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आज का इतिहास:कार्टूनिस्ट से किंगमेकर बने बाला साहेब ठाकरे का निधन; अंतिम यात्रा में इतने लोग उमड़े कि पूरा मुंबई थम गया

6 महीने पहले
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साल था 1996। कार्टूनिस्ट प्रशांत कुलकर्णी एक राजनीतिक हस्ती का इंटरव्यू ले रहे थे। बात शुरू होने से पहले ही प्रशांत से कहा गया कि आपका बनाया ब्रोकन एरो वाला कार्टून अच्छा था। चलो, अब कार्टून की ही बात करते हैं। दरअसल, तारीफ करने वाला शख्स खुद भी एक कार्टूनिस्ट था और उनका नाम था- बालासाहेब ठाकरे।

यह किस्सा बहुत खास है क्योंकि प्रशांत के जिस कार्टून की तारीफ की गई थी, उसका उस समय राजनीतिक तौर पर महत्व बहुत ज्यादा था। दरअसल, पुणे के अलका थिएटर में रमेश किणी की लाश मिली थी और उस समय वह थिएटर में अंग्रेजी फिल्म ब्रोकन एरो (Broken Arrow) देख रहे थे। इस हत्या को लेकर बाल ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे पर अंगुलियां उठ रही थीं और यह खूब चर्चित हुआ। प्रशांत ने अपने कार्टून में टूटे तीर की नोंक से टपकता खून दिखाया था। उसके साथ लिखा था- ब्रोकन एरो- खलबली मचाने वाला डरावना सिनेमा। शिवसेना का चुनाव चिह्न भी तीर-कमान ही है। साफ है कि प्रशांत के कार्टून का हमला सीधे तौर पर शिवसेना पर ही था और बाल ठाकरे ने बेबाकी से उस पर अपनी बात रखी। ऐसी ही बेबाकी के साथ अपना जीवन जीने वाले बाल ठाकरे ने 17 नवंबर 2012 को आखिरी सांस ली थी।

1988 में बाल ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' की शुरुआत की थी।
1988 में बाल ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' की शुरुआत की थी।

1950 में फ्री प्रेस जर्नल में मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण के साथ काम कर चुके बाल ठाकरे की कहानी एक किंग मेकर की कहानी है। ठाकरे के कार्टून जापान के एक डेली न्यूज पेपर 'द असाही शिंबुन' और 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के संडे एडिशन में छपा करते थे। उनके राजनीतिक कद का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि उनके निधन के बाद पूरा मुंबई बंद हो गया था। अंतिम यात्रा में 2 लाख से ज्यादा लोग शामिल थे। बाल ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। 9 भाई-बहनों में सबसे बड़े। मीनाताई ठाकरे से शादी के बाद उन्हें तीन बेटे भी हुए- बिंदुमाधव ठाकरे, जयदेव ठाकरे और उद्धव ठाकरे। उद्धव आज महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री हैं।

बाला साहेब की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़।
बाला साहेब की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़।

1960 में वह पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हो गए। अपने भाई के साथ मार्मिक नाम से साप्ताहिक अखबार निकाला। 1966 में 'मराठी माणुस' को हक दिलाने के लिए शिवसेना बनाई। खुद कभी चुनाव नहीं लड़ा और किंग मेकर की भूमिका ही निभाई। बेबाकी तो जैसे उनमें कूट-कूटकर भरी थी। जब अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराया गया और कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा था, तब बाल ठाकरे ही थे जो खुलकर कह गए कि शिवसैनिकों ने गिराई है मस्जिद। इमरजेंसी के दौरान विपक्ष में रहते हुए भी इंदिरा गांधी को समर्थन दिया था। फिर, प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति बनाने की बात हो या प्रणब मुखर्जी को, उन्होंने गठबंधन से बाहर जाकर अपनी बेबाकी दिखाई। 1995 में शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाई। 2006 में जब बेटे उद्धव को शिवसेना की कमान सौंपी तो राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बनाई। यह बात आखिरी वक्त तक उन्हें टीसती रही।

