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आज का इतिहास:1993 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की पार्किंग में हुआ था धमाका, एक साल बाद आज ही के दिन हमला करने वालों को हुई 240 साल की सजा

4 महीने पहले
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26 फरवरी 1993। समय - दोपहर के 12 बजकर 18 मिनट। स्थान - न्यूयॉर्क का वर्ल्ड ट्रेड सेंटर। इस बिल्डिंग की पार्किंग में विस्फोटकों से भरा एक ट्रक पार्क किया हुआ था। उस ट्रक में जोरदार धमाका हुआ। इतना जोरदार कि धमाके वाली जगह पर करीब 60 फीट चौड़ा और 90 फीट गहरा गड्ढा हो गया। 6 लोगों की मौत हुई और करीब 1 हजार लोग घायल हुए। आज ही के दिन इस हमले के 4 आतंकियों को 240 साल की सजा सुनाई गई थी।

हमले की तैयारी एक साल पहले से ही की जा रही थी। पाकिस्तान से 2 आतंकवादी अहमद एजाज और रामजी यूसुफ अलग-अलग फ्लाइट से नकली पासपोर्ट के जरिए अमेरिका आए। इनका इरादा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की बिल्डिंग को गिराना था। दोनों को एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। एजाज के सूटकेस में विस्फोटक सामग्री मिलने पर जेल भेज दिया गया।

रामजी यूसुफ ने खुद को इराक का बताते हुए राजनीतिक शरण मांगी। कुछ समय के बाद यूसुफ को रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद यूसुफ ने अपने प्लान पर काम करना शुरू किया। वो न्यू जर्सी में मोहम्मद सालामेह के साथ एक किराए के कमरे में रहने लगा। मोहम्मद सालामेह भी धमाके की योजना बनाने में शामिल था। यूसुफ ने अपने एक और साथी इयाद को भी बुला लिया। दोनों ने बम बनाने के लिए न्यू जर्सी में ही एक गैरेज को किराए पर लिया और इसी गैरेज में 680 किलो का एक बम बना लिया।

23 फरवरी 1993 को दोनों ने एक ट्रक किराए पर लिया। दो दिन बाद ही इस ट्रक के चोरी होने की सूचना पुलिस को दी ताकि दोनों पर शक न हो। इसी ट्रक में बम रखा। इनके साथ यहां एक और साथी महमूद भी जुड़ गया।

धमाके के बाद न्यूयॉर्क की वेस्ट स्ट्रीट पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और सुरक्षाबलों के जवानों की भीड़।
धमाके के बाद न्यूयॉर्क की वेस्ट स्ट्रीट पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और सुरक्षाबलों के जवानों की भीड़।

26 फरवरी 1993 का दिन धमाके वाला दिन था। इस दिन चारों ट्रक को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की पार्किंग में पार्क कर आए। दोपहर ठीक 12 बजकर 18 मिनट पर धमाका हुआ। आतंकियों को उम्मीद थी कि इतने शक्तिशाली विस्फोट से बिल्डिंग ढह जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगर बिल्डिंग ढह जाती तो मरने वालों की संख्या हजारों में हो सकती थी।

धमाके के कुछ ही घंटों बाद चारों अपने-अपने देश भाग गए। अगले दो दिन में ही FBI ने ट्रक के चैसिस नंबर से पता कर लिया कि ट्रक न्यू जर्सी की एक रेंटल कंपनी का है। 4 मार्च को सालामेह चोरी हुए ट्रक की इंश्योरेंस के पैसे लेने अमेरिका आया। FBI ने सालामेह को गिरफ्तार कर लिया। मई तक FBI के पास हमले में शामिल सभी आतंकी या तो गिरफ्त में थे या उनका सुराग था।

16 सितंबर 1993 को मामले की सुनवाई शुरू हुई। आज ही के दिन 1994 में आरोपियों को 240 साल की सजा सुनाई गई।

आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता एक फायरफाइटर।
आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता एक फायरफाइटर।

1964: आज ही हुई थी फुटबॉल के इतिहास की सबसे भीषण त्रासदी
24 मई 1964। पेरू की राजधानी लीमा का नेशनल स्टेडियम। यहां पेरू और अर्जेंटीना की फुटबॉल टीमों के बीच मैच हो रहा था। इस मैच में जीतने वाले को टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक में खेलने का मौका मिलना था। दोनों टीमों के लिए ये करो या मरो का मुकाबला था। पेरू की टीम पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर थी और 2 मैच बाकी थे। ओलिंपिक क्वालीफाई करने के लिए कम से कम पेरू को ये मैच ड्रॉ तो करवाना ही था।

स्टेडियम में करीब 50 हजार दर्शक बैठे थे। पेरू के लिए ये होम ग्राउंड था, लेकिन अर्जेंटीना ने 1-0 से मैच में शुरुआती बढ़त ले ली थी। मैच खत्म होने में करीब 6 मिनट बचे थे। पेरू को किसी भी हाल में एक गोल करना ही था। पेरू के किलो लोबाटन ने गोल दागा, बॉल नेट से भी जा टकराई लेकिन मैच रेफरी ने फाउल देते हुए गोल देने से मना कर दिया।

इसके बाद नाराज दर्शकों ने स्टेडियम में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। लोग रैफरी को मारने के लिए दौड़े। पुलिस ने एक दर्शक को पकड़कर बुरी तरह पीटा, इससे गुस्सा और भड़क गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। स्टेडियम में जगह-जगह आग लग गई, भीड़ के पैरों तले दबने से सैकड़ों लोगों की मौत हुई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 328 लोग मारे गए, लेकिन मरने वालों की असल संख्या इससे कहीं ज्यादा थी। पेरू में अगले 7 दिनों के लिए राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया।

24 मई को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए याद किया जाता है

2019: गुजरात के सूरत में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 20 स्टूडेंट्स की मौत हुई।
2015: कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में आईपीएल के फाइनल मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराया।
2001: नेपाल के 15 वर्षीय शेरपा तेंबा शेरी माउंट एवरेस्ट की चोटी को फतह करने वाले सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बने।
2000: हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध गीतकार और शायर मजरूह सुल्तानपुरी का निधन हुआ।
1954: माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली प्रथम भारतीय महिला बछेंद्री पाल का आज जन्मदिन।
1930: एमी जॉनसन ने एयरप्लेन से अकेले इंग्लैंड से ऑस्ट्रेलिया का सफर पूरा किया। एमी ने 18 हजार किलोमीटर का सफर 19 दिनों में पूरा किया।
1915: थॉमस अल्वा एडिसन ने टेलीस्क्राइब का आविष्कार किया।
1883: सिविल इंजीनियर जॉन आगस्टस रुबलिंग के द्वारा बनाया गया ब्रुकलिन ब्रिज आम जनता के लिए खोला गया।
1875: सैय्यद अहमद खान ने अलीगढ़ में मुहम्मदीन ऐंग्लो ऑरियंटल स्कूल की स्थापना की। आज इसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है।
1862: दुनिया की पहले अंडरग्राउंड रेलवे लाइन, लंदन की मेट्रोपोलिटन अंडरग्राउंड रेलवे लाइन का पहला ट्रायल किया गया। 10 जनवरी 1863 को इसे आम लोगों के लिए खोला गया।
1830: बच्चों की पसंदीदा कविता Mary Had a Little Lamb पहली बार पब्लिश की गई। ये कविता एक असल घटना से प्रेरित होकर लिखी गई थी।
1819: ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैण्ड की महारानी महारानी विक्टोरिया का जन्म हुआ।