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आज का इतिहास:भारत के परमवीर सपूत कैप्‍टन विक्रम बत्रा आज 47 साल के होते, करगिल युद्ध में बुरी तरह घायल होने के बाद भी मार गिराए थे 5 दुश्मन

एक महीने पहले
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भारत माता के वीर सपूत शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की आज जयंती है। 9 सितंबर 1974 को पालमपुर में जी.एल. बत्रा और कमलकांता बत्रा के घर विक्रम का जन्म हुआ था।

विक्रम की स्कूली पढ़ाई पालमपुर में ही हुई। सेना छावनी का इलाका होने की वजह से विक्रम बचपन से ही सेना के जवानों को देखते थे। कहा जाता है कि यहीं से विक्रम खुद को सेना की वर्दी पहने देखने लगे।

स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद विक्रम आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चले गए। कॉलेज में वे एनसीसी एयर विंग में शामिल हो गए।

कॉलेज के दौरान ही उन्हें मर्चेंट नेवी के लिए चुना गया था, लेकिन उन्होंने अंग्रेजी में एमए के लिए दाखिला ले लिया। इसके बाद विक्रम सेना में शामिल हो गए। 1999 में करगिल युद्ध शुरू हो गया। इस वक्त विक्रम सेना की 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स में तैनात थे। विक्रम बत्रा के नेतृत्व में टुकड़ी ने हम्प व राकी नाब स्थानों को जीता और इस पर उन्हें कैप्टन बना दिया गया था।

श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर महत्वपूर्ण 5140 पॉइंट को पाक सेना से मुक्त कराया। बेहद दुर्गम क्षेत्र होने के बाद भी कैप्टन बत्रा ने 20 जून 1999 को सुबह तीन बजकर 30 मिनट पर इस चोटी को कब्जे में लिया। कैप्टन बत्रा ने जब रेडियो पर कहा- ‘यह दिल मांगे मोर’ तो पूरे देश में उनका नाम छा गया।

इसके बाद 4875 पॉइंट पर कब्जे का मिशन शुरू हुआ। तब आमने-सामने की लड़ाई में पांच दुश्मन सैनिकों को मार गिराया। गंभीर जख्मी होने के बाद भी उन्होंने दुश्मन की ओर ग्रेनेड फेंके। इस ऑपरेशन में विक्रम शहीद हो गए, लेकिन भारतीय सेना को मुश्किल हालातों में जीत दिलाई।

राष्ट्रपति के आर नारायणन शहीद विक्रम बत्रा के पिता को परमवीर चक्र देते हुए।
राष्ट्रपति के आर नारायणन शहीद विक्रम बत्रा के पिता को परमवीर चक्र देते हुए।

कैप्टन बत्रा को मरणोपरांत भारत सरकार ने परमवीर चक्र से सम्मानित किया। उनकी याद में पॉइंट 4875 को बत्रा टॉप नाम दिया गया।

2015: क्वीन एलिजाबेथ ने रचा इतिहास

6 फरवरी 1952 को क्वीन एलिजाबेथ ब्रिटेन की महारानी बनी थीं। आज ही के दिन 2015 में उन्होंने अपनी परदादी क्वीन विक्टोरिया के सबसे लंबे शासनकाल का कीर्तिमान तोड़ दिया था। 9 सितंबर 2015 को उन्हें ब्रिटेन की महारानी बने 63 साल 216 दिन हुए थे। इसी के साथ एलिजाबेथ ब्रिटेन पर सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली क्वीन बन गईं।

क्वीन एलिजाबेथ के राज्याभिषेक के दौरान की फोटो।
क्वीन एलिजाबेथ के राज्याभिषेक के दौरान की फोटो।

क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय इस समय यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जमैका, बारबडोस, बहामास, ग्रेनेडा, पापुआ न्यू गिनी जैसे कई देशों की महारानी हैं। वे कॉमनवेल्थ के 54 देशों की प्रमुख हैं और ब्रिटिश महारानी के तौर पर इंग्लिश चर्च की सुप्रीम गवर्नर हैं। भारत समेत कॉमनवेल्थ के 15 स्वतंत्र देशों की संवैधानिक महारानी हैं।

101 साल की हुई एएमयू

1856 में अलीगढ़ भारतीय मुसलमानों का सांस्कृतिक केंद्र बन गया था। सर सैयद अहमद खां ने यहां एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज बनाया था। कुछ ही दिनों में यह मुसलमानों को अंग्रेजी शिक्षा देने वाला प्रमुख केंद्र बन गया। 1920 में आज ही के दिन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बदल दिया गया। इस दौरान यह यूनिवर्सिटी राजनीतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बन चुकी थी। जब कॉलेज बना था, तब इसके पास 78 एकड़ जमीन थी, अब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का कैंपस एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है।

9 सितंबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2012: इसरो ने लगातार 21 सफल पीएसएलवी लॉन्च पूरे किए।

2006ः अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए इजराइल ने लेबनान की आठ हफ्तों की नौसैनिक घेराबंदी समाप्त की।

2005ः बीजिंग (चीन) स्थित छाओयांग पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण।

2004ः फ़िलीस्तीन के प्रधानमंत्री अहमद कुरेई ने अपने पद से इस्तीफा दिया।

1999ः भारत के महेश भूपति तथा जापान की आर्क सुगियामा की जोड़ी ने अमेरिकी ओपन का मिक्स डबल्स खिताब जीता।

1991ः तज़ाकिस्तान ने सोवियत संघ से स्वतंत्रता हासिल की।

1976: चीन के मार्क्सवादी नेता माओ जेडोंग की मौत हुई थी। 1949 में कम्युनिस्ट टेकओवर के बाद की अवधि में उनका चीन पर प्रभुत्व रहा।

1967ः युगांडा ब्रिटेन से आज़ाद हुआ।

1965ः तिब्बत चीन का स्वायत्त क्षेत्र बना।

1939ः द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नाजी सेना वर्साय पहुंची।

1948: यूएसएसआर की मदद से किम II-संग ने डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया बनाया।

1828: प्रसिद्ध रूसी लेखक लियो टॉलस्टॉय का जन्म हुआ।

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