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महाराष्ट्र / शिवसेना के पूर्व नेता का दावा- धमाके की साजिश के वक्त बाल ठाकरे ने परिवार से मातोश्री छोड़ने को कहा था



Narayan Rane: Terrorists planned to bomb Bal Thackeray house Matoshree in 1989, claims former Shiv Sena member
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Narayan Rane: Terrorists planned to bomb Bal Thackeray house Matoshree in 1989, claims former Shiv Sena member

  • नेता नारायण राणे ने अपनी किताब ‘नो होल्ड्स बेअर्डः माय ईयर इन पॉलिटिक्स’में किया दावा
  • राणे ने कहा- मुख्यमंत्री शरद पवार ने उद्धव ठाकरे को दी थी मातोश्री पर हमले की साजिश की सूचना
  • खालिस्तानी आतंकियों की हिट लिस्ट में थे ठाकरे

May 15, 2019, 05:49 PM IST

नई दिल्ली. शिवसेना के पूर्व नेता नारायण राणे ने किताब ‘नो होल्ड्स बेअर्डः माय ईयर इन पॉलिटिक्स’ लिखी है। इसमें उन्होंने दावा किया कि एक वक्त ऐसा भी आया, जब मातोश्री पर धमाके की साजिश की गई। यह सुनकर खुद बाल ठाकरे ने परिजनों से मातोश्री को छोड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा था। राणे के मुताबिक खालिस्तानी आतंकियों ने 1989 में मातोश्री पर धमाके की योजना बनाई थी।

शिवसेना के लोग भी साजिश में शामिल थे- राणे

  1. उस वक्त महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शरद पवार थे। उन्होंने खुद ठाकरे के छोटे बेटे उद्धव ठाकरे को फोन करके हमले की साजिश के बारे में सूचना दी थी। वर्तमान में भाजपा की ओर से राज्यसभा सांसद राणे ने अपनी किताब में दावा किया कि बाल ठाकरे उस समय खालिस्तानी आतंकियों की हिट लिस्ट में थे।

  2. राणे के मुताबिक 19 मार्च 1988 को बाल ठाकरे ने एक प्रेसवार्ता की। इसमें उन्होंने एक प्रश्नावली बंटवाई। जिसका उद्देश्य आतंकियों का सहयोग करने वाले सिख समुदाय के लोगों का पता लगाना था।

  3. ‘‘बाल ठाकरे ने मुंबई में यह घोषणा की थी कि यदि सिख समुदाय के लोग इसी तरह चरमपंथियों का सहयोग करते रहे तो मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सामाजिक और आर्थिक तौर पर ऐसे लोगों का बहिष्कार हो। 1989 में शिवसेना महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव हारी थी। ठाकरे की स्थिति कमजोर थी। प्रदेश की सुरक्षा कांग्रेस के नियंत्रण में थी।’’

  4. ‘‘तब उद्धव की शादी हुई थी। मुख्यमंत्री शरद पवार ने उन्हें फोन करके अकेले ही मिलने बुलाया था। शरद पवार और बाल ठाकरे के रिश्ते बेहद अच्छे थे। इसलिए उन्होंने यह सूचना उद्धव के साथ साझा की थी। इसके बाद मातोश्री पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। हर कोई हाईअलर्ट पर था।’’

  5. ‘‘पवार ने यह सूचना ठाकरे को इसलिए भी दी थी क्योंकि वे इस हमले में पुलिस फोर्स और गृह मंत्रालय के लोगों समेत मातोश्री के लोगों के शामिल होने की बात से चिंतित थे। पवार साहब ने ठाकरे परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी थी। साथ ही लगातार सूचना देने की बात कही थी।’’

     

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