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पुरानी कंपनी, नया सफर:तीन साल का ब्रेक खत्म; 2022 की पहली तिमाही से उड़ेगी जेट एयरवेज, ​​​​​​​जालान का ऐलान- पहली उड़ान दिल्ली-मुंबई रूट पर होगी

नई दिल्ली15 दिन पहले
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जेट एयरवेज 2023 तक शुरू अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करेगी। तीन साल में 50 और पांच साल में 100 से ज्यादा विमान जोड़ेगी। - Dainik Bhaskar
जेट एयरवेज 2023 तक शुरू अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करेगी। तीन साल में 50 और पांच साल में 100 से ज्यादा विमान जोड़ेगी।

अप्रैल 2019 से बंद जेट एयरवेज की उड़ानें फिर शुरू हाेने वाली हैं। करीब तीन साल थमे रहने के बाद एयरलाइंस 2022 की पहली तिमाही से अपनी घरेलू उड़ानें शुरू करेगी। इसके बाद अगले वित्त वर्ष के अंत तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करेगी। कार्लरॉक जालान कंसाेर्टियम के सदस्य मुरारी लाल जालान ने साेमवार काे यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली उड़ान दिल्ली-मुंबई मार्ग पर हाेगी।

कंपनी की याेजना तीन साल में 50 से ज्यादा और पांच साल में 100 से ज्यादा विमानाें का बेड़ा तैयार करने की है। मुंबई की बजाय इस बार मुख्यालय दिल्ली में हाेगा। जालान ने दावा किया कि विमानन क्षेत्र के इतिहास में पहली बार दाे साल से ज्यादा समय तक बंद रही एयरलाइन फिर शुरू हाे रही है। इस एयरलाइन को फिर से चलाने के लिए कार्लरॉक कैपिटल और मुरारी लाल जालान की कंसोर्टियम ने अक्टूबर 2020 में बोली जीती थी।

शुरू होगी एक हजार से अधिक कर्मचारियों की भर्ती
जेट एयरवेज के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कैप्टन सुधीर गौर हैं। उन्होंने बताया, ‘वित्त वर्ष 2022 तक सभी श्रेणियाें में 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों की भर्तियां शुरू करेंगे। हमने पहले ही 150 से ज्यादा पूर्णकालिक कर्मचारियों काे नियुक्त कर लिया है।’

11% की दर से बढ़ा है एयर ट्रैफिक, 2038 तक चाहिए 200 एयरपोर्ट

  • बता दें कि एविएशन सेक्टर में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे नंबर पर है। भारत में साप्ताहिक सीटों की संख्या 20 लाख 90 हजार है। कोरोना से पहले औसत घरेलू यात्रियों की सालाना संख्या 14 करोड़ 40 लाख थी। इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक 6.65 करोड़ था। पिछले चार साल में यह 11.13 फीसदी चक्रवृद्धि दर से बढ़ा था।
  • मार्च 2019 तक भारत में कुल 103 एयरपोर्ट थे, जिनकी संख्या 2039 तक 200 करने की योजना है। इसी तरह साल 2027 तक विमानाें की संख्या बढ़कर 1100 तक पहुंच सकती है। सबसे ज्यादा 250 एयरप्लेन इंडिगो के पास हैं। एक अनुमान के अनुसार साल 2038 तक भारत को करीब 2400 विमानाें की जरूरत होगी।

भास्कर एक्सपर्ट - पैसेंजर डिमांड दूसरे देशों से कई गुना ज्यादा, जेट को मिल सकता है फायदा इक्रा के एविएशन एक्सपर्ट किंजल शाह ने बताया कि विश्व में सबसे तेजी से हमारा एयर ट्रैफिक बढ़ रहा है। पैसेंजर डिमांड भी दूसरे देशों से कई गुना ज्यादा है। ऐसे में जेट एयरवेज या झुनझुनवाला की एयरलाइंस काे इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि अभी एयरलाइंस कंपनियों के रेवेन्यू को देखा जाए तो स्थिति बेहतर नहीं कही जा सकती। अभी जो एयरलाइंस हैं, वही ठीक से संचालित नहीं हो पा रही हैं।

सभी एयरलाइंस के पास पहले से कैपेसिटी बहुत ज्यादा है। एयरलाइंस के हिसाब से पैसेंजर नहीं हैं। हमारे देश में किराया बहुत कम हैं। ऐसे में और एयरलाइंस बढ़ती हैं तो फेयरवार शुरू होने की संभावना भी है। इससे कई एयरलाइंस के बंद होने की स्थिति बन सकती है।’

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