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इतिहास में आज:महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का निधन, उन्हें मारने के लिए हिटलर ने रखा था 5 हजार डॉलर का इनाम

7 महीने पहले
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“हर शख्स जीनियस है, लेकिन अगर आप एक मछली को पेड़ पर चढ़ने की काबिलियत के हिसाब से आकेंगे तो मछली सारी उम्र यही सोचती रहेगी कि वो बेवकूफ है।” ये विचार उस शख्स के हैं जिसे बचपन में उसके शिक्षकों ने स्कूल छोड़ने की सलाह दी थी। आगे चलकर उस व्यक्ति ने विज्ञान के क्षेत्र में वो कमाल किए कि आज हर स्कूली बच्चा उनके आविष्कार और थ्योरिज को पढ़ता है। हम बात कर रहे हैं इतिहास के सबसे महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की।

वे सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान ऊर्जा समीकरण E=mc2 के लिए जाने जाते हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन को फोटो इलेक्ट्रिक इफेक्ट की खोज करने के लिए सन् 1921 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आइंस्टीन ने लगभग 300 से भी अधिक वैज्ञानिक शोध पत्रों का प्रकाशन किया है। 1955 में आज ही के दिन यानी 18 अप्रैल को इस महान वैज्ञानिक ने प्रिन्स्टन के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली थी।

14 मार्च 1879 में जर्मनी के एक साधारण परिवार में अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म हुआ। पिता बिजली के सामान का कारखाना चलाते थे। मां घर का कामकाज करती थीं। आइंस्टीन के लालन-पालन की जिम्मेदारी उनके चाचा ने निभाई। चाचा आइंस्टीन को जो भी उपहार देते थे, सभी विज्ञान से जुड़े होते थे। इस वजह से स्कूली दिनों में ही आइंस्टीन की सामान्य विज्ञान पर अच्छी पकड़ हो गई थी।

हिटलर ने आइंस्टीन को मारने पर रखा था 5 हजार डॉलर का इनाम

1933 में जर्मनी पर हिटलर की तानाशाही शुरू हो गई। वहां हर प्रकार के यहूदी साहित्य की सार्वजनिक होली जलाने का अभियान छेड़ दिया गया। आइंस्टीन की लिखी पुस्तकों की भी होली जलाई गई। हिटलर ने जर्मन राष्ट्र के दुश्मनों की एक सूची बनाई। इसमें घोषणा की गई कि जो व्यक्ति आइंस्टीन की हत्या कर देगा उसे 5 हजार डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा। जर्मनी के अलावा वे उसके पड़ोसी देशों स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया में भी रहे। 1914 से 1932 तक आइंस्टीन बर्लिन में रहे। इस दौरान हिटलर की यहूदियों के प्रति घृणा को देखते हुए वे अमेरिका चले गए।

1857 की क्रांति के नायक तात्या टोपे को 18 अप्रैल 1859 को फांसी दी गई थी।
1857 की क्रांति के नायक तात्या टोपे को 18 अप्रैल 1859 को फांसी दी गई थी।

1859: तात्या टोपे को दी गई फांसी

1859 में आज ही के दिन महान क्रांतिकारी और 1857 की क्रांति के नायक तात्या टोपे को फांसी दी गई थी। उनका जन्म 1814 में महाराष्ट्र के नासिक जिले में हुआ था। तात्या का वास्तविक नाम रामचंद्र पांडुरंग राव था। उनके पिता का नाम पांडुरंग त्र्यंबक भट और माता का नाम रुक्मिणी बाई था।

तात्या ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों से अकेले सफल संघर्ष किया। तात्या ने 18 जून 1858 को रानी लक्ष्मीबाई के वीरगति के बाद गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई। तात्या टोपे द्वारा गुना जिले के चंदेरी, ईसागढ़ के साथ ही शिवपुरी जिले के पोहरी, कोलारस के वनों में गुरिल्ला युद्ध करने की अनेक कथाएं स्थानीय लोगों में आज भी प्रचलित हैं। 7 अप्रैल 1859 को तात्या शिवपुरी-गुना के जंगलों में सोते हुए धोखे से पकड़े गए। 18 अप्रैल 1859 की शाम ग्वालियर के पास तात्या टोपे को फांसी दे दी गई।

1924: पहली बार क्रॉस वर्ड पजल बुक प्रकाशित की गई

18 अप्रैल 1924 को रिचर्ड साइमन और लिंकन शूस्टर द्वारा दुनिया की पहली क्रॉसवर्ड पजल बुक छापी गई। इन दोनों को इस बुक के बिकने पर संदेह था इसलिए शुरुआत में केवल 3600 प्रतियां ही छापी गईं, लेकिन ये किताब जल्द ही फेमस हो गई और इसकी 1 लाख से भी ज्यादा प्रतियां बिकीं। हालांकि, 1913 में पहली बार न्यूयॉर्क वर्ल्ड नाम के अखबार में आर्थर वेन ने क्रॉसवर्ड पजल प्रकाशित की थी। 20वीं सदी की शुरुआत तक क्रॉसवर्ड पजल लगभग हर अखबार में आने लगी थी। इसके 11 साल बाद पहली बार क्रॉसवर्ड की कोई किताब छापी गई।

18 अप्रैल 1994 को वेस्टइंडीज के बल्लेबाज ब्रायन लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ एक दिन में 375 रन बनाकर सर गारफील्ड सोबर्स का रिकॉर्ड तोड़ा।
18 अप्रैल 1994 को वेस्टइंडीज के बल्लेबाज ब्रायन लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ एक दिन में 375 रन बनाकर सर गारफील्ड सोबर्स का रिकॉर्ड तोड़ा।

18 अप्रैल के दिन को इतिहास में और किन-किन वजहों से याद किया जाता है

2001: भारतीय सीमा में घुस आई बांग्लादेश की सेना की गोलीबारी से भारत के 16 जवान शहीद।

1996: काहिरा में अज्ञात हमलावरों ने ग्रीस के 17 टूरिस्टों और उनके स्थानीय गाइड को गोलियों से भूना।

1992: रंगभेद के कारण प्रतिबंधित दक्षिण अफ्रीका ने 1970 के बाद पहला क्रिकेट टेस्ट मैच खेला।

1991: केरल को देश का पहला पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया।

1980: जिम्बाब्वे ने ब्रिटेन से आजादी का ऐलान किया।

1978: आधुनिक नई दिल्ली का निर्माण करने वाले सोभा सिंह का निधन।

1950: विनोबा भावे ने आंध्र प्रदेश के पंचम पल्ली गांव की 80 एकड़ भूमि दान करके भूदान आंदोलन शुरू किया।

1948: नीदरलैंड के हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस की स्थापना की गई।

1902: अपराधियों की पहचान के लिए डेनमार्क ने सबसे पहले फिंगरप्रिंट दर्ज करने शुरू किए।

1621: सिक्खों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर का जन्म।

1612: शाहजहां ने मुमताज से निकाह किया।