंग जुटाई

स्विग्गी अब तक 8,825 करोड़ की फंडिंग जुटा चुकी है। इससे पहले जून में 1,500 करोड़ जुटाए थे। तब इसकी वैलुएशन एक अरब डॉलर आंकी गई थी। उसके बाद से यह 42 नए शहरों में विस्तार कर चुकी है। इस दौरान इसकी बिक्री (जीएमवी) भी दोगुनी हुई है। 2019 में कंपनी की दुबई और जकार्ता में भी बिजनेस शुरू करने की योजना है।

स्विग्गी के सीईओ श्रीहर्ष मजेती ने बताया कि फंडिंग से मिली रकम से ज्यादा संख्या में क्वालिटी फूड ब्रांड्स को जोड़ने की कोशिश होगी। मशीन लर्निंग और इंजीनियरिंग क्षेत्र में मिड और सीनियर स्तर पर लोगों की भर्तियां की जाएंगी। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से टेक्नोलॉजी को भी अपग्रेड किया जाएगा।

स्विग्गी में नैस्पर्स, टेनसेंट, हिल हाउस कैपिटल, वेलिंगटन मैनेजमेंट कंपनी, डीएसटी ग्लोबल जैसी कंपनियों ने इसमें पैसे लगाए हैं। दक्षिण अफ्रीका की नैस्पर्स और डीएसटी ग्लोबल ने इसमें पहले से निवेश कर रखा है।

  • 2017-18 : रेवेन्यू 468 करोड़, घाटा 397 करोड़। 
  • 2016-17 : रेवेन्यू 146 करोड़, घाटा 205 करोड़। 
  • प्रतिस्पर्धी कंपनी जोमैटो को 2017-18 में 388 करोड़ के रेवेन्यू पर 78.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

2014 में स्थापित स्विग्गी की देश के 50 शहरों में मौजूदगी है। इसके करीब 50,000 रेस्तरां पार्टनर हैं। कंपनी हर महीने ग्राहकों से करीब 2.5 करोड़ ऑर्डर लेती है। स्विग्गी का मुख्यालय बेंगलुरू में है। कंपनी के संस्थापक श्रीहर्ष मजेती और नंदन रेड्डी बिट्स के छात्र रहे हैं। राहुल जैमिनी ने आईआईटी खड़गपुर से पढ़ाई की है।

2018 में इन स्टार्टअप की हुई एक अरब डॉलर वैलुएशन 

 

  • जोमैटो: फरवरी 2019 में 20 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इसके आधार पर इस दूसरे बड़े फूड स्टार्टअप की वैलुएशन 1.1 अरब डॉलर हो गई थी। 
  • पॉलिसीबाजार : जून में जापान के सॉफ्टबैंक से 20 करोड़ डॉलर जुटाने के बाद इसकी वैलुएशन एक अरब डॉलर हो गई थी। 
  • पेटीएम मॉल : इसने मार्च में 45 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई थी। इस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यएशन एक अरब डॉलर हो गई थी। 
  • फ्रेशवर्क्स : चेन्नई की टेक्नोलॉजी कंपनी की वैल्यू अगस्त में एक अरब डॉलर हो गई जब इसने तीन निवेशकों से 10 करोड़ डॉलर जुटाए। 
  • ओयो : सितंबर में सॉफ्टबैंक समेत कई निवेशकों ने 80 करोड़ डॉलर निवेश किया। तब इसकी वैलुएशन एक अरब डॉलर आंकी गई थी। 
  • उड़ान : बी2बी ऑनलाइन मार्केटप्लेस में सितंबर में विदेशी निवेशकों ने एक अरब डॉलर वैलुएशन पर 22 करोड़ डॉलर निवेश किए थे।

इसी हफ्ते सोमवार को एजुकेशन स्टार्टअप बाइजू ने विदेशी निवेशकों से 3,800 करोड रुपए जुटाने की घोषणा की थी। इस फंडिंग के बाद बाइजू का वैल्युएशन 25,900 करोड़ रुपए हो गई।