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आज का इतिहास:लाखों कारसेवकों ने गिरा दिया था बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा, बाद में भड़के दंगों में 2 हजार लोग मारे गए थे

7 महीने पहले
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आज से 29 साल पहले 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में लाखों कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा गिरा दिया था। अयोध्या की बाबरी मस्जिद को लेकर बरसों से विवाद चला आ रहा था। भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 1990 में आंदोलन शुरू किया था।

5 दिसंबर 1992 की सुबह से ही अयोध्या में विवादित ढांचे के पास कारसेवक पहुंचने शुरू हो गए थे। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने विवादित ढांचे के सामने सिर्फ भजन-कीर्तन करने की इजाजत दी थी, लेकिन अगली सुबह यानी 6 दिसंबर को भीड़ उग्र हो गई और बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा गिरा दिया। कहते हैं कि उस समय 1.5 लाख से ज्यादा कारसेवक वहां मौजूद थे।

1949 से ही बाबरी मस्जिद पर ताला लगा दिया था।
1949 से ही बाबरी मस्जिद पर ताला लगा दिया था।

इसके बाद देशभर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे। इन दंगों में 2 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। मामले की FIR दर्ज हुई और 49 लोग आरोपी बनाए गए। आरोपियों में लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, चंपत राय, कमलेश त्रिपाठी जैसे भाजपा और विहिप के नेता शामिल थे। मामला 28 साल तक कोर्ट में चलता रहा और 30 सितंबर 2021 को लखनऊ की CBI कोर्ट ने सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। फैसले के वक्त तक 49 में से 32 आरोपी ही बचे थे, बाकी 17 आरोपियों का निधन हो चुका था।

इसके अलावा 9 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने जमीन के मालिकाना हक को लेकर फैसला दिया था। इस फैसले के तहत जमीन का मालिकाना राम जन्मभूमि मंदिर के पक्ष में सुनाया। मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन अलग से देने का आदेश दिया। 5 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया था।

1956: डॉ. अंबेडकर का निधन हुआ

भीमराव रामजी अंबेडकर, जिन्हें लोग बाबासाहेब अंबेडकर के नाम से भी जानते थे। 6 दिसंबर 1956 को उनका निधन हो गया था। डॉ. अंबेडकर ही थे, जिन्होंने हमारे देश का संविधान बनाया था। आज उन्हीं के बनाए संविधान पर हमारा देश चल रहा है। संविधान निर्माता होने के साथ-साथ डॉ. अंबेडकर हमारे देश के पहले कानून मंत्री भी थे।

डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। वो 14 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। गरीब परिवार में जन्मे अंबेडकर ने छुआछूत का जमकर विरोध किया। इसी ने उन्हें दलितों का नेता भी बना दिया।

उन्होंने बॉम्बे (अब मुंबई) यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। बाद में उन्होंने अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री हासिल की। उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से PhD भी की।

आजादी के बाद उन्हें कानून मंत्री बनाया गया। साथ ही कॉन्स्टीट्यूशन ड्राफ्टिंग कमेटी का चेयरमैन भी अपॉइन्ट किया गया। डॉ. अंबेडकर को डायबिटीज की शिकायत थी। 6 दिसंबर 1956 को नींद में ही उनका निधन हो गया।

6 दिसंबर के दिन को और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2007: ऑस्ट्रेलिया के स्कूलों में सिख छात्रों को अपने साथ कृपाण ले जाने और मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने की इजाजत मिली।

1978: स्पेन में 40 साल के तानाशाही शासन के बाद देश के नागरिकों ने लोकतंत्र की स्थापना के लिए मतदान किया। यह जनमत संग्रह संविधान की स्वीकृति के लिए कराया गया।

1946: भारत में होमगार्ड की स्थापना।

1921: ब्रिटिश सरकार और आयरिश नेताओं के बीच हुई एक संधि के बाद आयरलैंड को एक स्वतंत्र राष्ट्र और ब्रिटिश राष्ट्रमंडल का स्वतंत्र सदस्य घोषित किया गया।

1917: फिनलैंड ने खुद को रूस से स्वतंत्र घोषित किया।

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