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आज का इतिहास:लंदन में हुई थी दुनिया के पहले ATM की शुरुआत, बैंक की लाइन में खड़े रहने से परेशान शख्स ने बनाई थी ये मशीन

4 महीने पहले
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बैंकनोट बनाने वाली एक कंपनी में काम करने वाले जॉन शेफर्ड बैरन को एक चीज बहुत परेशान कर रही थी। दरअसल होता ये कि बैरन जब शनिवार को बैंक में अपने चेक से पैसे निकालने जाते, तो उन्हें बहुत लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता और कई बार तो वो पैसे निकाल ही नहीं पाते।

इसी तरह एक शनिवार को वे बैंक गए लेकिन पैसे नहीं निकाल पाए। उसी शाम नहाते हुए उन्हें आइडिया आया कि जिस तरह चॉकलेट वेंडिंग मशीन में पैसे डालते ही चॉकलेट बाहर आ जाती है उसी तरह एक ऐसी मशीन बनाई जाए जिसमें से पैसे निकल सकें। बस फिर क्या था बैरन अपने काम पर लग गए।

उन्होंने चॉकलेट वेंडिंग मशीन की तरह ही मशीन बनाई जिसमें 6 अंकों का एक पिन एंटर करना होता था। दरअसल बैरन आर्मी में रहे थे और उन्होंने अपनी आर्मी के रजिस्ट्रेशन नंबर को ही पिन बनाया था, लेकिन उनकी पत्नी ने कहा कि वो 6 अंकों का पिन याद नहीं रख सकतीं इसलिए बाद में पिन को बदलकर 4 अंकों का किया गया।

हालांकि अभी की तरह उस मशीन में कार्ड का इस्तेमाल नहीं होता था। मशीन में चेक से पैसे निकाले जाते थे। इन चेक पर एक रेडियोएक्टिव पदार्थ लगा होता था जिसे मशीन पढ़ लेती थी। चेक लगाने के बाद पिन एंटर करना होता था।

ATM के उद्घाटन समारोह में जुटी भीड़।
ATM के उद्घाटन समारोह में जुटी भीड़।

उन्होंने इस तरह की 6 मशीनें बनाईं और इन्हें अलग-अलग जगहों पर लगाया गया। सबसे पहली मशीन लंदन के इनफील्ड में बार्कलेज बैंक में 27 जून 1967 को लगाई गई। इस मशीन से सबसे पहले ब्रिटिश कॉमेडी एक्टर रेग वार्ने ने पैसे निकाले। इस मशीन से एक बार में अधिकतम 10 पाउंड (आज के हिसाब से करीब 1 हजार रुपए और 1967 के हिसाब से करीब 180 रुपए) ही निकलते थे।

इन 6 मशीनों के बाद बैरन ने इस तरह की 50 मशीनें और बनाईं। इन्हें लंदन में ही अलग-अलग जगहों पर लगाया गया। धीरे-धीरे इनका चलन बढ़ने लगा और लोग टाइम की बचत की वजह से इनका इस्तेमाल ज्यादा करने लगे।

हालांकि 60 के दशक में इस तरह की मशीन बनाने में दुनियाभर के लोग जुटे हुए थे। साल 1966 में जेम्स गुडफैलो ने ATM टेक्नोलॉजी के लिए पहला पेटेंट करवाया था। इसमें चेक की जगह प्लास्टिक कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था, जो आज तक प्रचलित है।

साथ ही बैरन ने इस पूरी टेक्नोलॉजी का पेटेंट नहीं करवाया था। उनका मानना था कि अगर वो पेटेंट करवाएंगे तो इस टेक्नोलॉजी का हैकर गलत फायदा उठा सकते हैं। इसी वजह से ATM का आविष्कारक कौन है इस बात को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं।

साल 1977 में सिटी बैंक ने न्यूयॉर्क में ATM लगाने के लिए 100 मिलियन डॉलर खर्च किए। सिटी बैंक को भारत में भी ATM को बढ़ावा देने का श्रेय जाता है। 1984 तक दुनियाभर में 1 लाख से भी ज्यादा ATM हो गए। एक अनुमान के मुताबिक फिलहाल पूरी दुनिया में 35 लाख से भी ज्यादा ATM हैं।

