• Hindi News
  • National
  • TMC MP Mimi Chakraborty Fell Ill After Getting Fake Corona Vaccine, Exposed Fake Vaccination Camp 4 Days Ago

फेक वैक्सीन का साइड इफेक्ट:TMC सांसद मिमी नकली वैक्सीन लगाए जाने के 4 दिन बाद बीमार पड़ीं, उन्होंने ही किया था फर्जी वैक्सीनेशन का खुलासा

कोलकाता5 महीने पहले
मिमी ने कोलकाता में फर्जी वैक्सीनेशन कैंप के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि एक व्यक्ति उनसे IAS अफसर बनकर मिला और कैंप में शामिल होने की गुजारिश की थी।

नकली वैक्सीन की डोज लगने के 4 दिन बाद तृणमूल सांसद मिमी चक्रवर्ती की तबीयत बिगड़ गई है। वे कोलकाता में एक फर्जी वैक्सीनेशन कैंप का शिकार हो गई थीं। इस मामले की जांच के लिए SIT बना दी गई है। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मिमी ने तबीयत बिगड़ने के बाद आज सुबह अपने घर डॉक्टर को बुलाया। उनके पेट में तेज दर्द था और लगातार पसीना आ रहा था। उन्हें अस्पताल में एडमिट कराने की सलाह दी गई है। लेकिन फिलहाल उन्होंने एडमिट होने से मना कर दिया है और घर पर ही इलाज चल रहा है।

दरअसल, मिमी चक्रवर्ती ने ही बुधवार को कोलकाता में चल रहे एक फर्जी वैक्सीनेशन कैंप का खुलासा किया था। उन्होंने दावा किया था कि वे खुद इस फर्जी वैक्सीनेशन कैंप का शिकार हो गई हैं। उन्होंने बताया था कि देबांजनदेव नाम के एक शख्स ने उनसे IAS अफसर बनकर संपर्क किया था। उसने कहा था कि ट्रांसजेंडर्स और दिव्यांग लोगों के लिए खास वैक्सीनेशन ड्राइव चला रहा है। मिमी ने बताया कि उसने वैक्सीनेशन कैम्प में शामिल होने की गुजारिश की थी।

मोबाइल पर मैसेज नहीं आया तो हुआ शक
मिमी ने बताया कि उन्होंने लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए कैम्प में जाकर कोवीशील्ड का डोज लिया था। लेकिन उनके मोबाइल पर COWIN का मैसेज नहीं आया। ऐसे में शक होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की और बाद में आरोपी पकड़ा गया।

फर्जी IAS अधिकारी बनकर वैक्सीनेशन कैंप लगाने वाले जिस व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसके झांसे में आकर TMC सांसद मिमी चक्रवर्ती भी वैक्सीन लेने पहुंच गई।
फर्जी IAS अधिकारी बनकर वैक्सीनेशन कैंप लगाने वाले जिस व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसके झांसे में आकर TMC सांसद मिमी चक्रवर्ती भी वैक्सीन लेने पहुंच गई।

आरोपी खुद को बताता था ज्वाइंट कमिश्नर
देवांजन की उम्र 28 साल है। उसके पिता का नाम मोनोतांजन देव है। वो कोलकाता के आनंदपुर के मदुरदाहा का रहने वाला है। वो खुद को कोलकाता नगर निगम का ज्वाइंट कमिश्नर बताता था। पुलिस के मुताबिक, ये गिरोह फर्जी सील और कागजों से लोगों को धोखा दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी ID, विजिटिंग कार्ड और हेल्थ डिपार्टमेंट से जारी वैक्सीन से जुड़े कुछ डॉक्यूमेंट भी बरामद किए हैं।

खबरें और भी हैं...