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संकट में सहयोग की मिसाल:ठाणे आपदा प्रबंधन के 50 पुलिसकर्मियों के लिए रोजाना चाय-नाश्ते की जिम्मेदारी उठा रहा यह परिवार

मुंबई3 वर्ष पहले
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शशि पाठक और उनका परिवार ठाणे आपदा प्रबंधन के 50 पुलिसकर्मियों के लिए रोजाना चाय-नाश्ते की जिम्मेदारी उठा रहा है। - Dainik Bhaskar
शशि पाठक और उनका परिवार ठाणे आपदा प्रबंधन के 50 पुलिसकर्मियों के लिए रोजाना चाय-नाश्ते की जिम्मेदारी उठा रहा है।
  • शशि पाठक ने कहा- इस प्रयास को प्रधानमंत्री मोदी ने भी सराहा है, उन्होंने लिखा देश सेवा का अनुपम उदाहरण
  • पाठक ने भास्कर को बताया कि हमारे घर के पास ही ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम का ऑफिस है, जहां 50 से ज्यादा कर्मी हैं

ठाणे की शशि पाठक और उनका परिवार ठाणे आपदा प्रबंधन के 50 पुलिसकर्मियों के लिए रोजाना चाय-नाश्ते की जिम्मेदारी उठा रहा है। इन्होंने यह जिम्मेदारी बिना किसी बाहरी मदद के, अपने खर्च पर  उठाई है। शशि के मुताबिक, परिवार के इस प्रयास को प्रधानमंत्री मोदी ने भी सराहा है। उन्होंने री-ट्वीट करते हुए लिखा-‘कोरोना महामारी के समय देश सेवा का यह एक अनुपम उदाहरण है।’

भास्कर से बात करते हुए शशि पाठक ने बताया कि हमारे घर के नजदीक ही ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम का ऑफिस है, जहां 50 से ज्यादा कर्मी हैं। हम उनके लिए दोनों वक्त पोहा, इडली, पराठे, फल और अन्य चीजें पहुंचाते हैं। शशि बताती हैं कि इस काम में उनके पति, बेटा, बहू और भांजी के अलावा नजदीकी लोग भी मदद करते हैं। 

खुद लखनऊ में फंसी, ऐसे में बेटा-बहू मदद करने में जुटे हैं
शशि ने बताया कि वे 24 मार्च से लखनऊ में हैं, लॉकडाउन की वजह से वापस मुंबई नहीं जा सकीं। लेकिन उनके कहने पर बेटे मोहित और बहू ने जवानों को नाश्ता कराने की जिम्मेदारी ले ली। वे दिन दो बार नाश्ता लेकर जाते हैं। 

मदद नहीं, जिम्मेदारी उठाएं 
शशि कहती हैं, हम अपनी क्षमता के मुताबिक ही खर्च कर रहे हैं। हमें किसी से मदद नहीं चाहिए। इसकी जगह जो आर्थिक मदद करना चाहते हैं, वे अपने स्तर पर जहां हैं, वहीं कुछ लोगों की जिम्मेदारी उठाएं। 

सराहना से ताकत मिली 
शशि के मुताबिक, प्रधानमंत्री से सराहना मिलने के बाद वे अब और तेजी से काम करेंगी। कोशिश करेंगी कि और लोगों को भी प्रेरित कर सकें। वे कहती हैं- हम सबने अगर दो-दो परिवारों की जिम्मेदारी भी ले ली, तो समाज में बहुत फर्क आएगा।

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