• Hindi News
  • National
  • India Pakistan Plan Hijack: Today History Aaj Ka Itihas 31 December | Indian Airlines Plane Hijack And Pakistani Intelligence Agency Connection

आज का इतिहास:इंडियन एयरलाइंस प्लेन हाईजैक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का था हाथ, भारत ने छोड़े थे तीन आतंकी

5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली जा रहे इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को हाईजैक करके उसे अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था। इस फ्लाइट में सवार 170 से अधिक यात्रियों को बचाने के लिए भारत ने आज ही के दिन (31 दिसंबर) 1999 में 3 आतंकियों को रिहा किया था।

इस प्लेन में 178 यात्री और 11 क्रू मेंबर सवार थे। इस प्लेन को पाकिस्तान स्थित हरकत-उल-मुजाहिदीन नामक आतंकी संगठन के पांच आतंकियों ने पाकिस्तानी सेना के सक्रिय समर्थन और सहायता से हाईजैक किया था। आतंकियों ने हाईजैक करने के बाद प्लेन को अमृतसर और लाहौर में रुकवाया था, इसके बाद अंत में वे उसे अफगानिस्तान के कंधार ले गए थे।

इंडियन एयरलाइंस की हाईजैक की गई IC-814 फ्लाइट के चारों ओर तालिबानी लड़ाके तैनात थे।
इंडियन एयरलाइंस की हाईजैक की गई IC-814 फ्लाइट के चारों ओर तालिबानी लड़ाके तैनात थे।

24 दिसंबर 1999 की शाम नेपाल के काठमांडू से उड़े प्लेन को भारतीय सीमा में घुसते ही शाम करीब पांच बजे पांच आतंकियों ने हाईजैक कर लिया। वे इसे अमृतसर, लाहौर और दुबई होते हुए अफगानिस्तान के कंधार ले गए, जहां उस समय तालिबानी शासन था।

'पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का था हाईजैक के पीछे हाथ'

वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जब आतंकियों से बातचीत के लिए कंधार पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के दो लोग प्लेन में मौजूद थे, बाद में पाक खुफिया एजेंसी के कुछ और लोग वहां पहुंचे, उनमें से एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर था।

डोभाल ने कहा कि अगर आतंकियों को पाक खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन हासिल नहीं होता तो भारत इस संकट से बेहतर ढंग से निपट सकता था। भारत के किसी भी सैन्य अभियान से आतंकियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए तालिबान के लड़ाकों ने प्लेन को चारों ओर से घेर रखा था।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा था कि भारतीय प्लेन हाईजैक के पीछे ISI का हाथ था
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा था कि भारतीय प्लेन हाईजैक के पीछे ISI का हाथ था

शुरुआत में आतंकियों ने भारतीय जेलों में कैद 35 आतंकियों को छोड़ने के साथ ही 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर कैश (1488 करोड़ रुपए) दिए जाने की मांग की थी। लेकिन, भारत ने उनकी सभी मांगों को न मानते हुए केवल तीन आतंकियों मसूद अजहर, अहमद जरगर और शेख अहमद उमर सईद को रिहा किया था

WHO ने पहली बार की थी वुहान में ‘वायरल निमोनिया’ फैलने की पुष्टि

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 31 दिसंबर 2019 को पहली बार चीन के वुहान में ‘वायरल निमोनिया’ फैलने की पुष्टि की थी। इसी निमोनिया को बाद में कोरोना वायरस के रूप में पहचाना गया। चीन में पुष्टि के महज तीन महीने के अंदर ही दुनिया के अधिकतर देशों में कोरोना फैल गया। भारत में कोरोना का पहला मामला 30 जनवरी 2020 को आया था, जब वुहान से एक छात्रा केरल पहुंची थी।

कोरोना को 11 मार्च 2020 को WHO ने महामारी घोषित किया। उस समय तक भारत में कोरोना के कुल 71 मामले सामने आए थे। तब तक दुनिया भर में 1 लाख 48 हजार से ज्यादा मामले आ चुके थे। अकेले चीन में 80 हजार से ज्यादा कोविड-19 मरीज थे।

दुनिया भर में अब तक कोरोना के 28 करोड़ से ज्यादा केस आ चुके हैं और 54 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है
दुनिया भर में अब तक कोरोना के 28 करोड़ से ज्यादा केस आ चुके हैं और 54 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है

भारत में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च 2020 को देश के इतिहास में पहली बार लॉकडाउन लगाया गया। उस समय तक भारत में 571 केस आ चुके थे। भारत में 25 मार्च 2020 से 31 मई 2020 तक लॉकडाउन लगा रहा। एक जून से देश के अनलॉक होने की प्रक्रिया शुरू हुई। उस समय देश में कोरोना के 1 लाख 90 हजार से ज्यादा केस आ चुके थे। भारत में अब तक 3 करोड़ 48 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। अभी 82 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं और 4 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं दुनिया में अब तक 28 करोड़ 50 लाख से ज्यादा केस आ चुके हैं, जबकि 54 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे पहले कोरोना की शुरुआत जिस चीन से हुई थी, वहां अब तक कुल 1 लाख से अधिक केस ही सामने आए हैं और वह संक्रमित देशों की लिस्ट में दुनिया में 114वें नंबर पर पहुंच गया है।

भारत और दुनिया में 31 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं :

2004: ताइवान के ताइपे में ताइपे-101 नाम की दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनी। इसकी उंचाई 508 मीटर है। 2010 में दुबई की बुर्ज खलीफा ने इसका रिकॉर्ड तोड़ा। इसकी ऊंचाई 828 मीटर है।

1999: रूस के पहले राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने इस्तीफा दिया। उनकी जगह व्लादिमीर पुतिन रूस के राष्ट्रपति बने। पुतिन उस वक्त प्रधानमंत्री थे।

1984: कांग्रेस की भारी जीत के बाद राजीव गांधी ने दो महीने के भीतर दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

1956: मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रविशंकर शुक्ल का निधन हुआ। उनके बेटे श्यामाचरण शुक्ल भी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं।

1943: 'गांधी' फिल्म में गांधी की भूमिका निभाने वाले बेन किंग्सले का जन्म हुआ। किंग्सले के पिता रहीमतुल्ला हरजी भानजी गुजराती थे। किंग्सले का भारतीय नाम कृष्ण भानजी है।

1925: लेखक श्रीलाल शुक्ल का जन्म हुआ। वो उद्देश्यपूर्ण व्यंग्य लेखन के लिए विख्यात थे। राग दरबारी, अंगद का पांव, सूनी घाटी का सूरज उनकी अहम रचनाओं में से हैं।

1879: वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने दुनिया के सामने पहली बार लाइट बल्ब का प्रदर्शन किया।

1781: अमेरिका का पहला बैंक ‘बैंक ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ फिलाडेल्फिया में खुला।

1695: इंग्लैंड में विंडो टैक्स लगाया गया। उस वक्त जिन लोगों के घर में 10 या उससे ज्यादा खिड़कियां होती थीं। उन्हें इसके लिए टैक्स देना होता था।

1600: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की इंग्लिश रॉयल चार्टर के जरिए पूर्वी और दक्षिण पूर्व एशिया और भारत में कारोबार के लिए स्थापना हुई।