1957: ‘धूम्रपान से कैंसर होता है’ इसकी पुष्टि हुई थी

फिल्म देखते हुए, सिगरेट के डिब्बों पर और दीवारों पर आपने “धूम्रपान से कैंसर होता है” ये लिखा देखा ही होगा। साल 1957 में आज ही के दिन इसकी वैज्ञानिक पुष्टि हुई थी। दरअसल 1957 के पहले अलग-अलग देशों में फेफड़ों के कैंसर और धूम्रपान के बीच संबंध पता करने के लिए कई रिसर्च की जा रही थी। इसी कड़ी में अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, अमेरिकन कैंसर सोसायटी और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने एक स्टडी की।

इस स्टडी में 1952 से 1955 तक अमेरिका के 1 करोड़ 87 लाख 783 पुरुषों को शामिल किया गया। 44 महीनों की स्टडी के दौरान इनमें से 11 हजार 783 लोगों की मौत हो गई। इन सभी मौतों की जांच-पड़ताल के बाद आज ही के दिन ये स्टडी पब्लिश हुई। स्टडी में खुलासा हुआ कि इन लोगों की मौत की एक बड़ी वजह धूम्रपान भी है। साथ ही ये भी पता लगा कि धूम्रपान करने वालों में लंग कैंसर होने की संभावना 5 से 15 गुना ज्यादा होती है।

1920 के बाद से ही लंग कैंसर से ही रही मौतें बढ़ने लगी थीं। लोग मान रहे थे कि इन बढ़ी मौतों के पीछे प्रदूषण और विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल हुए हथियारों का केमिकल है। 1929 में फ्रित्ज लिकिंट ने पहली बार तंबाकू और लंग कैंसर के बीच संबंध पता करने के लिए स्टडी की थी।

इसके बाद साल 1939 में जर्मनी के हर्मन मुलर ने भी एक स्टडी की। उन्होंने लंग कैंसर के 86 मरीजों पर स्टडी की और ये बताया कि धूम्रपान करने वालों को लंग कैंसर होने का खतरा ज्यादा है।

इस रिपोर्ट के पब्लिश होने के बाद लोग दो धड़ों में बंट गए। कई लोग हेल्थ को ध्यान में रखते हुए तंबाकू उत्पादों पर बैन करने की मांग करने लगे, वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इस रिपोर्ट को मानने से ही इनकार कर दिया। दरअसल उस समय पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा तंबाकू की पैदावार और निर्यात अमेरिका ही करता था।

2004 में भूटान की संसद में तंबाकू पर रोक लगाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा करते संसद के सदस्य। 2010 में भूटान ने पूरे देश में तंबाकू पर बैन लगा दिया है। ऐसा करने वाला वो दुनिया का पहला देश है।
2004 में भूटान की संसद में तंबाकू पर रोक लगाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा करते संसद के सदस्य। 2010 में भूटान ने पूरे देश में तंबाकू पर बैन लगा दिया है। ऐसा करने वाला वो दुनिया का पहला देश है।

इस वजह से अमेरिका की अर्थव्यवस्था में तंबाकू और तंबाकू प्रोडक्ट का खासा योगदान था। अमेरिका के आधे से ज्यादा पुरुष सिगरेट पीते थे और लाखों लोगों को इससे रोजगार भी मिलता था। तंबाकू प्रोडक्ट से होने वाले नुकसान को देखते हुए कई देशों ने अलग-अलग प्रतिबंध भी लगाए हैं।

27 जून के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2008: माइक्रोसॉफ्ट कार्पोरेशन के चेयरमैन बिल गेट्स ने अपने पद से इस्तीफा दिया।

1971 के युद्ध में भारत की जीत के हीरो सैम मानेकशॉ का आज ही के दिन 2008 में निधन हुआ था।
1971 के युद्ध में भारत की जीत के हीरो सैम मानेकशॉ का आज ही के दिन 2008 में निधन हुआ था।

1964: भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के आवास तीन मूर्ति भवन को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम में बदल दिया गया।

1954: सोवियत संघ के ओबनिंस्क में दुनिया के पहले थर्मल पावर स्टेशन की शुरुआत की गई।

1871: येन को आधिकारिक तौर पर जापान की मुद्रा स्वीकार किया गया।

1846: न्यूयॉर्क और बोस्टन को टेलीग्राफ लाइन से जोड़ा गया।

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