1928: लाल-बाल-पाल तिकड़ी के लाला लाजपत राय का निधन

1900 की शुरुआत में अंग्रेजों को परेशान करने वाली तिकड़ी थी- लाल-बाल-पाल की। यानी लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और विपिन चंद्र पाल। पंजाब नेशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा कंपनी की स्थापना करने वाले लाला लाजपत राय गरम दल के नेताओं में गिने जाते थे। उनका जन्म मोगा जिले में 28 जनवरी 1865 को जैन परिवार में हुआ था। पेशे से वकील थे। स्वामी दयानंद सरस्वती के साथ आर्य समाज में रहे और वैदिक संस्कृति का खूब प्रचार-प्रसार किया।

लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और विपिन चंद्र पाल।
लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और विपिन चंद्र पाल।

1928 में साइमन कमीशन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में उन पर अंग्रेजी हुकूमत ने लाठियों से वार किया। इस दौरान वह बुरी तरह से घायल हो गए और कुछ दिन बाद उनका निधन हो गया था। जिस समय वह लाठियों से घायल हुए थे तो उन्होंने कहा था- मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी। लाला लाजपत राय की मौत के बाद पूरे देश में आक्रोश था। चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और बाकी क्रांतिकारियों ने इसका बदला लेने की ठानी। एक महीने बाद 17 दिसंबर 1928 को ब्रिटिश पुलिस अफसर सांडर्स को गोली मार दी। इसी मामले में राजगुरु, सुखदेव, और भगतसिंह को फांसी की सजा सुनाई गई थी।

1966: भारत की पहली मिस वर्ल्डः रीता फारिया

17 नवंबर 1966 में भारत की रीता फारिया पावेल ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत और एशिया की पहली महिला थीं। वह पहली ऐसी मिस वर्ल्ड रहीं, जो पेशे से डॉक्टर थीं। इसके बाद भारत से 6 विश्व सुंदरी बन चुकी हैं। 23 अगस्त 1943 को मुंबई में जन्मी रीता ने 23 साल की उम्र में यह खिताब हासिल किया था।

यह तस्वीर रीता फारिया के मिस वर्ल्ड खिताब जीतने के समय की है।
यह तस्वीर रीता फारिया के मिस वर्ल्ड खिताब जीतने के समय की है।

रीता के माता पिता गोवा के रहने वाले थे। खिताब जीतने के बाद उन्होंने एक साल तक मॉडलिंग की, लेकिन फिर छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने मुंबई स्थित ग्रांट मेडिकल कॉलेज और सर जमशेदजी जीजा बाई ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल से MBBS की पढ़ाई पूरी की। फिर आगे की पढ़ाई के लिए लंदन के किंग्स कॉलेज एंड हॉस्पिटल चली गईं। 1971 में उनकी शादी डेविड पॉल से हुई थी। अभी वह अपने पति के साथ आयरलैंड के डबलिन में रहती हैं। उनके दो बेटे हैं।

19 नवंबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2008: चंद्रयान-1 की सफलता के बाद केन्द्र सरकार ने चंद्रयान-2 मिशन को मंजूरी दी।

2006: अमेरिकी सीनेट ने भारत-अमेरिका परमाणु संधि को मंजूरी दी।

1999: अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को यूनेस्को ने स्वीकृति दी।

1970: सोवियत अंतरिक्ष यान लुना खोद-1 चांद पर उतरा था।

1932: तीसरे गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत हुई।

1917: फ्रेंच मूर्तिकार अगस्त रोडिन का म्यूडन में 77 साल की उम्र में निधन हुआ था।

1869: मिस्र में स्वेज नहर को खोला गया था।

1869: इंग्लैंड के जेम्स मूरी ने 13 हजार Km लंबी पहली साइकिल रेस जीती।

1525: मुगल शासक बाबर ने भारत में सिंध के रास्ते पांचवी बार प्रवेश किया।