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पटियाला हाउस कोर्ट ने इलाज की उच्च स्तरीय सुविधा देने की दोषी विनय की याचिका खारिज की, कहा- मौजूदा इंतजाम काफी

2 वर्ष पहले
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  • तिहाड़ जेल के अधिकारी ने कहा- चारों दोषियों को अंतिम बार परिवार से मिलने के बारे में सूचित किया गया है
  • दोषी मुकेश और पवन को बताया गया कि वे 1 फरवरी को डेथ वॉरंट जारी होने के पहले परिवार से मिल चुके हैं
  • दोषी पवन ने कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने से इनकार किया, अदालत ने वकील उपलब्ध कराया था

नई दिल्ली. पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को इलाज की उच्च स्तरीय सुविधा देने की दोषी विनय की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मौत की सजा पाने वाले गुनहगार में चिंता और निराशा जैसे भाव आना स्वाभाविक हैं। मौजूदा केस में दोषी को पर्याप्त इलाज और मनोवैज्ञानिक मदद मुहैया कराई जा रही है। विनय ने इलाज संबंधी अपनी मांग को लेकर ट्रायल कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।


इससे पहले, तिहाड़ प्रशासन ने विनय के स्वास्थ्य को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी। विनय ने कोर्ट से कहा था कि वह सिजोफ्रेनिया से पीड़ित है। उसके वकील एपी सिंह ने दावा किया था कि विनय के सिर में गंभीर चोट और हाथ में फ्रैक्चर है। वह अपनी मां को भी नहीं पहचान पा रहा है। सुनवाई में सरकारी वकील इरफान अहमद ने कहा- विनय की मानसिक स्थिति खराब होने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। पिछले दिनों उसने खुद जेल की दीवार पर सिर पटका था। इसके बाद दो डॉक्टरों ने उसकी पट्टी की थी। जेल अधिकारियों ने इस घटना के सीसीटीवी फुटेज कोर्ट को सौंपे हैं। उसने हाल ही में अपनी मां से दो बार फोन पर बात की। ऐसे में उसके वकील कैसे कह सकते हैं कि वह अपनी मां को नहीं पहचान पा रहा है।

निर्भया की मां बोलीं- मैं 7 साल से धक्के खा रही हूं
फैसले के बाद निर्भया की मां ने कहा- दोषी के इलाज का कोई मुद्दा नहीं था। यह केवल सजा में देरी करने की कोशिश थी। दोषी अदालत को गुमराह कर रहे हैं। 7 साल बाद आज इन लोगों को कोर्ट में अपनी पत्नी, बहन, मां की याद आई। मेरी बच्ची भी किसी की बहन-बेटी थी, मैं भी किसी की बेटी और पत्नी हूं। मैं पिछले 7 साल से धक्के खा रही हूं। उनके सारे कानूनी उपाय खत्म हो चुके हैं और मुझे भरोसा है कि उन्हें 3 मार्च को फांसी दे दी जाएगी।

दोषियों से आखिरी मुलाकात का वक्त

  • तिहाड़ के अधिकारी ने कहा, “हमने चारों दोषियों को लिखित तौर पर उनके परिवारों से अंतिम मुलाकात के बारे में बताया है। मुकेश और पवन को सूचित किया गया है कि वे अपने परिवारों से 1 फरवरी के डेथ वॉरंट से पहले मिल चुके हैं। दो अन्य दोषियों अक्षय और विनय से पूछा गया है कि वे बताएं कि परिवार से अंतिम मुलाकात कब करना चाहते हैं।”
  • इस बीच, दोषी पवन गुप्ता ने अदालत की तरफ से उसे दिए गए कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने से इनकार कर दिया। इससे पहले उसने दिल्ली डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) द्वारा मुहैया कराए गए वकील की सेवाएं लेने से इनकार कर दिया था।

बार-बार टल रही है गुनहगारों की फांसी
पटियाला हाउस कोर्ट चारों दोषियों के तीन बार डेथ वॉरंट जारी कर चुका है। लेकिन उनके द्वारा कानूनी विकल्प इस्तेमाल करने से फांसी 2 बार टल गई थी। अब फांसी की नई तारीख 3 मार्च है, लेकिन दोषियों के वकील एपी सिंह ने दावा किया है- लिखकर रख लो इस तारीख को फांसी नहीं होगी, क्योंकि लूट का एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है।

  • पहला डेथ वॉरंट (7 जनवरी): 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी देने का आदेश, एक दोषी की दया याचिका लंबित रहने से फांसी नहीं हुई।
  • दूसरा डेथ वॉरंट (17 जनवरी): 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देना का आदेश, 31 जनवरी को कोर्ट ने अनिश्चितकाल के लिए फांसी टाली।
  • तीसरा डेथ वॉरंट (17 फरवरी): 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी का आदेश, दोषियों के वकील ने कहा- अभी हमारे पास कानूनी विकल्प बाकी हैं।