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महबूबा की मां को नोटिस पर गुपकार ने कहा:यह विरोध दबाने की कोशिश, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय 14 जुलाई को पूछताछ करेगा

जम्मू-कश्मीर18 दिन पहले
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प्रवक्ता बोले- वह बुजुर्ग और कमजोर हैं, उन्हें बुलाना अपमानजनक। - Dainik Bhaskar
प्रवक्ता बोले- वह बुजुर्ग और कमजोर हैं, उन्हें बुलाना अपमानजनक।

जम्मू-कश्मीर के गुपकार गठबंधन ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की मां गुलशन नजीर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तलब किए जाने की आलोचना की है। गठबंधन ने कहा कि यह राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने की कोशिश है। गुलशन नजीर 70 साल की बुजुर्ग और कमजोर महिला हैं।

उन्हें बुलाना सरकार की दबाव की रणनीति के अलावा और कुछ नहीं है। गुपकार गठबंधन के रूप में जाने जा रहे पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) के प्रवक्ता एमवाई तारिगामी ने बुधवार को कहा, ‘ईडी द्वारा पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पत्नी गुलशन नजीर को बुलाया जाना बेहद अपमानजनक है।

इसकी निंदा करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं हैं।’ तारिगामी ने कहा, ‘पीडीपी द्वारा परिसीमन आयोग से मिलने से इनकार करने के कुछ ही घंटों बाद ही समन जारी किया गया। राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके असंतोष की आवाज को दबाना मंजूर नहीं है।’ ईडी ने मंगलवार को महबूबा की मां गुलशन नजीर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 जुलाई को श्रीनगर में एजेंसी के कार्यालय में पेश होने के लिए एक नोटिस जारी किया है।

उनसे पूछताछ की जाएगी। बता दें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत दर्ज यह मामला महबूबा के एक कथित सहयोगी पर छापेमारी के बाद केंद्रीय एजेंसी को मिली दो डायरियों से जुड़ा है। इन डायरियों में मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष से किए गए कुछ कथित भुगतानों का जिक्र है। एजेंसी के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करते हुए गलत ढंग से फंड ट्रांसफर किए गए हैं।

चार दिवसीय दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचा है दल
परिसीमन आयोग की नेताओं व चुनाव अधिकारियों से चर्चा

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के फिर से निर्धारण की कवायद बुधवार को भी जारी रही। इस सम्बंध में परिसीमन आयोग के सदस्यों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और चुनाव अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि आयोग के सदस्यों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम का दौरा किया। वहां उन्होंने दक्षिण कश्मीर क्षेत्र के राजनेताओं से बातचीत की। इसमें राजनेताओं ने अपने-अपने दलों के विचारों को दोहराया। इसके बाद आयोग के सदस्यों ने श्रीनगर में चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक की। आयोग का नेतृत्व जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई कर रहे हैं। आयोग के सदस्य मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं।
2011 की जनगणना के आधार पर हो परिसीमन
हालांकि, पीडीपी और एएनसी ने आयोग से चर्चा नहीं करने का फैसला लिया है। जबकि परिसीमन आयोग से मिलने वाले दलों में नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, माकपा, अपनी पार्टी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस शामिल हैं। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और माकपा ने मांग की है कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन होना चाहिए।

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